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Jind News: गोवंश की सुरक्षा के लिए गोभक्तों ने की सड़क जाम
Sun, 18 Feb 2024 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 18 Feb 2024 11:24 PM IST
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18जेएनडी22: गोहाना रोड पर सडक़ जाम कर रहे गोभक्त। संवाद।
जींद। लघु सचिवालय के बाहर अनशन पर बैठे गोभक्त जगतानंद महाराज ने गोभक्तों के साथ रविवार दोपहर में गोहाना रोड जाम कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोभक्तों को समझाकर 10 मिनट में ही उठा दिया।
गोभक्त जगतानंद महाराज व सुमित लाठर ने कहा कि एक माह से गोभक्त अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से भी विरोध जताने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार रात को उन्हें अनशन से उठा लिया और उनका सामान जब्त कर लिया था, जबकि हडवारे चलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस के समझाने के बाद गोभक्तों ने जाम तो खोल दिया था, लेकिन गोभक्तों की मांग थी कि अधिकारी धरनास्थल पर उन्हें सामान वापस देकर जाएं। वहीं पुलिसकर्मियों का कहना था अगर उन्हें सामान वापस लेना है तो लिखित में एक प्रार्थना पत्र नगर परिषद के ईओ के पास देना होगा। ईओ फिर डीएमसी के पास प्रार्थना पत्र लेकर जाएंगे और उसके बाद गोभक्तों का सामान वापस दे दिया जाएगा, लेकिन गोभक्त नहीं माने। गोभक्तों को समझाने के लिए तहसीलदार रविंद्र हुड्डा भी गोभक्तों के पास पहुंचे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे।
सुमित लाठर ने कहा कि रविवार को पंचायत बुलाई गई थी, जो किसान आंदोलन के चलते अभी स्थगित कर दी गई है। रविवार शाम को किसान संगठनों की सरकार के साथ वार्ता है। उस वार्ता में जो निकलकर आएगा, उसके हिसाब से आगे की रणनीति बनाई जाएगी। गोभक्तों की मांग है कि सभी गोशालाओं में हडवारे बंद किए जाएं। गोचर भूमि से कब्जे छुड़वाए जाएं। गोशालाओं में गाय और अमेरिकन सांड़ को अलग-अलग रखा जाए। गायों की चारा डाइट के अनुसार अनुदान राशि तय की जाए। गोशालाओं की व्यवस्था में सुधार लाया जाए।
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गोभक्त जगतानंद महाराज व सुमित लाठर ने कहा कि एक माह से गोभक्त अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से भी विरोध जताने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार रात को उन्हें अनशन से उठा लिया और उनका सामान जब्त कर लिया था, जबकि हडवारे चलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस के समझाने के बाद गोभक्तों ने जाम तो खोल दिया था, लेकिन गोभक्तों की मांग थी कि अधिकारी धरनास्थल पर उन्हें सामान वापस देकर जाएं। वहीं पुलिसकर्मियों का कहना था अगर उन्हें सामान वापस लेना है तो लिखित में एक प्रार्थना पत्र नगर परिषद के ईओ के पास देना होगा। ईओ फिर डीएमसी के पास प्रार्थना पत्र लेकर जाएंगे और उसके बाद गोभक्तों का सामान वापस दे दिया जाएगा, लेकिन गोभक्त नहीं माने। गोभक्तों को समझाने के लिए तहसीलदार रविंद्र हुड्डा भी गोभक्तों के पास पहुंचे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे।
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सुमित लाठर ने कहा कि रविवार को पंचायत बुलाई गई थी, जो किसान आंदोलन के चलते अभी स्थगित कर दी गई है। रविवार शाम को किसान संगठनों की सरकार के साथ वार्ता है। उस वार्ता में जो निकलकर आएगा, उसके हिसाब से आगे की रणनीति बनाई जाएगी। गोभक्तों की मांग है कि सभी गोशालाओं में हडवारे बंद किए जाएं। गोचर भूमि से कब्जे छुड़वाए जाएं। गोशालाओं में गाय और अमेरिकन सांड़ को अलग-अलग रखा जाए। गायों की चारा डाइट के अनुसार अनुदान राशि तय की जाए। गोशालाओं की व्यवस्था में सुधार लाया जाए।

18जेएनडी22: गोहाना रोड पर सडक़ जाम कर रहे गोभक्त। संवाद।
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