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Jind News: स्मॉग की चादर में लिपटा शहर, सांस लेना मुश्किल
Mon, 03 Nov 2025 12:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:44 AM IST
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02जेएनडी13 :चारों तरफ फैला स्मॉग। संवाद।
नरवाना। सर्दी की शुरुआत के साथ ही जिले में हवा में जहर घुल गया है। शहर से लेकर गांव तक वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह-शाम घना धुआं और धुंध का मिश्रण हवा में तैर रहा है जिससे दृश्यता भी कम हो गई है।
हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। अस्पतालों में सांस व एलर्जी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिले में ग्रेप-2 लागू है।
इसके तहत खेतों में पराली जलाने, खुले में कूड़ा जलाने और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं पर निगरानी रखी जा रही है। बावजूद इसके, हालात में सुधार नहीं हो रहा। नरवाना शहर के हिसार रोड पर कुछ स्कूटी और ई-बाइक की दुकानों के मालिकों द्वारा दुकान में इकट्ठा थर्माकोल, पॉलिथीन और शीट्स में आग लगा दी थी जिससे गहरा काला धुआं उठता हुआ नजर आया। जब उनसे पूछा तो बोले कि कचरा इधर उधर हवा में उड़ रहा था तो इसलिए आग लगा दी।
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पराली जलाने पर कड़ी नजर
पराली जलाने पर भी विभाग की कड़ी नजर है। जहां भी आग लगने की सूचना और हरसेक एप के माध्यम से लोकशन मिल रही है वहां तुरंत कार्रवाई करते हुए रेड एंट्री दर्ज की जा रही है और जुर्माना भी लगाया जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
दो औद्योगिक इकाइयों पर की कार्रवाई
जिले में बढ़ते प्रदूषण के चलते
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जींद क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली दो औद्योगिक इकाइयों को बंद भी किया है।
एक हफ्ते में यह रहा एक्यूआई
24 अक्तूबर -239
25 अक्तूबर -293
27 अक्तूबर -300
28 अक्तूबर -300 से ज्यादा
30 अक्तूबर -347
31 अक्तूबर -222
1 नवंबर -330
वर्जन
हर व्यक्ति को मास्क लगाना चाहिए ताकि बाहर के जो कण है वो अंदर न प्रवेश कर सके। जिससे बीमार होने का खतरा कम रहेगा अपने आस पास सफाई बने रखे, हाथों को धोते रहे और जिन लोगों को सांस संबंधी बीमारी है वह लोग खुले में जाने से बचे ताकि बाहर हवा में फैला धुआं उनके लिए परेशानी का कारण न बने।–डॉ. देवेंद्र बिंदलिश, एसएमओ, नागरिक अस्पताल नरवाना
वर्जन
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड जींद की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है। जहां पर भी कोई आग लगाता पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जींद एरिया में दो इंडस्ट्री को सील भी किया गया है जो ज्यादा वायु प्रदूषण फैलाने में संलिप्त थी। –जिज्ञासा सोनी, इंचार्ज सीपीसीबी, जींद
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हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। अस्पतालों में सांस व एलर्जी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिले में ग्रेप-2 लागू है।
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इसके तहत खेतों में पराली जलाने, खुले में कूड़ा जलाने और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं पर निगरानी रखी जा रही है। बावजूद इसके, हालात में सुधार नहीं हो रहा। नरवाना शहर के हिसार रोड पर कुछ स्कूटी और ई-बाइक की दुकानों के मालिकों द्वारा दुकान में इकट्ठा थर्माकोल, पॉलिथीन और शीट्स में आग लगा दी थी जिससे गहरा काला धुआं उठता हुआ नजर आया। जब उनसे पूछा तो बोले कि कचरा इधर उधर हवा में उड़ रहा था तो इसलिए आग लगा दी।
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पराली जलाने पर कड़ी नजर
पराली जलाने पर भी विभाग की कड़ी नजर है। जहां भी आग लगने की सूचना और हरसेक एप के माध्यम से लोकशन मिल रही है वहां तुरंत कार्रवाई करते हुए रेड एंट्री दर्ज की जा रही है और जुर्माना भी लगाया जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
दो औद्योगिक इकाइयों पर की कार्रवाई
जिले में बढ़ते प्रदूषण के चलते
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जींद क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली दो औद्योगिक इकाइयों को बंद भी किया है।
एक हफ्ते में यह रहा एक्यूआई
24 अक्तूबर -239
25 अक्तूबर -293
27 अक्तूबर -300
28 अक्तूबर -300 से ज्यादा
30 अक्तूबर -347
31 अक्तूबर -222
1 नवंबर -330
वर्जन
हर व्यक्ति को मास्क लगाना चाहिए ताकि बाहर के जो कण है वो अंदर न प्रवेश कर सके। जिससे बीमार होने का खतरा कम रहेगा अपने आस पास सफाई बने रखे, हाथों को धोते रहे और जिन लोगों को सांस संबंधी बीमारी है वह लोग खुले में जाने से बचे ताकि बाहर हवा में फैला धुआं उनके लिए परेशानी का कारण न बने।–डॉ. देवेंद्र बिंदलिश, एसएमओ, नागरिक अस्पताल नरवाना
वर्जन
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड जींद की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है। जहां पर भी कोई आग लगाता पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जींद एरिया में दो इंडस्ट्री को सील भी किया गया है जो ज्यादा वायु प्रदूषण फैलाने में संलिप्त थी। –जिज्ञासा सोनी, इंचार्ज सीपीसीबी, जींद