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Jind News: जिले के 98 ग्रामीण बैंकों में कैश संकट, पेंशनधारक व किसान सबसे ज्यादा प्रभावित
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05जेएनडी32: कंडेला गांव में बैंक के बाहर खड़े होकर कैश की किल्लत के बारे में जानकारी देते हुए उ
जींद।
पीएनबी, एसबीआई और हरियाणा ग्रामीण बैंकों की 98 शाखाओं में कैश का संकट गहरा गया है। कई बैंकों में तो लेनदेन के लिए एक भी रुपया नहीं बचा है। इसके कारण उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ रहा है। यह समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा है। पेंशनधारक व किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
कंडेला स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में पिछले चार दिनों से कैश नहीं पहुंचने के कारण उपभोक्ताओं में रोष है। बड़ी संख्या में ग्रामीण बैंक के बाहर एकत्र हुए और विरोध जताया। लोगों का कहना है कि बार-बार बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद अपने ही खाते से पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। इस सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 800 करोड़ की मांग है।
बैंक में पैसे लेने आए ग्रामीण उपभोक्ता जयपाल ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से बैंक आ-जा रहे हैं लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ता है। बच्चों के स्कूल में दाखिले, किताबें खरीदने, घर का राशन लाने और मजदूरों का भुगतान करने जैसे जरूरी काम अटके पड़े हैं। अपने ही पैसे के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के बैंकों में फिलहाल ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन ग्रामीण इलाकों में कैश संकट के कारण लोगों की आर्थिक गतिविधियां ठप होती नजर आ रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बच्चों की फीस अटकी, स्कूल से मिल रहे नोटिस
किसान सुरेश ने बताया कि उन्हें खेतों के लिए खाद-बीज खरीदना था लेकिन पैसे न मिलने से खेती से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों की फीस जमा न होने के कारण स्कूल से लगातार नोटिस मिल रहे हैं। वहीं बुजुर्ग महिला रामरती पेंशन लेने बैंक पहुंचीं। वह कई दिनों से खाली हाथ लौट रही हैं। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए पैसे न मिलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
80 प्रतिशत ग्रामीण बैंकों में कैश की कमी
पंजाब नेशनल बैंक शाखा में आसपास के कई गांवों के खाते जुड़े हुए हैं। इसके कारण यहां रोजाना भारी भीड़ रहती है। ऐसे में कैश की कमी से हालात और बिगड़ गए हैं। जिले के करीब 80 प्रतिशत ग्रामीण बैंकों में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है जिससे हजारों खाताधारक प्रभावित हो रहे हैं।
वर्जन
समस्या का मुख्य कारण भारतीय रिजर्व बैंक से समय पर नकदी की आपूर्ति न होना है। लगातार उच्च अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से कैश की मांग भेज रहे हैं लेकिन हर बार अगले दिन का आश्वासन ही मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही शाखा में पर्याप्त नकदी उपलब्ध करवाई जाएगी।
-बारू राम, शाखा प्रबंधक पीएनबी कंडेला
..................................
आरबीआई से रोटेशन के अनुसार रुपये नहीं आने के कारण यह समस्या जींद ही नहीं बल्कि कैथल में भी है। वह रुपयों की मांग को लेकर लगातार उच्चाधिकारियों से मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण बैंकों में रुपये जमा करवाने का कोई स्रोत नहीं है। इसके कारण दिक्कत है जबकि शहरी बैंकों में यह समस्या नहीं है। इसके समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-अनूपम मरांडी, एलडीएम
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पीएनबी, एसबीआई और हरियाणा ग्रामीण बैंकों की 98 शाखाओं में कैश का संकट गहरा गया है। कई बैंकों में तो लेनदेन के लिए एक भी रुपया नहीं बचा है। इसके कारण उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ रहा है। यह समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा है। पेंशनधारक व किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
कंडेला स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में पिछले चार दिनों से कैश नहीं पहुंचने के कारण उपभोक्ताओं में रोष है। बड़ी संख्या में ग्रामीण बैंक के बाहर एकत्र हुए और विरोध जताया। लोगों का कहना है कि बार-बार बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद अपने ही खाते से पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। इस सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 800 करोड़ की मांग है।
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बैंक में पैसे लेने आए ग्रामीण उपभोक्ता जयपाल ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से बैंक आ-जा रहे हैं लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ता है। बच्चों के स्कूल में दाखिले, किताबें खरीदने, घर का राशन लाने और मजदूरों का भुगतान करने जैसे जरूरी काम अटके पड़े हैं। अपने ही पैसे के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के बैंकों में फिलहाल ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन ग्रामीण इलाकों में कैश संकट के कारण लोगों की आर्थिक गतिविधियां ठप होती नजर आ रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बच्चों की फीस अटकी, स्कूल से मिल रहे नोटिस
किसान सुरेश ने बताया कि उन्हें खेतों के लिए खाद-बीज खरीदना था लेकिन पैसे न मिलने से खेती से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों की फीस जमा न होने के कारण स्कूल से लगातार नोटिस मिल रहे हैं। वहीं बुजुर्ग महिला रामरती पेंशन लेने बैंक पहुंचीं। वह कई दिनों से खाली हाथ लौट रही हैं। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए पैसे न मिलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
80 प्रतिशत ग्रामीण बैंकों में कैश की कमी
पंजाब नेशनल बैंक शाखा में आसपास के कई गांवों के खाते जुड़े हुए हैं। इसके कारण यहां रोजाना भारी भीड़ रहती है। ऐसे में कैश की कमी से हालात और बिगड़ गए हैं। जिले के करीब 80 प्रतिशत ग्रामीण बैंकों में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है जिससे हजारों खाताधारक प्रभावित हो रहे हैं।
वर्जन
समस्या का मुख्य कारण भारतीय रिजर्व बैंक से समय पर नकदी की आपूर्ति न होना है। लगातार उच्च अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से कैश की मांग भेज रहे हैं लेकिन हर बार अगले दिन का आश्वासन ही मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही शाखा में पर्याप्त नकदी उपलब्ध करवाई जाएगी।
-बारू राम, शाखा प्रबंधक पीएनबी कंडेला
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आरबीआई से रोटेशन के अनुसार रुपये नहीं आने के कारण यह समस्या जींद ही नहीं बल्कि कैथल में भी है। वह रुपयों की मांग को लेकर लगातार उच्चाधिकारियों से मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण बैंकों में रुपये जमा करवाने का कोई स्रोत नहीं है। इसके कारण दिक्कत है जबकि शहरी बैंकों में यह समस्या नहीं है। इसके समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-अनूपम मरांडी, एलडीएम