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बूंद-बूंद को तरसा किलाजफरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Sat, 09 Jan 2016 12:19 AM IST
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एक जमाना था जब गांव में सभी सुविधाएं होने के चलते जींद के महाराजा ने अपना पड़ाव डालने के लिए किला जफरगढ़ गांव को चुना और उसमें एक किले का निर्माण भी कराया। गांव का जुड़ाव सीधा प्रजा से हो गया और गांव में खुशहाली की बयार बहने लगी। लेकिन आज वक्त ऐसा है कि गांव के लोग पानी की एक बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
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हालत यह है कि गांव के सभी तालाब सूख गए हैं। इसकी वजह से ग्रामीणों को दूर-दराज से पीने का पानी लाना पड़ रहा है, वहीं गांव में पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। इसके लिए ग्रामीण सीएम से लेकर सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को गुहार लगा चुके है, लेकिन पिछले 11 साल से ग्रामीण पशुओं के पानी के लिए तरस रहे हैं। लोगों का कहना है कि पानी की इतनी दिक्कत होने के चलते ग्रामीण पशुपालन करने से भी कतराने लगे हैं।
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गांव के छह तालाब सूखे
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में इस समय नये-पुराने कुल छह तालाब हैं। इसमें सभी सूख गए हैं। इसमें से एक-दो तालाब में मात्र एक फुट तक पानी है, वह भी पशुओं के पीने के लायक नहीं है। ऐसे में ग्रामीण परेशान हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पानी की कमी के चलते जहां उनके पशु बीमार हो रहे हैं, वहीं दुधारू पशुओं का दूध भी कम हो गया है।
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सांसद के सामने भी किया था हंगामा
पिछले माह सोनीपत लोकसभा के सांसद रमेश कौशिक गांव में आरओ का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे तो महिलाओं ने उसका घेराव किया था। उस दौरान महिलाओं ने कहा था कि गांव में पानी ही नहीं है तो आरओ का क्या फायदा होगा। महिलाओं ने गांव के तालाब में पानी भरने की मांग की। इस पर सांसद ने भी उन्हें केवल आश्वासन दिया गया।
ग्रामीण सतबीर ने कहा कि सिंचाई और पेयजल के लिए उनका गांव पूरी तरह से किला जफरगढ़ माइनर पर निर्भर है। लेकिन गांव के सभी तालाब सूखे पड़े हैं। पशुओं को पानी पिलाने में भी दिक्कत आ रही है।
सीएम से लेकर आला अधिकारियों से लगा चुके है गुहार
ग्रामीण जसबीर ने बताया कि गांव में 11 साल से पानी की दिक्कत है। इसके लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से चार बार मिले और अब भी सीएम से कई बार मिल चुके हैं। इसके लिए डीसी से भी मिले और उन्होंने सिंचाई विभाग को आदेश दे दिए। आदेश के बाद सुंदर ब्रांच 22 दिन चली, लेकिन तालाबों में पानी नहीं भरा।
जल्द होगा समाधान
डीसी विनय सिंह ने बताया कि किलाजफरगढ़ के तालाबों में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीण उसने मिले थे। इसके लिए पानी भरने का भी प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिला। गांव के तालाबों में पानी भरने की कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।