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ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किया अप्लाई, निगम ने बना दिया घरेलू लाइन का इस्टीमेट
jind
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:07 PM IST
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किसान सुशील
- फोटो : bureau
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गांव सच्चाखेड़ा में बिजली निगम का कारनामा सामने आया है। जहां पर किसान ने खेतों में ट्यूबवेल के कनेक्शन के लिए निगम के पास अप्लाई किया और निगम द्वारा बनाए गए इस्टीमेट के हिसाब से लगभग ढाई लाख रुपये की राशि भी जमा करवाने के बाद निगम ने कनेक्शन नहीं दिया। राशि भरने के बाद निगम ने किसान के खेत में ट्रांसफार्मर तो पहुंचा दिया, लेकिन ट्रांसफार्मर खराब मिला। निगम का कारनामा उस समय सामने आया जब किसान खराब ट्रांसफार्मर को बदलवाने के लिए निगम कार्यालय पहुंचा तो बताया गया कि उसके खेत में बिजली का कनेक्शन नहीं हो सकता है, क्योंकि निगम की तरफ से गलती से खेतों के कनेक्शन की बजाए घरेलू लाइन का इस्टीमेट बना गया है। इसलिए फिलहाल उसके खेतों में कनेक्शन नहीं हो सकता। गांव सच्चाखेड़ा के किसान सुशील ने बताया कि उसने 19 मई को तत्काल स्कीम के तहत कनेक्शन के लिए आवेदन किया। निगम के नियमानुसार उसने 6750 रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा करवाई। इसके बाद 20 मई को एक लाख रुपये तत्काल कनेक्शन के लिए जमा करवा दिए। बाद में निगम ने लाइन पर खर्च आने वाली राशि का इस्टीमेट बनाया और उसके तहत उसने एक लाख 33 हजार 600 रुपये जमा करवा दिए। उसने बताया कि कुछ दिनों के बाद उसके खेत में कनेक्शन देने के लिए ट्रांसफार्मर भेज दिया। निगम के कर्मचारियों ने जानबूझकर खराब ट्रांसफार्मर भेज दिया। जब दोबारा ट्रासफार्मर बदलवाने गए तो निगम के अधिकारियों ने कहा कि आपका इस्टीमेट गलती से घरेलू फीडर से बना दिया गया और एपी का कनेक्शन देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग से लाइन आएगी, इसमें समय लगेगा। सुशील ने बताया कि जिस लाइन से उन्हें कनेक्शन देने से मना किया उसी लाइन पर तीन कनेक्शन पहले से ही चल रहे है। सुशील ने कहा कि उसने अपनी फसल बचाने के लिए अढ़ाई लाख रुपये खर्च किए, लेकिन निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण लाखों रुपयों का डीजल फूंकना पड़ा। उन्होंने निगम के अधिकारियों पर गुमराह करने और प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया। इसके बाद उसने निगम के अधिकारियों की शिकायत डीसी विनय सिंह से दो बार कर चुके हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हो पाया है।
उपभोक्ता का पहले गलती से घरेलू फीडर से इस्टीमेट बन गया था जो बाद में दुरुस्त करके एपी से बनाया गया। इसमें करीब पांच हजार रुपये की राशि बढ़ गई। उपभोक्ता ने फिलहाल वह राशि जमा नहीं करवाई। उसने बताया कि लाइन डालने का कार्य प्रगति पर है जैसे ही पूरा हो जाएगा कनेक्शन दे दिया जाएगा।
- रामपाल दहिया, एसडीओ बिजली निगम नरवाना
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उपभोक्ता का पहले गलती से घरेलू फीडर से इस्टीमेट बन गया था जो बाद में दुरुस्त करके एपी से बनाया गया। इसमें करीब पांच हजार रुपये की राशि बढ़ गई। उपभोक्ता ने फिलहाल वह राशि जमा नहीं करवाई। उसने बताया कि लाइन डालने का कार्य प्रगति पर है जैसे ही पूरा हो जाएगा कनेक्शन दे दिया जाएगा।
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- रामपाल दहिया, एसडीओ बिजली निगम नरवाना