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Jind News: 60 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों की लगेगी कक्षा
Sun, 11 Jun 2023 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 11 Jun 2023 11:51 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। इस बार दसवीं और 12वीं कक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा है। अब उन स्कूलों के गुरुजनों की कक्षा लगाई जाएगी, ताकि वे खुद बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थियों के भविष्य को निखार सकें। इसके लिए पहले इन गुरुजनों को शिक्षा का बेहतर ज्ञान देकर इनको निखारने की योजना राज्य प्रशिक्षण नीति के तहत बनाई गई है।
ऐसे गुरुजनों को अब 30 जून तक प्रशिक्षण दिया जाएगा और पढ़ाई से उत्कृष्ट तरीके की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से प्रशिक्षित शिक्षक जिला स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में 60 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ वह प्राध्यापक भाग लेंगे जिन प्राध्यापकों ने कोई भी बोर्ड की कक्षा नहीं पढ़ाई है। इसके अलावा जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। वहां के दस प्रतिभागी भी भाग लेंगे। ग्रुप में प्रतिभागी की संख्या 50 से कम होने की स्थिति में शेष प्राध्यापकों को शामिल किया जाएगा। तीन सप्ताह चलने वाले प्रशिक्षण में पहले सप्ताह अंग्रेजी, हिंदी व इतिहास, दूसरे सप्ताह वाणिज्य, गणित व अर्थशास्त्र और तीसरे सप्ताह भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान के प्राध्यापक भाग लेंगे। प्रशिक्षण तीन सप्ताह में कराया जाएगा। पहले सप्ताह में अंग्रेजी, हिंदी व इतिहास, दूसरे सप्ताह वाणिज्य, गणित व अर्थशास्त्र और तीसरे सप्ताह भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्राध्यापक भाग लेंगे।
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कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों की मांगी थी रिपोर्ट
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से कक्षा 10 वीं और 12 वीं का परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के खराब परीक्षा परिणाम वाले सरकारी स्कूलों की रिपोर्ट तैयार की थी। जिले के 12 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनका कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से भी कम रहा है और 12 वीं में जिले के छह स्कूल हैं, जिसका प्रदर्शन खराब रहा है। दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में जिले का इस बार पांचवां स्थान था, जबकि पिछली बार जिला प्रदेश में 9 वें स्थान पर था। हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार 10 वीं व 12 वीं कक्षा का परिणाम बेहतर रहा है, लेकिन जिन स्कूलों का परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा, उन स्कूल के शिक्षकों को अब प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा है। उन स्कूलों के अध्यापकों को अब 30 जून तक कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि उनकी कमियों को दूर किया जा सके। इस परीक्षण के बाद आगामी वर्ष में इन अध्यापकों के परीक्षा परिणाम का आंकलन किया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत अध्यापक विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दे सकें।-रोहताश वर्मा जिला शिक्षा अधिकारी जींद।
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जींद। इस बार दसवीं और 12वीं कक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा है। अब उन स्कूलों के गुरुजनों की कक्षा लगाई जाएगी, ताकि वे खुद बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थियों के भविष्य को निखार सकें। इसके लिए पहले इन गुरुजनों को शिक्षा का बेहतर ज्ञान देकर इनको निखारने की योजना राज्य प्रशिक्षण नीति के तहत बनाई गई है।
ऐसे गुरुजनों को अब 30 जून तक प्रशिक्षण दिया जाएगा और पढ़ाई से उत्कृष्ट तरीके की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से प्रशिक्षित शिक्षक जिला स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में 60 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ वह प्राध्यापक भाग लेंगे जिन प्राध्यापकों ने कोई भी बोर्ड की कक्षा नहीं पढ़ाई है। इसके अलावा जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। वहां के दस प्रतिभागी भी भाग लेंगे। ग्रुप में प्रतिभागी की संख्या 50 से कम होने की स्थिति में शेष प्राध्यापकों को शामिल किया जाएगा। तीन सप्ताह चलने वाले प्रशिक्षण में पहले सप्ताह अंग्रेजी, हिंदी व इतिहास, दूसरे सप्ताह वाणिज्य, गणित व अर्थशास्त्र और तीसरे सप्ताह भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान के प्राध्यापक भाग लेंगे। प्रशिक्षण तीन सप्ताह में कराया जाएगा। पहले सप्ताह में अंग्रेजी, हिंदी व इतिहास, दूसरे सप्ताह वाणिज्य, गणित व अर्थशास्त्र और तीसरे सप्ताह भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्राध्यापक भाग लेंगे।
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कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों की मांगी थी रिपोर्ट
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से कक्षा 10 वीं और 12 वीं का परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के खराब परीक्षा परिणाम वाले सरकारी स्कूलों की रिपोर्ट तैयार की थी। जिले के 12 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनका कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से भी कम रहा है और 12 वीं में जिले के छह स्कूल हैं, जिसका प्रदर्शन खराब रहा है। दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में जिले का इस बार पांचवां स्थान था, जबकि पिछली बार जिला प्रदेश में 9 वें स्थान पर था। हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार 10 वीं व 12 वीं कक्षा का परिणाम बेहतर रहा है, लेकिन जिन स्कूलों का परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा, उन स्कूल के शिक्षकों को अब प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा है। उन स्कूलों के अध्यापकों को अब 30 जून तक कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि उनकी कमियों को दूर किया जा सके। इस परीक्षण के बाद आगामी वर्ष में इन अध्यापकों के परीक्षा परिणाम का आंकलन किया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत अध्यापक विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दे सकें।-रोहताश वर्मा जिला शिक्षा अधिकारी जींद।