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गाय, गंगा व गीता भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभ : स्वामी ज्ञानानंद
Mon, 27 Mar 2023 10:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 27 Mar 2023 10:10 PM IST
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सफीदों। गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने सोमवार को नगर के जींद रोड स्थित श्री गोशाला का दौरा किया। इस मौके पर उनके साथ हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सदस्य एडवोकेट विजयपाल सिंह विशेष रूप से मौजूद थे। इस दौरान स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गाय, गंगा व गीता भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभ है। इनका पूजन व संरक्षण करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। गोवंश और गोप-गोपियों की रक्षा करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को धारण किया था। हम सभी को अपने जीवन में गोवंश की सेवा व रक्षा का संकल्प अवश्य लेना चाहिए।
गोशाला समिति के अध्यक्ष शिवचरण कंसल व सचिव संजय देशवाल ने गौशाला पहुंचने पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज का फूलों की मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गौशाला का निरीक्षण करके यहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व खुशी जाहिर की। इस मौके पर स्वामी ज्ञानानंद ने अपने हाथों से गौमाता को गुड़ भी खिलाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौवंश को हमेशा महत्व दिया गया है। अब वैज्ञानिकों ने यह प्रमाणित किया है कि गाय के दूध, घी, गोबर, मूत्र की हमारे स्वास्थ्य संवर्धन के लिए कितनी आवश्यकता है। गाय अपने आप में एक चलता-फिरता डाक्टर है। गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास है। गाय हर तरह से पूजनीय व वंदनीय है।
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गोशाला समिति के अध्यक्ष शिवचरण कंसल व सचिव संजय देशवाल ने गौशाला पहुंचने पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज का फूलों की मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गौशाला का निरीक्षण करके यहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व खुशी जाहिर की। इस मौके पर स्वामी ज्ञानानंद ने अपने हाथों से गौमाता को गुड़ भी खिलाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौवंश को हमेशा महत्व दिया गया है। अब वैज्ञानिकों ने यह प्रमाणित किया है कि गाय के दूध, घी, गोबर, मूत्र की हमारे स्वास्थ्य संवर्धन के लिए कितनी आवश्यकता है। गाय अपने आप में एक चलता-फिरता डाक्टर है। गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास है। गाय हर तरह से पूजनीय व वंदनीय है।
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