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बूथ पर बस लगाने को लेकर रोडवेज कर्मचारियों व प्राइवेट बस के चालक-परिचालक के बीच कहासुनी
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जींद। रोडवेज व प्राइवेट बस के चालक व परिचालकों में बूथ पर बस लगाने को लेकर अक्सर झगड़े होते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को सामने आया। शनिवार को हुए झगड़े में प्राइवेट बस कर्मचारियों व रोडवेज कर्मचारियों ने एक दूसरे पर बूथ पर बस लगाने को लेकर मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों ने डिपो महाप्रबंधक को शिकायत दी है। फिलहाल इस मामले में रोडवेज के महाप्रबंधक बिजेंद्र सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार सुबह आठ बजकर 49 मिनट पर असंध जाने वाली प्राइवेट बस समय पर नहीं पहुंची। असंध जाने वाले यात्री ज्यादा थे। यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर रोडवेज बस बूथ पर लगवानी चाही तो उसी समय प्राइवेट बस के एक चालक व परिचालक ने बीच में आकर रोडवेज बस को बूथ पर लगने नहीं दिया। जब रोडवेज बस यात्रियों को लेकर निकली तो प्राइवेट बस परिचालक ने बस स्टैंड के गेट पर रोडवेज बस को रुकवा दिया और बस स्टैंड का गेट बंद कर दिया। आरोप है कि जब स्टैंड इंचार्ज कर्मबीर व रोडवेज चालक सुदर्शन गेट पर पहुंचे तो प्राइवेट बस के चालक व परिचालक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। वहीं प्राइवेट बस के चालक व परिचालक द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार सुबह आठ बजकर 52 मिनट पर बस स्टैंड परिसर में करनाल डिपो की बस पहुंची थी। रोडवेज कर्मचारियों ने इस दौरान यात्रियों को करनाल डिपो की रोडवेज बस में बैठाना शुरू कर दिया। उस समय करनाल डिपो की रोडवेज बस का समय नहीं था। वहीं बस स्टैंड के गेट पर प्राइवेट बस के चालक व परिचालक के साथ रोडवेज कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मनमानी के आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
प्राइवेट बस समिति के चालक व परिचालकों का रोडवेज कर्मचारियों के साथ व्यवहार अच्छा नहीं है। प्राइवेट बस वाले अपनी मनमानी करते हैं। शनिवार को बूथ पर बस लगाने को लेकर भी प्राइवेट बस के चालक व परिचालक ने अपनी मनमानी करते हुए रोडवेज कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। डिपो महाप्रबंधक को इसकी शिकायत दी गई है। नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, नहीं तो रोडवेज कर्मचारी मीटिंग बुलाकर आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।
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-रामनिवास खरक बूरा, प्रेस प्रवक्ता, हरियाणा कर्मचारी महासंघ।
डिपो महाप्रबंधक प्राइवेट बस के चालक व परिचालकों के साथ पक्षपात करते हैं। बस स्टैंड में बूथ पर बस लगाने के लिए प्राइवेट बस के चालक व परिचालक को केवल दस मिनट की अनुमति दी जाती है, जबकि डिपो महाप्रबंधक डिपो की रोडवेज बसों को आधा आधा घंटा बूथ पर लगाए रखते हैं। डिपो महाप्रबंधक को चाहिए कि प्राइवेट बस के चालक व परिचालक के साथ पक्षपात नहीं करते हुए उन्हें भी बूथ पर बस लगाने का पर्याप्त समय दिया जाए।
-अजय कुमार, जिला प्रधान, प्राइवेट बस यूनियन।
सुबह रोडवेज कर्मचारियों व प्राइवेट बस के चालक-परिचालकों का बूथ पर बस लगाने को लेकर हुए झगड़े का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच टीएम को सौंप दी गई है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके हिसाब से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम, जींद डिपो।
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रोडवेज कर्मचारियों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार सुबह आठ बजकर 49 मिनट पर असंध जाने वाली प्राइवेट बस समय पर नहीं पहुंची। असंध जाने वाले यात्री ज्यादा थे। यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर रोडवेज बस बूथ पर लगवानी चाही तो उसी समय प्राइवेट बस के एक चालक व परिचालक ने बीच में आकर रोडवेज बस को बूथ पर लगने नहीं दिया। जब रोडवेज बस यात्रियों को लेकर निकली तो प्राइवेट बस परिचालक ने बस स्टैंड के गेट पर रोडवेज बस को रुकवा दिया और बस स्टैंड का गेट बंद कर दिया। आरोप है कि जब स्टैंड इंचार्ज कर्मबीर व रोडवेज चालक सुदर्शन गेट पर पहुंचे तो प्राइवेट बस के चालक व परिचालक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। वहीं प्राइवेट बस के चालक व परिचालक द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार सुबह आठ बजकर 52 मिनट पर बस स्टैंड परिसर में करनाल डिपो की बस पहुंची थी। रोडवेज कर्मचारियों ने इस दौरान यात्रियों को करनाल डिपो की रोडवेज बस में बैठाना शुरू कर दिया। उस समय करनाल डिपो की रोडवेज बस का समय नहीं था। वहीं बस स्टैंड के गेट पर प्राइवेट बस के चालक व परिचालक के साथ रोडवेज कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मनमानी के आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
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प्राइवेट बस समिति के चालक व परिचालकों का रोडवेज कर्मचारियों के साथ व्यवहार अच्छा नहीं है। प्राइवेट बस वाले अपनी मनमानी करते हैं। शनिवार को बूथ पर बस लगाने को लेकर भी प्राइवेट बस के चालक व परिचालक ने अपनी मनमानी करते हुए रोडवेज कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। डिपो महाप्रबंधक को इसकी शिकायत दी गई है। नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, नहीं तो रोडवेज कर्मचारी मीटिंग बुलाकर आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।
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-रामनिवास खरक बूरा, प्रेस प्रवक्ता, हरियाणा कर्मचारी महासंघ।
डिपो महाप्रबंधक प्राइवेट बस के चालक व परिचालकों के साथ पक्षपात करते हैं। बस स्टैंड में बूथ पर बस लगाने के लिए प्राइवेट बस के चालक व परिचालक को केवल दस मिनट की अनुमति दी जाती है, जबकि डिपो महाप्रबंधक डिपो की रोडवेज बसों को आधा आधा घंटा बूथ पर लगाए रखते हैं। डिपो महाप्रबंधक को चाहिए कि प्राइवेट बस के चालक व परिचालक के साथ पक्षपात नहीं करते हुए उन्हें भी बूथ पर बस लगाने का पर्याप्त समय दिया जाए।
-अजय कुमार, जिला प्रधान, प्राइवेट बस यूनियन।
सुबह रोडवेज कर्मचारियों व प्राइवेट बस के चालक-परिचालकों का बूथ पर बस लगाने को लेकर हुए झगड़े का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच टीएम को सौंप दी गई है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके हिसाब से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम, जींद डिपो।