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किसानों की चेतावनी के चलते चीनी मिल के पेराई सत्र का उद्घाटन करने नहीं पहुंचे सहकारिता मंत्री
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चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ करते एमडी प्रवीण कुमार व मौजूद किसान। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। द जींद सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ वीरवार दोपहर बाद मिल के एमडी ने किया। हालांकि प्रशासन ने पहले सहकारिता मंत्र डॉ. बनवारी लाल के आने की सूचना दी थी, लेकिन किसानों ने उनके विरोध का एलान किया था। ऐसे में वे नहीं आए। हालांकि उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंस से कार्यक्रम को संबोधित किया।
मिल प्रबंधन ने पेराई सत्र की शुरुआत के हिसाब से 20 हजार क्विंटल गन्ना लाने के लिए किसानों को पर्चियां भेजी थी। लेकिन करीब 30 किसान गन्ना लेकर मिल में पहुंचे। कुछ किसान बुधवार शाम को ही चीनी मिल में पहुंच गए थे। पहले गन्ना लेकर आने वाले 11 किसानों को सम्मानित किया गया। एमडी प्रवीन कुमार ने बताया कि मिल से 290 गांवों के 2600 किसान जुड़े हुए हैं। इस बार 39 लाख क्विंटल गन्ने का पंजीकरण हुआ है। 10 प्रतिशत चीनी रिकवरी का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल 30.14 लाख क्विंटल गन्ने से 294950 क्विंटल चीनी तैयार की गई थी। इस बार 32 लाख क्विंटल गन्ने से 3.20 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन करने का लक्ष्य है। उद्घाटन के मौके पर जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक हुड्डा, केन मैनेजर रोहताश लाठर, चीफ केमिस्ट अमरीश भार्गव, चीफ इंजीनियर हरिओम शर्मा, शुगर मिल बोर्ड के डायरेक्टर फूल कुमार, सतबीर सिंह, सतीश नैन, रोहताश ढांडा व इंद्रापति मौजूद रहे।
अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हुआ सत्र
हालांकि मिल प्रबंधन द्वारा पेराई सत्र का शुभारंभ कर दिया गया है, लेकिन अभी मिल पूरी तरह से तैयार नहीं है। मिल में बायलर शुरू होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में उद्घाटन के बावजूद देर शाम तक गन्ने की पेराई का काम शुरू नहीं हो सका।
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विरोध के लिए तैयार रहे किसान
हालांकि बुधवार को ही सहकारिता मंत्री के आने पर किसानों विरोध की चेतावनी दे दी थी और उनका कार्यक्रम रद्द हो चुका था। बावजूद इसके किसान सुबह से ही यहां काले झंडे लेकर डटे रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां आंदोलनकारी किसानों के साथ मिल में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों का आंदोलन चल रहा है, भाजपा व जजपा के मंत्री व विधायकों का विरोध किया जाएगा।
हरियाणा में गन्ने का भाव सबसे अधिक
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने वीडियो कान्फ्रेंस में कहा कि हरियाणा में गन्ने का भाव सबसे ज्यादा है। गन्ने की अगैती किस्म का 362 रुपये और पछेती किस्म की 355 रुपये क्विंटल भाव निर्धारित है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि इस पेराई सत्र में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दें। उन्होंने कहा कि चीनी मिल घाटे में चल रही है। इसे केवल चीनी बनाकर पूरा नहीं किया जा सकता। यहां इथेनॉल, गुड़, शक्कर, रिफाइंड शुगर बनाई जाएंगी। इससे मिल का मुनाफा बढ़ेगा।
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मिल प्रबंधन ने पेराई सत्र की शुरुआत के हिसाब से 20 हजार क्विंटल गन्ना लाने के लिए किसानों को पर्चियां भेजी थी। लेकिन करीब 30 किसान गन्ना लेकर मिल में पहुंचे। कुछ किसान बुधवार शाम को ही चीनी मिल में पहुंच गए थे। पहले गन्ना लेकर आने वाले 11 किसानों को सम्मानित किया गया। एमडी प्रवीन कुमार ने बताया कि मिल से 290 गांवों के 2600 किसान जुड़े हुए हैं। इस बार 39 लाख क्विंटल गन्ने का पंजीकरण हुआ है। 10 प्रतिशत चीनी रिकवरी का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल 30.14 लाख क्विंटल गन्ने से 294950 क्विंटल चीनी तैयार की गई थी। इस बार 32 लाख क्विंटल गन्ने से 3.20 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन करने का लक्ष्य है। उद्घाटन के मौके पर जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक हुड्डा, केन मैनेजर रोहताश लाठर, चीफ केमिस्ट अमरीश भार्गव, चीफ इंजीनियर हरिओम शर्मा, शुगर मिल बोर्ड के डायरेक्टर फूल कुमार, सतबीर सिंह, सतीश नैन, रोहताश ढांडा व इंद्रापति मौजूद रहे।
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अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हुआ सत्र
हालांकि मिल प्रबंधन द्वारा पेराई सत्र का शुभारंभ कर दिया गया है, लेकिन अभी मिल पूरी तरह से तैयार नहीं है। मिल में बायलर शुरू होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में उद्घाटन के बावजूद देर शाम तक गन्ने की पेराई का काम शुरू नहीं हो सका।
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विरोध के लिए तैयार रहे किसान
हालांकि बुधवार को ही सहकारिता मंत्री के आने पर किसानों विरोध की चेतावनी दे दी थी और उनका कार्यक्रम रद्द हो चुका था। बावजूद इसके किसान सुबह से ही यहां काले झंडे लेकर डटे रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां आंदोलनकारी किसानों के साथ मिल में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों का आंदोलन चल रहा है, भाजपा व जजपा के मंत्री व विधायकों का विरोध किया जाएगा।
हरियाणा में गन्ने का भाव सबसे अधिक
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने वीडियो कान्फ्रेंस में कहा कि हरियाणा में गन्ने का भाव सबसे ज्यादा है। गन्ने की अगैती किस्म का 362 रुपये और पछेती किस्म की 355 रुपये क्विंटल भाव निर्धारित है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि इस पेराई सत्र में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दें। उन्होंने कहा कि चीनी मिल घाटे में चल रही है। इसे केवल चीनी बनाकर पूरा नहीं किया जा सकता। यहां इथेनॉल, गुड़, शक्कर, रिफाइंड शुगर बनाई जाएंगी। इससे मिल का मुनाफा बढ़ेगा।