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Jind News: जिले में नहीं रुक रहे धान के अवशेष जलाने के मामले
Mon, 17 Nov 2025 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 17 Nov 2025 12:47 AM IST
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16जेएनडी27: एसडीएम होशियार सिंह जुलाना क्षेत्र के खेतों में धान के अवशेष में लगी आग को बुझवाते
जींद। पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए डीसी ने एक सप्ताह तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिए थे। इसके चलते एसडीएम जुलाना होशियार सिंह ने रविवार को गई गांवों का दौरा किया।
एसडीएम ने राजगढ़, बस्ता खेड़ा, जैजैवंती, गतौली, शाहपुर, ब्राह्मणवास, किल्ला जफरगढ़, पोली, हथवाला, अकालगढ़ और बुढ़ाखेड़ा लाठर गांव में जाकर किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया। एसडीएम ने खेतों में पराली की आग को स्वयं बुझाया। किसानों को चेताया कि पराली जलाना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी है।
उन्होंने बताया कि पराली से उठने वाला धुआं हवा को जहरीला बनाता है। सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ाता है, बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों के लिए अत्यंत हानिकारक है। एसडीएम होशियार सिंह ने किसानों से अपील की कि वह सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही पराली प्रबंधन मशीनरी, सब्सिडी और योजनाओं का लाभ उठाएं तथा खेतों में पराली न जलाकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। इस अवसर पर पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. सूरजमल सहित कृषि, राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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एसडीएम ने राजगढ़, बस्ता खेड़ा, जैजैवंती, गतौली, शाहपुर, ब्राह्मणवास, किल्ला जफरगढ़, पोली, हथवाला, अकालगढ़ और बुढ़ाखेड़ा लाठर गांव में जाकर किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया। एसडीएम ने खेतों में पराली की आग को स्वयं बुझाया। किसानों को चेताया कि पराली जलाना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी है।
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उन्होंने बताया कि पराली से उठने वाला धुआं हवा को जहरीला बनाता है। सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ाता है, बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों के लिए अत्यंत हानिकारक है। एसडीएम होशियार सिंह ने किसानों से अपील की कि वह सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही पराली प्रबंधन मशीनरी, सब्सिडी और योजनाओं का लाभ उठाएं तथा खेतों में पराली न जलाकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। इस अवसर पर पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. सूरजमल सहित कृषि, राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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