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Jind News: पिता के सपनों को संजोए काजल रेढू ने बनाई पहचान
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30जेएनडी04: खिलाड़ी काजल रेढू।
जींद। जिले की हैंडबॉल खिलाड़ी काजल रेढू आज क्षेत्र की युवतियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। काजल का जीवन संघर्ष, मेहनत और परिवार के मजबूत सहारे की मिसाल है। 22 वर्षीय काजल भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं। उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष पहले रेलवे जॉइन किया था और अब अपने खेल में रेलवे का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
काजल का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। पिता रोहताश रेढू का एक वर्ष पहले हार्ट अटैक से निधन हो गया था लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार और सपनों आज भी काजल को आगे बढ़ने की ताकत देते हैं।
काजल के परिवार में उनकी मां बलकेश जो एक गृहिणी हैं। बड़े भाई राहुल रेढू वर्तमान में भारतीय एयरफोर्स में कार्यरत हैं। परिवार में दादा भी हैं। काजल बताती हैं कि उनके माता-पिता ने हमेशा उनके खेल को प्राथमिकता दी। अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न हो इसके लिए उनकी मां ने घर की सारी जिम्मेदारियां खुद संभालीं।
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दादा ने हर कदम पर उन्हें आगे बढ़ने और हौसला बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। काजल ने वर्ष 2016 में हैंडबॉल खेलना शुरू किया था। वह अर्जुन स्टेडियम में ही नियमित अभ्यास करती हैं। उनके खेल को निखारने में कोच सतबीर और कोच चिराग ढांडा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
काजल ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर राज्यस्तर पर जिले और राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया है। अब तक काजल आठ राष्ट्रीयस्तर और तीन विश्वविद्यालय स्तर के टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। काजल रेढू की कहानी यह साबित करती है कि अगर परिवार का साथ, सही मार्गदर्शन और खुद पर भरोसा हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है।
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काजल का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। पिता रोहताश रेढू का एक वर्ष पहले हार्ट अटैक से निधन हो गया था लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार और सपनों आज भी काजल को आगे बढ़ने की ताकत देते हैं।
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काजल के परिवार में उनकी मां बलकेश जो एक गृहिणी हैं। बड़े भाई राहुल रेढू वर्तमान में भारतीय एयरफोर्स में कार्यरत हैं। परिवार में दादा भी हैं। काजल बताती हैं कि उनके माता-पिता ने हमेशा उनके खेल को प्राथमिकता दी। अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न हो इसके लिए उनकी मां ने घर की सारी जिम्मेदारियां खुद संभालीं।
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दादा ने हर कदम पर उन्हें आगे बढ़ने और हौसला बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। काजल ने वर्ष 2016 में हैंडबॉल खेलना शुरू किया था। वह अर्जुन स्टेडियम में ही नियमित अभ्यास करती हैं। उनके खेल को निखारने में कोच सतबीर और कोच चिराग ढांडा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
काजल ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर राज्यस्तर पर जिले और राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया है। अब तक काजल आठ राष्ट्रीयस्तर और तीन विश्वविद्यालय स्तर के टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। काजल रेढू की कहानी यह साबित करती है कि अगर परिवार का साथ, सही मार्गदर्शन और खुद पर भरोसा हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है।