{"_id":"60c7a11a8ebc3e1f571f9d6d","slug":"chlorine-is-not-being-mixed-in-drinking-water-being-supplied-in-public-places-jind-news-rtk6130004192","type":"story","status":"publish","title_hn":"सार्वजनिक स्थानों पर सप्लाई हो रहे पीने के पानी में नहीं मिला रहे क्लोरीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सार्वजनिक स्थानों पर सप्लाई हो रहे पीने के पानी में नहीं मिला रहे क्लोरीन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को शहर के सार्वजनिक स्थानों पर पानी की टंकियों में क्लोरीन की मात्रा की जांच की। कई स्थानों पर पानी में क्लोरीन नहीं मिली, इसलिए स्वास्थ्य विभाग अब जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत करवाएगा।
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा व रामकुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, शिव चौक, झांझ गेट, पटियाला चौक पर पीने के पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच की। इसमें एक-दो स्थानों को छोड़कर कहीं भी पानी में क्लोरीन नहीं मिली। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अब जनस्वास्थ्य विभाग को इस बारे में पत्र लिखकर पानी में नियमित रूप से क्लोरीन डालने के लिए कहेगा। पीने के पानी में हर मौसम में क्लोरीन डालनी जरूरी है। इससे पानी शुद्ध हो जाता है तथा इसमें विषैले कीटाणुनाशक खत्म हो जाते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगों को पीने के पानी की टंकी की सप्ताह में एक बार सफाई करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पानी की टंकी छत पर होने से बंदर आदि ढक्कन को तोड़ देते हैं, जिसके बाद पक्षियों द्वारा पानी को दूषित करने की संभावना रहती है। उन्होंने लोगोें से अपील की कि जहां भी पीने के पानी की पाइप लीक मिले, उसकी सूचना सिविल सर्जन कार्यालय व जन स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके। जांच टीम में अमरजीत, जगदीप, दिनेश, गुरनाम, प्रदीप व ओमप्रकाश भी शामिल रहे।
दूषित पानी पीने के नुकसान
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि दूषित पानी पीने से डायरिया, हैजा, उल्टी-दस्त, पीलिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने व अपने आसपास साफ-सफाई रखे तो वह स्वयं के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इन बीमारियों से बचा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा व रामकुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, शिव चौक, झांझ गेट, पटियाला चौक पर पीने के पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच की। इसमें एक-दो स्थानों को छोड़कर कहीं भी पानी में क्लोरीन नहीं मिली। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अब जनस्वास्थ्य विभाग को इस बारे में पत्र लिखकर पानी में नियमित रूप से क्लोरीन डालने के लिए कहेगा। पीने के पानी में हर मौसम में क्लोरीन डालनी जरूरी है। इससे पानी शुद्ध हो जाता है तथा इसमें विषैले कीटाणुनाशक खत्म हो जाते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगों को पीने के पानी की टंकी की सप्ताह में एक बार सफाई करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पानी की टंकी छत पर होने से बंदर आदि ढक्कन को तोड़ देते हैं, जिसके बाद पक्षियों द्वारा पानी को दूषित करने की संभावना रहती है। उन्होंने लोगोें से अपील की कि जहां भी पीने के पानी की पाइप लीक मिले, उसकी सूचना सिविल सर्जन कार्यालय व जन स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके। जांच टीम में अमरजीत, जगदीप, दिनेश, गुरनाम, प्रदीप व ओमप्रकाश भी शामिल रहे।
विज्ञापन
दूषित पानी पीने के नुकसान
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि दूषित पानी पीने से डायरिया, हैजा, उल्टी-दस्त, पीलिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने व अपने आसपास साफ-सफाई रखे तो वह स्वयं के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इन बीमारियों से बचा सकता है।
विज्ञापन