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कोरोना संक्रमण के मामले आने वाले गांव में जांच के लिए लोगों को लेने गई स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम का विरोध
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ग्रामीणों पर बल प्रयोग करते पुलिस कर्मचारी।
- फोटो : Jind
जींद। निडानी गांव में कोरोना के दो संक्रमित मामले सामने आने के बाद अब खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले लोगों के भी सैंपल लिए जाने हैं। इसको लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार शाम को गांव पहुंची। जहां ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव हो गया। इसके चलते पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। गांव से कुल 40 से अधिक लोगों को जांच के लिए लाना था, लेकिन फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम महज 15 लोगों को ही नागरिक अस्पताल लेकर आई है। इनमें 11 बड़े और चार बच्चे हैं।
गौरतलब है निडानी गांव में तब्लीगी जमात से आया एक युवक छह अप्रैल को पॉजिटिव आया था। इसके बाद से ही निडानी गांव को सील कर दिया गया था। इसके बाद 13 अप्रैल को गांव में दूसरे व्यक्ति में भी कोरोना की पुष्टी हो गई। इसके लिए गांव स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर सर्वे करवाया गया। एएनएम द्वारा गांव में किए गए सर्वे में सामने आया कि 40 से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनको खांस-जुकाम की शिकायत है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन लोगों के सैंपल लेने थे। वहीं गांव के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसके चलते ही पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
तीन दिन पहले भी गया था प्रशासन
सर्वे में खांसी-जुकाम के मरीज सामने आने के बाद तीन दिन पहले भी स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों को सैंपल लेने के लिए निडानी गांव में गई थी। तब भी ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम लौट आई। ऐसे में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ गई।
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दो एंबुलेंस से आए 15 लोग
स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार शाम करीब पांच बजे निडानी गांव में पहुंच गई थी। इसके बाद एक एंबुलेंस में 12 लोगों को बैठा लिए। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस में तीन लोगों को बैठा लिया गया। इनमें से एक व्यक्ति एंबुलेंस से उतर गया। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग व ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
175 लोगों की आई निगेटिव रिपोर्ट
जिले में कोरोना के चलते अब तक 175 लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें से सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। शुक्रवार तक भेजे गए सैंपल में से सभी की रिपोर्ट आ चुकी है। अब शनिवार को करीब 20 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
गांव में ही किया जाए क्वारंटीन
गांव के लोग पिछले 12 दिन से प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं। अब जिन लोगों को सैंपल लिए गए हैं, उनमें से अधिकतर महिलाएं हैं। ऐसे में गांव के लोग सैंपल के विरोध में नहीं हैं। सिर्फ इतना चाहते हैं कि उन्हें गांव में ही क्वारंटीन किया जाए। प्रशासन को भी यह स्थिति समझनी चाहिए।
अमित निडानी, जिला पार्षद।
घरों में किया जाएगा क्वारंटीन
निडानी गांव से लोगों को सैंपल के लिए लाया गया है। इनके सैंपल लेने के बाद इनको घरों में ही क्वारंटीन किया जाएगा। ग्रामीण चाह रहे हैं कि उन्हें बाहर नहीं रहना पड़े। अब रिपोर्ट भी एक दिन में ही आ जाती है, ऐसे में इनको घरों में क्वारंटीन किया जाएगा।
- डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन।
बॉक्स
नहीं करना पड़ा बल प्रयोग
शनिवार शाम को निडानी गांव में कुछ लोगों को सैंपल के लिए लेने टीम गई थी। वजीर नामक एक व्यक्ति ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में बाधा डालने का प्रयास किया। पुलिस ने इस तरह के विरोध को दरकिनार करते हुए 15 लोगों को स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस में अस्पताल भेज दिया। पुलिस को इसमें बल प्रयोग नहीं करना पड़ा।
- अश्विन शैण्वी, डीआईजी।
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गौरतलब है निडानी गांव में तब्लीगी जमात से आया एक युवक छह अप्रैल को पॉजिटिव आया था। इसके बाद से ही निडानी गांव को सील कर दिया गया था। इसके बाद 13 अप्रैल को गांव में दूसरे व्यक्ति में भी कोरोना की पुष्टी हो गई। इसके लिए गांव स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर सर्वे करवाया गया। एएनएम द्वारा गांव में किए गए सर्वे में सामने आया कि 40 से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनको खांस-जुकाम की शिकायत है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन लोगों के सैंपल लेने थे। वहीं गांव के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसके चलते ही पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
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तीन दिन पहले भी गया था प्रशासन
सर्वे में खांसी-जुकाम के मरीज सामने आने के बाद तीन दिन पहले भी स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों को सैंपल लेने के लिए निडानी गांव में गई थी। तब भी ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम लौट आई। ऐसे में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ गई।
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दो एंबुलेंस से आए 15 लोग
स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार शाम करीब पांच बजे निडानी गांव में पहुंच गई थी। इसके बाद एक एंबुलेंस में 12 लोगों को बैठा लिए। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस में तीन लोगों को बैठा लिया गया। इनमें से एक व्यक्ति एंबुलेंस से उतर गया। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग व ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
175 लोगों की आई निगेटिव रिपोर्ट
जिले में कोरोना के चलते अब तक 175 लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें से सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। शुक्रवार तक भेजे गए सैंपल में से सभी की रिपोर्ट आ चुकी है। अब शनिवार को करीब 20 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
गांव में ही किया जाए क्वारंटीन
गांव के लोग पिछले 12 दिन से प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं। अब जिन लोगों को सैंपल लिए गए हैं, उनमें से अधिकतर महिलाएं हैं। ऐसे में गांव के लोग सैंपल के विरोध में नहीं हैं। सिर्फ इतना चाहते हैं कि उन्हें गांव में ही क्वारंटीन किया जाए। प्रशासन को भी यह स्थिति समझनी चाहिए।
अमित निडानी, जिला पार्षद।
घरों में किया जाएगा क्वारंटीन
निडानी गांव से लोगों को सैंपल के लिए लाया गया है। इनके सैंपल लेने के बाद इनको घरों में ही क्वारंटीन किया जाएगा। ग्रामीण चाह रहे हैं कि उन्हें बाहर नहीं रहना पड़े। अब रिपोर्ट भी एक दिन में ही आ जाती है, ऐसे में इनको घरों में क्वारंटीन किया जाएगा।
- डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन।
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नहीं करना पड़ा बल प्रयोग
शनिवार शाम को निडानी गांव में कुछ लोगों को सैंपल के लिए लेने टीम गई थी। वजीर नामक एक व्यक्ति ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में बाधा डालने का प्रयास किया। पुलिस ने इस तरह के विरोध को दरकिनार करते हुए 15 लोगों को स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस में अस्पताल भेज दिया। पुलिस को इसमें बल प्रयोग नहीं करना पड़ा।
- अश्विन शैण्वी, डीआईजी।