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Jind News: शहर की हवा प्रदूषित, प्राइमरी स्कूल बंद, ऑनलाइन होगी पढ़ाई
Wed, 08 Nov 2023 12:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 08 Nov 2023 12:53 AM IST
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07जेएनडी26: जिला में एक्यूआई के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद भी चल रहा निर्माण कार्य।
-ग्रैप-4 में पहुंचा जिला, निर्माण कार्य पर नहीं लगी रोक
-रेड व येलो जोन के गांवों में एसडीएम करेंगे लोगों को जागरूक
-- आंखों व सांस के रोगियों की अस्पतालों में बढ़ी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में बढ़ रहे प्रदूषण के चलते जिला प्रशासन ने प्राइमरी स्कूलों को आगामी आदेश तक बंद कर दिया है। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने निर्देश दिया कि कक्षा एक से 5वीं कक्षा तक की छुट्टी आगामी आदेशों तक जारी रहेगी। जींद का एक्यूआई 447 अधिकतम तो न्यूनतम 333 पर रहा। यह बेहद गंभीर स्थिति में माना जाता है और सांस की बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे हर व्यक्ति को बीमार पड़ने का डर सता रहा है।
इस समय सबसे बड़ा खतरा छोटे-छोटे बच्चों को बढ़ गया जो जल्द बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। मंगलवार को जिले का अधिकतम एक्यूआई स्तर 447 रहा और पूरा दिन लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ा। इसके चलते पहली से पांचवीं कक्षा तक के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों की छुट्टियां कर दी हैं। वहीं सुबह के समय दोपहिया वाहन चालकों को गाड़ी चलाने के दौरान आंंखों में जलन और गले में खराश की समस्या बनी तो वहीं सांस के रोगी भी उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता को सावधानी बरतने के साथ-साथ अपने खान-पान का भी ध्यान रखने की सलाह दी है, ताकि जहरीली हवा का मानव शरीर पर ज्यादा असर न हो। जहरीली हवा के कारण नागरिक अस्पताल और निजी अस्पतालों में सांस और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या तीन से चार गुना बढ़ गई है। पहले जहां पांच से 10 सांस के मरीज इलाज के लिए आते थे, वहीं अब इनकी संख्या 30 से 35 तक पहुंच गई है। इसके अलावा सूखी खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत के मरीज भी आ रहे हैं।
बाक्स
प्राइमरी तक की कक्षाओं में ऑनलाइन होगी पढ़ाई
एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार बढ़ोत्तरी होने से ग्रैप के स्टेज 4 में पहुंच गया है। अत्यंत गंभीर श्रेणी की स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव का अंदेशा बना हुआ है। ऐसे में प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई ऑफ लाइन की बजाए अब ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया हैं। यह आदेश जिला के सभी निजी व सरकारी शिक्षण संस्थाओं में सात नवंबर से लागू होंगे, जोकि आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
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बाक्स
एसडीएम करेंगे रेड व ओरेंज जोन गांवों का दौरा
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एसडीएम अपने-अपने अधीनस्थ क्षेत्रों के के गांवों का दौरा करेंगे, जो रेड व ओरेंज जोन में शामिल है। उन गांवों में विशेष निगरानी रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई हैं। सरपंच, नंबरदार, पटवारी भी पराली जलाने की घटना पर ध्यान रखेंगे। अगर इस तरह की सूचना मिलती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दी जाए।
बाक्स
जिले में 184 जगह जली पराली, 447500 रुपये लगाया जुर्माना
जिला में किसानों द्वारा लगातार पराली जलाई जा रही है। हरसैक एप से विभाग को 184 फायर लोकेशन मिली हैं। जिस पर किसानों को 447500 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
खंड
फायर लोकेशन
जुर्माना लगाया
अलेवा
15
32500
जींद
06
15000
जुलाना
05
12500
पिल्लूखेड़ा
07
17500
सफीदों
23
57500
नरवाना
77
190000
उचाना
51
122500
कुल
184
447500
जिला में वातावरण प्रदूषित न हो, इसके लिए अधिकारी निष्ठा से करें कार्य : डीसी
पराली जलाने से वातावरण में प्रदूषण का स्तर और बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पराली जलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत जुर्माना लगाना सुनिश्चित करें और बताएं कि जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वह पराली न जला कर आने वाली पीढि़यों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाएं। उन्होंने सभी उपमंडलाधीश को निर्देश दिए कि वह स्वयं अपने अधीनस्थ स्टाफ के साथ आगामी 10 से 15 दिन तक प्रत्येक गांव में जाकर चैकिंग करें एवं लोगों को जागरूक करें।
फोटो कैप्शन
07जेएनडी26: जिला में एक्यूआई के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद भी चल रहा निर्माण कार्य।
07जेएनडी27: धूल उड़ने से रोकने के लिए लघु सचिवालय के बाहर पानी का छिड़काव करते हुए।
07जेएनडी28: एक्यूआई बढ़ने के कारण मौसम में छाई धूल।
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-रेड व येलो जोन के गांवों में एसडीएम करेंगे लोगों को जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में बढ़ रहे प्रदूषण के चलते जिला प्रशासन ने प्राइमरी स्कूलों को आगामी आदेश तक बंद कर दिया है। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने निर्देश दिया कि कक्षा एक से 5वीं कक्षा तक की छुट्टी आगामी आदेशों तक जारी रहेगी। जींद का एक्यूआई 447 अधिकतम तो न्यूनतम 333 पर रहा। यह बेहद गंभीर स्थिति में माना जाता है और सांस की बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे हर व्यक्ति को बीमार पड़ने का डर सता रहा है।
इस समय सबसे बड़ा खतरा छोटे-छोटे बच्चों को बढ़ गया जो जल्द बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। मंगलवार को जिले का अधिकतम एक्यूआई स्तर 447 रहा और पूरा दिन लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ा। इसके चलते पहली से पांचवीं कक्षा तक के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों की छुट्टियां कर दी हैं। वहीं सुबह के समय दोपहिया वाहन चालकों को गाड़ी चलाने के दौरान आंंखों में जलन और गले में खराश की समस्या बनी तो वहीं सांस के रोगी भी उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता को सावधानी बरतने के साथ-साथ अपने खान-पान का भी ध्यान रखने की सलाह दी है, ताकि जहरीली हवा का मानव शरीर पर ज्यादा असर न हो। जहरीली हवा के कारण नागरिक अस्पताल और निजी अस्पतालों में सांस और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या तीन से चार गुना बढ़ गई है। पहले जहां पांच से 10 सांस के मरीज इलाज के लिए आते थे, वहीं अब इनकी संख्या 30 से 35 तक पहुंच गई है। इसके अलावा सूखी खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत के मरीज भी आ रहे हैं।
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प्राइमरी तक की कक्षाओं में ऑनलाइन होगी पढ़ाई
एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार बढ़ोत्तरी होने से ग्रैप के स्टेज 4 में पहुंच गया है। अत्यंत गंभीर श्रेणी की स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव का अंदेशा बना हुआ है। ऐसे में प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई ऑफ लाइन की बजाए अब ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया हैं। यह आदेश जिला के सभी निजी व सरकारी शिक्षण संस्थाओं में सात नवंबर से लागू होंगे, जोकि आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
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एसडीएम करेंगे रेड व ओरेंज जोन गांवों का दौरा
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एसडीएम अपने-अपने अधीनस्थ क्षेत्रों के के गांवों का दौरा करेंगे, जो रेड व ओरेंज जोन में शामिल है। उन गांवों में विशेष निगरानी रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई हैं। सरपंच, नंबरदार, पटवारी भी पराली जलाने की घटना पर ध्यान रखेंगे। अगर इस तरह की सूचना मिलती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दी जाए।
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जिले में 184 जगह जली पराली, 447500 रुपये लगाया जुर्माना
जिला में किसानों द्वारा लगातार पराली जलाई जा रही है। हरसैक एप से विभाग को 184 फायर लोकेशन मिली हैं। जिस पर किसानों को 447500 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
खंड
फायर लोकेशन
जुर्माना लगाया
अलेवा
15
32500
जींद
06
15000
जुलाना
05
12500
पिल्लूखेड़ा
07
17500
सफीदों
23
57500
नरवाना
77
190000
उचाना
51
122500
कुल
184
447500
जिला में वातावरण प्रदूषित न हो, इसके लिए अधिकारी निष्ठा से करें कार्य : डीसी
पराली जलाने से वातावरण में प्रदूषण का स्तर और बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पराली जलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत जुर्माना लगाना सुनिश्चित करें और बताएं कि जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वह पराली न जला कर आने वाली पीढि़यों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाएं। उन्होंने सभी उपमंडलाधीश को निर्देश दिए कि वह स्वयं अपने अधीनस्थ स्टाफ के साथ आगामी 10 से 15 दिन तक प्रत्येक गांव में जाकर चैकिंग करें एवं लोगों को जागरूक करें।
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07जेएनडी26: जिला में एक्यूआई के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद भी चल रहा निर्माण कार्य।
07जेएनडी27: धूल उड़ने से रोकने के लिए लघु सचिवालय के बाहर पानी का छिड़काव करते हुए।
07जेएनडी28: एक्यूआई बढ़ने के कारण मौसम में छाई धूल।

07जेएनडी26: जिला में एक्यूआई के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद भी चल रहा निर्माण कार्य।