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देर से हुई बारिश के कारण कम हुई कपास की बढ़वार

Mon, 19 Jul 2021 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 12:18 AM IST
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cotton growth decreased due to late rains
जींद। इस बार मानसून की बारिश देरी से होने के कारण जहां धान की रोपाई पर प्रतिकूल असर पड़ा है, वहीं कपास की फसल काफी कमजोर रह गई है। इससे किसानों को खरीफ की फसल में काफी समस्या आ रही है। हालांकि अब हुई बारिश के बाद कपास की फसल को अच्छी खुराक देकर पैदावार बढ़ाई जा सकती है।
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कपास की बिजाई अप्रैल महीने में की जाती है। अब अप्रैल के बाद जुलाई महीने में ही अच्छी बारिश हुई है। हालांकि मौसम सामान्य रहने के कारण इस बार कपास की फसल का जमाव अच्छा हुआ, लेकिन इसकी बढ़वार कम हो पाई। किसानों के अनुसार अब तक कपास की फसल चार फुट से अधिक ऊंची होनी चाहिए थी, लेकिन यह अभी तक तीन फुट तक ही पहुंची है। ऐसी अवस्था में कपास के पौधों में फूल भी आने लगे हैं। अब किसानों को डर सता रहा है कि कहीं पैदावार पर इसका असर न पड़े।
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सूखा रहने के कारण आई समस्या
इस बार बारिश देर से होने के कारण कपास की बढ़वार सामान्य से कुछ कम है। कपास की फसल में सूखा होने के कारण फूल और भी जल्दी आते हैं। हालांकि इनमें अधिकतर फूल गिर जाते हैं। ऐसे में अब बारिश होने के बाद किसान फसल की अच्छी देखभाल कर पैदावार बढ़ा सकते हैं। कपास की फसल में बारिश के बाद सबसे अधिक दिक्कत खरपतवार की आती है। इससे फसल की बढ़वार और रुक जाती है। ऐसे में सबसे पहले किसान खेत में निराई-गुड़ाई करवाएं। इसके बाद यदि पहले प्रति एकड़ के हिसाब से 45 किलोग्राम डीएपी नहीं दिया है तो अब निराई के बाद दिया जा सकता है।
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जिंक-यूरिया-डीएपी का घोल अपनाएं किसान
फसल में डाले गए उर्वरक ज्यादा काम नहीं करते। ऐसे में दो प्रतिशत डीएपी व यूरिया और 21 प्रतिशत वाली जिंक आधा किलोग्राम जिंक का घोल प्रति एकड़ में छिड़काव करें। 50 लीटर पानी में एक-एक किलोग्राम यूरिया व डीएपी मिलाने से यह दो प्रतिशत का घोल बन जाता है।

वर्जन-
मौसम के कारण कपास की फसल इस बार बढ़वार नहीं ले पा रही है। इसका असर पैदावार पर भी पड़ सकता है, लेकिन किसान फसल की अच्छी देखभाल करें और अतिरिक्त खुराक दें। किसान ध्यान रखें कि बिना कृषि विशेषज्ञ से सलाह किए कोई भी खाद या अन्य वस्तु फसल में नहीं दें। इससे नुकसान हो सकता है।
- डॉ. सुभाष चंद्र, खंड कृषि अधिकारी।
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