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शारीरिक शिक्षक कल बैठक कर आंदोलन की बनाएंगे अगली रणनीति

Thu, 16 Jul 2020 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2020 11:57 PM IST
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Body teachers will meet tomorrow to make the next strategy for the movement
बुडायन गांव में जन जागरण अभियान के तहत पहुंचे बर्खास्त पीटीआई। - फोटो : Jind
हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रहा अनशन वीरवार को 32वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर पहुंचकर धमतान तपा के प्रधान रंगी राम नैन ने शारीरिक शिक्षकों की मांगों का समर्थन किया। वहीं इस अवसर पर राज्य कार्यकारिणी व अन्य कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक का संचालन हरियाणा रोडवेज के नेता अनूप लाठर ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 जुलाई को जींद नई अनाज मंडी में हरियाणा शारीरिक संघ की आम सभा की बैठक बुलाई जाए, जिसमें हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ के सभी सदस्यों के अतिरिक्त अन्य दूसरे कर्मचारी तथा सामाजिक संगठनों व खाप पंचायतों को भी आमंत्रित किया जाय। इस प्रस्तावित बैठक में सरकार की अनदेखी के चलते आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल ने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा शारीरिक शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान वजीर सिंह गांगोली ने 18 जुलाई की प्रस्तावित विस्तृत आम सभा की बैठक के बारे में रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने इस कार्य के लिए अलग-अलग टीमों का गठन करने का फैसला लिया। इस अवसर पर सतपाल, रामेश्वर, दिलबाग जांगड़ा, परीक्षित, नवीन मलिक, सत्येंद्र, आजाद पांचाल, दिलबाग जाखड़, अनिल मलिक भी मौजूद रहे।
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जन जागरण अभियान के तहत गांव-गांव पहुंचे बर्खास्त पीटीआई
नौकरी से हटाए गए पीटीआई जन जागरण अभियान के तहत गांव-गांव पहुंचे। आठ गांवों में ग्रामीणों के साथ-साथ सरपंचों से मिलकर उनकी बहाली को लेकर किए जा रहे संघर्ष में साथ देने की अपील की। काकड़ोद, उदयपुर, बुड़ायन, मखंड समेत कई गांवों के दौरे किए।
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रामकुमार ने कहा कि आज सरकार सुप्रीम कोर्ट के तहत पीटीआई को हटाने की बात कह रही है समान काम, समान वेतन, प्रदेश को एसवाईएल का पानी देने के निर्णय सुप्रीम कोर्ट दे चुका है तो उनको भी सरकार लागू करे। पीटीआई को जिस तरह से सरकार ने बर्खास्त किया उससे लगता है कि पीटीआई को बर्खास्त करने की जल्दी में सरकार थी। सरकार से वह मानवता के आधार पर उनको बहाल करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा कि अब बर्खास्त पीटीआई जनता की अदालत में जा चुके है। पीटीआई को बर्खास्त करने पर सरकार की हर कोई निंदा कर रहा है क्योंकि 10 साल से लगातार कार्यरत रहे पीटीआई निरंतर कड़ी मेहनत से कार्य कर रहे थे। अनेक पीटीआई की पदोन्नति तक हो चुकी थी। पीटीआई भर्ती में अगर कोई गलती है तो उसमें पीटीआई का क्या कसूर है। सरकार को चाहिए कि वह रोजगार दे न कि रोजगार छीने। इस अवसर पर राजबीर, सुरेंद्र, रोहताश रंगा, राजकुमार, देवा सिंह, संदीप मौजूद रहे।
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