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बीरेंद्र सिंह चालों में फंसने से नहीं बने सीएम : पूर्व स्पीकर
Fri, 10 Oct 2025 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 10 Oct 2025 12:12 AM IST
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09जेएनडी33-सदभाव यात्रा में शामिल पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा। स्रोत: कार्यकर्ता
उचाना। पूर्व सांसद व कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा चल रही है जिसमें लगातार बड़े नेताओं का समर्थन मिल रहा है। इस दौरान पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि बीरेंद्र सिंह चालों में फंसते रहे है, नहीं तो सीएम बन जाते। कलायत हलके के गांव से अलेवा में रात्रि ठहराव के बाद यात्रा ने सफीदों हलके में प्रवेश किया।
बीरेंद्र सिंह के सीएम न बनने का खुलासा करते हुए कुलदीप शर्मा ने कहा कि चौ. बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री बन सकते थे लेकिन राजीव गांधी की हत्या हो गई। खिलाड़ी अपना खेल खेल गए। वे कभी कोई कमी बीरेंद्र सिंह के अंदर ढूंढता हूं तो वह यह है कि वह चालू (शातिर) नहीं है। इनका मुकाबला शातिर लोगों से रहता है। बीरेंद्र सिंह उनकी चालों में फंस जाते हैं हालांकि राजनीति में आज तक चालू (सक्रिय) है बहुत लंबी पारी खेल रहे हैं ।
बिना किसी का नाम लिए कुलदीप शर्मा ने कहा कि कई लोग ऐसे हैं जो आपके साथ हाथ तो मिल लेंगे लेकिन दिल नहीं मिलेंगे। भाई तो बन जाएंगे लेकिन काम कुछ और ही करेंगे। हमारे परिवार ने जिसका का भी हाथ पकड़ा है चौ. बीरेंद्र सिंह गवाह है कि उसको मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया है। इस मौके पर सज्जन सिंह, लाजवंति ढिल्लो, हरेंद्र सिंह, राकेश उचाना खुर्द, राममेहर दनौदा, अमित पालवां, मंजीत काब्रच्छा मौजूद रहे।
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बीरेंद्र सिंह के सीएम न बनने का खुलासा करते हुए कुलदीप शर्मा ने कहा कि चौ. बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री बन सकते थे लेकिन राजीव गांधी की हत्या हो गई। खिलाड़ी अपना खेल खेल गए। वे कभी कोई कमी बीरेंद्र सिंह के अंदर ढूंढता हूं तो वह यह है कि वह चालू (शातिर) नहीं है। इनका मुकाबला शातिर लोगों से रहता है। बीरेंद्र सिंह उनकी चालों में फंस जाते हैं हालांकि राजनीति में आज तक चालू (सक्रिय) है बहुत लंबी पारी खेल रहे हैं ।
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बिना किसी का नाम लिए कुलदीप शर्मा ने कहा कि कई लोग ऐसे हैं जो आपके साथ हाथ तो मिल लेंगे लेकिन दिल नहीं मिलेंगे। भाई तो बन जाएंगे लेकिन काम कुछ और ही करेंगे। हमारे परिवार ने जिसका का भी हाथ पकड़ा है चौ. बीरेंद्र सिंह गवाह है कि उसको मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया है। इस मौके पर सज्जन सिंह, लाजवंति ढिल्लो, हरेंद्र सिंह, राकेश उचाना खुर्द, राममेहर दनौदा, अमित पालवां, मंजीत काब्रच्छा मौजूद रहे।
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