फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Be careful while walking...herds of helpless animals have taken over the roads of Jind

Jind News: जरा संभलकर चलें...बेसहारा पशुओं के झुंडों ने किया जींद की सड़कों पर कब्जा

Tue, 05 Aug 2025 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 05 Aug 2025 12:28 AM IST
विज्ञापन
Be careful while walking...herds of helpless animals have taken over the roads of Jind
04जेएनडी31: गोहाना रोड पर रात को गोवंश का झूंड। संवाद
जींद। शहर के मुख्य मार्गों पर बेसहारा पशुओं के झुंडों ने आंतक मचा रखा है। इसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को हादसों का डर बना रहता है। नगर परिषद को इसका होश नहीं है। शायद नप को हादसों का इंतजार है। नप ने दस्तावेजों में तो बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी हैं लेकिन सड़कों पर पशुओं के झुंड ज्यों की त्यों हैं।
विज्ञापन

शहर के गोहाना रोड पर एसपी आवास से लेकर पिंडारा फ्लाईओवर तक 100 से ज्यादा गोवंश सड़क पर खड़े रहते हैं। यही हाल सफीदों रोड का है। इसके अलावा रेलवे रोड, सब्जी मंडी रोड हांसी रोड व भिवानी रोड पर बेसहारा पशु झुंड बनाकर खड़े होते हैं। इस कई बार आपसी टकराव के कारण बाइक चालकों को चोट भी पहुंचा चुके हैं जबकि दुकानदारों का सामान भी तोड़ा है।
विज्ञापन

शहर में सड़काें पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश की संख्या हजारों में है। बीते दो वर्ष में शहर की सड़कों पर कई हादसे हुए थे जिसके चलते नप ने इन्हें पकड़ने का अभियान भी तेज किया था। पिछले महीने ही शहर की एक गोशाला ने नप को 200 पशु लेने की स्वीकृति दी थी। अब फिर नप ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया था। टेंडर प्रक्रिया में फर्म का चयन भी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोशालाओं में भी नहीं है जगह
शहर में इतनी ज्यादा संख्या में रहे बेसहारा पशु घूम रहे हैं कि उन्हें पकड़ कर रखने की जगह भी नहीं है। गोशालाओं में पहले ही ज्यादा संख्या में पशु हैं। इसके कारण इनके संचालक कुछ ही पशुओं को रख सकते हैं। आए दिन गोवंश की संख्या शहर में ज्यादा बढ़ रही है। इनको रोकने के लिए भी प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं है।
गोशालाओं को लिखा था पत्र
नप ने जिले में चल रही सभी गोशालाओं को पत्र लिखकर सड़कों पर घूम रहे गोवंश को रखने के लिए पत्र लिखा था। इन गोशालाओं में पहले चरण में गाय को रखा जाना था। उसके बाद कुछ गोशालाओं में लगभग 200 गोवंश रखे भी गए। इसके बाद अन्य गोशालाओं को पशु रखने के लिए कहा गया है लेकिन जगह नहीं होने के कारण यह व्यवस्था भी नहीं बन पा रही।

गोवंश को रखने से किया था मना
छह महीने पहले नंदीशाला और अन्य गोशालाओं ने चारे और अन्य व्यवस्था की कमी का हवाला देकर बेसहारा गोवंश लेने से मना कर दिया था। इसके चलते गोवंश को पकड़ने का अभियान रुक गया था।

प्रति गोवंश 300 रुपये की राशि
सरकार की तरफ से पहले गोशालाओं को प्रति गोवंश 150 रुपये सालाना दिए जाते थे जो बाद में 300 रुपये कर दिए गए थे लेकिन इस राशि से एक पशु के लिए 10 दिन के चारे की भी व्यवस्था नहीं हो सकती थी।

वर्जन
गोवंश को नंदीशाला में छोड़ने के लिए काम शुरू कर दिया है। पिछले दो दिन पहले यह अभियान शुरू हुआ था। संख्या ज्यादा होने के कारण अभी पशु सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। इस अभियान को जल्द ही गति दी जाएगी ताकि शहर की सड़कों से बेसहारा गोवंश को हटाया जा सके।
-सुनील कुमार, सीएसआई नगर परिषद जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed