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Jind: बेटे को जंजीर से बांधा, पिता ने कहा- बेटा बार-बार घर से भाग जाता था, इसलिए उसे बांध दिया, मामला दर्ज
Sun, 30 Jul 2023 02:34 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 30 Jul 2023 02:34 AM IST
सार
बाल कल्याण समिति ने बच्चे की काउंसिलिंग की है। बच्चे और पिता दोनों ने गलती मानी है। समिति ने बच्चे को माता-पिता को सुपुर्द किया है। माता-पिता कूड़ा बीनकर बच्चों का पेट पाल रहे हैं।
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ढाबे पर बैठे बच्चे के लोहे की जंजीर से बंधे हाथ।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हरियाणा के जींद के नरवाना के बसंत विहार में एक व्यक्ति को घर से बार-बार भाग रहे 12 वर्षीय बेटे को जंजीर से बांध दिया। किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। पुलिस ने पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बाल कल्याण समिति ने बच्चे की काउंसिलिंग की। इसमें सामने आया कि बच्चा काफी शरारती और मानसिक रूप से कमजोर है।
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वह बार-बार घर से भाग जाता था। इस वजह से पिता ने उसके हाथ बांध दिए थे। माता-पिता दोनों कूड़ा बीनकर बच्चों का पेट पालते हैं। बच्चे व पिता दोनों ने ही अपनी गलती स्वीकार की है। अब इस मामले में आगामी कार्रवाई पुलिस को करनी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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कुछ लोगाें ने शुक्रवार शाम एक बच्चे के हाथ को लोहे की जंजीर से बंधा देखा। इसके बाद संबंधित लोग उसे एक ढाबे पर ले आए और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देकर बच्चे को सौंप दिया। पुलिस ने अपने सिक्योरिटी एजेंट की शिकायत पर बच्चे के पिता बसंत विहार निवासी सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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सूचना मिलने के बाद बाल कल्याण समिति की टीम शहर थाना नरवाना में पहुंची और बच्चे को अपने साथ ले आई। यहां रात को टीम ने बच्चे को अपने साथ रखा और उसकी काउंसिलिंग की। इसके बाद शनिवार सुबह टीम बच्चे को साथ लेकर उसके घर गई। इसमें उसके पिता ने बताया कि उसका बेटा शरारती है। वह मानसिक रूप से भी ठीक नहीं है। बताया कि वह दिव्यांग है तथा कूड़ा बीनकर अपने बच्चों का पेट पालता है। उसका बेटा पहले एक-दो बार किसी की वस्तु उठाकर ले आया था, जिसके कारण उसे परेशानी हुई थी। वह बार-बार घर से भाग जाता है।
इसलिए उसने बेटे के हाथ को शुक्रवार को जंजीर से बांध कर उसमें ताला लगा दिया था। पिता ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए टीम को भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में ऐसा नहीं करेगा। बच्चे ने भी टीम को बताया कि जब वह शरारत करता है तो उसके पिता उसकी पिटाई करते हैं। इसके बाद बच्चे ने अपने घर जाने को कहा। टीम ने बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया। बच्चे ने भी अपनी गलती मानते हुए भविष्य में घर से नहीं भागने की बात कही।
रात को बच्चे की काउंसिलिंग की गई। इसमें सामने आया कि बच्चे का पिता खुद दिव्यांग है और वह कूड़ा बीनकर अपने बच्चों का पेट पालता है। बच्चा बार-बार घर से भाग जाता था और काफी शरारती था, इसलिए पिता ने उसके हाथ में जंजीर डाल दी थी। पिता ने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की बात कही। बच्चे ने भी अपने घर जाने की बात कही थी। इसलिए बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। इस मामले में आगामी कार्रवाई पुलिस को करनी है। -नरेंद्र अत्री, चेयरमैन बाल कल्याण समिति।
एक ढाबे पर कुछ लोगों ने बच्चे को पुलिस को सौंपा था। उस समय उसके हाथ बंधे हुए थे। पुलिस ने बच्चे के पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -सतीश कुमार, शहर थाना प्रभारी नरवाना।