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Jind News: निर्माण मजदूरों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ फूंका पुतला, पोर्टल पर लगाई शर्तें वापस लेने की मांग
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19जेएनडी16: लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे निर्माण मजदूर। संवाद
जींद। जिलेभर के सैंकड़ों निर्माण मजदूरों ने शुक्रवार को सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान शहर में श्रम मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री नायब सैनी के पुतले की शव यात्रा निकाल पुतला दहन किया।
संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के आह्वान पर लघु सचिवालय में जींद ब्लॉक स्तरीय मजदूर पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की संयुक्त अध्यक्षता सीटू के जिला एवं ब्लॉक प्रधान जोगेंद्र ईगराह और इंटक के नेता सतीश बड़ौदा ने की।
पंचायत में जिले के गांवों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में निर्माण मजदूरों ने भाग लिया। मजदूर नेता संदीप जाजवान, कपूर सिंह, कॉमरेड रमेश चंद्र और धर्मबीर लोहान ने विशेष रूप से मनरेगा मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड की सदस्यता और सुविधाओं से बाहर करने के निर्णय की कड़ी आलोचना की।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण मजदूर केवल निर्माण कार्य पर निर्भर नहीं रह सकते। उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए निर्माण कार्य के साथ-साथ मनरेगा में भी काम करना पड़ता है। ऐसे में मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों को बोर्ड की सुविधाओं से वंचित करना उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों पर सीधा हमला है।
पंचायत में उपस्थित मजदूरों ने सरकार से मांग की कि श्रमिक कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर लगाई गई सभी अव्यावहारिक शर्तों को तत्काल हटाया जाए। सभी पात्र निर्माण मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण बिना किसी बाधा के सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मनरेगा मजदूरों को बोर्ड से बाहर करने का आदेश तुरंत वापस लिया जाए और सभी लंबित सुविधाओं का भुगतान शीघ्र किया जाए।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मजदूरों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा हरियाणा आंदोलन को और तेज करेगा। इस अवसर पर ब्लॉक सचिव पवन कुमार, रणबीर सिंह, कश्मीर सिंह, रामदास, राजेश बराह, सुभान, रमेश बरसोला, संतोष, कविता, सरोज, संजीव झांज और बलजीत मौजूद रहे।
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संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के आह्वान पर लघु सचिवालय में जींद ब्लॉक स्तरीय मजदूर पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की संयुक्त अध्यक्षता सीटू के जिला एवं ब्लॉक प्रधान जोगेंद्र ईगराह और इंटक के नेता सतीश बड़ौदा ने की।
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पंचायत में जिले के गांवों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में निर्माण मजदूरों ने भाग लिया। मजदूर नेता संदीप जाजवान, कपूर सिंह, कॉमरेड रमेश चंद्र और धर्मबीर लोहान ने विशेष रूप से मनरेगा मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड की सदस्यता और सुविधाओं से बाहर करने के निर्णय की कड़ी आलोचना की।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण मजदूर केवल निर्माण कार्य पर निर्भर नहीं रह सकते। उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए निर्माण कार्य के साथ-साथ मनरेगा में भी काम करना पड़ता है। ऐसे में मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों को बोर्ड की सुविधाओं से वंचित करना उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों पर सीधा हमला है।
पंचायत में उपस्थित मजदूरों ने सरकार से मांग की कि श्रमिक कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर लगाई गई सभी अव्यावहारिक शर्तों को तत्काल हटाया जाए। सभी पात्र निर्माण मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण बिना किसी बाधा के सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मनरेगा मजदूरों को बोर्ड से बाहर करने का आदेश तुरंत वापस लिया जाए और सभी लंबित सुविधाओं का भुगतान शीघ्र किया जाए।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मजदूरों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा हरियाणा आंदोलन को और तेज करेगा। इस अवसर पर ब्लॉक सचिव पवन कुमार, रणबीर सिंह, कश्मीर सिंह, रामदास, राजेश बराह, सुभान, रमेश बरसोला, संतोष, कविता, सरोज, संजीव झांज और बलजीत मौजूद रहे।