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Jind News: टेस्ट में पास होने पर ही फार्मेसी विद्यार्थियों को दिया जाएगा कंपीलिशन सर्टिफिकेट
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जींद। अब जिला नागरिक अस्पताल में फार्मासिस्ट का प्रशिक्षण लेने आए प्रशिक्षुओं को कंपलीशन सर्टिफिकेट (प्रशिक्षण-प्रमाण पत्र) प्राप्त करने के लिए टैस्ट देना होगा। बिना टैस्ट पास किए प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया है कि प्रशिक्षण लेने आए फार्मासिस्ट दवा खिड़की पर बिना फार्मेसी अधिकारी के पूछे दवा पर्चियों पर क्रॉस के निशान लगा रहे हैं। जो फार्मेसी अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रही है। दवा होने के बावजूद भी मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और प्रशिक्षुओं की लापरवाही के चलते उन्हें बाहर जाकर मेडिकल स्टोरों से महंगें दामों में दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं।
नागरिक अस्पताल में मेडिकल नर्सिंग कॉलेज में फार्मासिस्ट का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों की अप्रेेंटिक्स लगती है जो छह से एक साल तक की होती है। इस दौरान इन छात्रों को दवा खिड़की पर तैनात किया जाता है, जो फार्मेसी अधिकारी की देखरेख में काम करते हैं। यहां खिड़की पर दवा लेने आने वाले मरीजों को फार्मेसी छात्र दवा देने का काम करते हैं। इस दौरान अगर छात्र को कोई भी परेशानी होती है तो मौके पर मौजूद फार्मेसी अधिकारी से पूछताछ कर दवाई देते हैं। पिछले कई दिनों से अस्पताल में कार्यरत प्रशिक्षु फार्मेसी छात्र दवा पर्ची पर क्रॉस का निशान लगा रहे थे और दवा नहीं होने की बात कह रहे थे। इसकी शिकायत स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंची थी।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिकायत पर लिया संज्ञान
स्वास्थ्य अधिकारियों को शिकायत मिली कि दवा खिड़की पर कार्य सीख रहे प्रशिक्षु बिना फार्मेसी अधिकारी के पूछे मरीजों की ओपीडी स्लिप पर क्रॉस लगा रहे हैं। जिससे अधिकारियों का लगा कि फार्मेसी छात्र बिना किसी फार्मेसी अधिकारी के सुपरविजन के कार्य कर रहे हैं। फार्मेसी अधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिस पर निर्णय लिया गया है कि फार्मेसी छात्र को कंपीलिशन सर्टिफिकेट देने के लिए पहले टैस्ट लिया जाएगा। यदि छात्र टैस्ट में पास होता है तो उसे कंपीलिशन सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा जबकि टैस्ट में फेल होने पर छात्र का ट्रेनिंग टाइम बढ़ा दिया जाएगा।
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फार्मेसी छात्रों की लापरवाही की शिकायत मिली थी। इस पर निर्णय लिया गया है कि फार्मेसी छात्र को कंपीलिशन सर्टिफिकेट देने के लिए पहले टैस्ट लिया जाएगा। पास होने पर ही उसे कंपीलिशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। - डॉक्टर राजेश भोला, डिप्टी सीएमओ, नागरिक अस्पताल।
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नागरिक अस्पताल में मेडिकल नर्सिंग कॉलेज में फार्मासिस्ट का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों की अप्रेेंटिक्स लगती है जो छह से एक साल तक की होती है। इस दौरान इन छात्रों को दवा खिड़की पर तैनात किया जाता है, जो फार्मेसी अधिकारी की देखरेख में काम करते हैं। यहां खिड़की पर दवा लेने आने वाले मरीजों को फार्मेसी छात्र दवा देने का काम करते हैं। इस दौरान अगर छात्र को कोई भी परेशानी होती है तो मौके पर मौजूद फार्मेसी अधिकारी से पूछताछ कर दवाई देते हैं। पिछले कई दिनों से अस्पताल में कार्यरत प्रशिक्षु फार्मेसी छात्र दवा पर्ची पर क्रॉस का निशान लगा रहे थे और दवा नहीं होने की बात कह रहे थे। इसकी शिकायत स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंची थी।
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स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिकायत पर लिया संज्ञान
स्वास्थ्य अधिकारियों को शिकायत मिली कि दवा खिड़की पर कार्य सीख रहे प्रशिक्षु बिना फार्मेसी अधिकारी के पूछे मरीजों की ओपीडी स्लिप पर क्रॉस लगा रहे हैं। जिससे अधिकारियों का लगा कि फार्मेसी छात्र बिना किसी फार्मेसी अधिकारी के सुपरविजन के कार्य कर रहे हैं। फार्मेसी अधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिस पर निर्णय लिया गया है कि फार्मेसी छात्र को कंपीलिशन सर्टिफिकेट देने के लिए पहले टैस्ट लिया जाएगा। यदि छात्र टैस्ट में पास होता है तो उसे कंपीलिशन सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा जबकि टैस्ट में फेल होने पर छात्र का ट्रेनिंग टाइम बढ़ा दिया जाएगा।
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फार्मेसी छात्रों की लापरवाही की शिकायत मिली थी। इस पर निर्णय लिया गया है कि फार्मेसी छात्र को कंपीलिशन सर्टिफिकेट देने के लिए पहले टैस्ट लिया जाएगा। पास होने पर ही उसे कंपीलिशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। - डॉक्टर राजेश भोला, डिप्टी सीएमओ, नागरिक अस्पताल।