फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   bamk, no cash, line, jind

बैंक और एटीएम में बढ़ी कतार, कैश के लिए लोग बेकरार

Wed, 23 Nov 2016 12:36 AM IST
jind
jind Updated Wed, 23 Nov 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
bamk, no cash, line, jind
सफीदों में कैश के लिए लाइन में लगे उपभोक्ता। - फोटो : bureau
नोट बंदी के बाद मंगलवार का दिन उपभोक्ताओं के लिए तकलीफ भरा रहा। जिले के अधिकतर बैंकों और एटीएम में कैश नहीं होने के कारण लोगों को घंटों कैश आने के इंतजार में दिनभर लाइन में लगना पड़ा। बावजूद इसके लोगों को कैश नहीं मिला और बैरंग लौटना पड़ा। मंगलवार को जिले में आरबीआई में कैश नहीं आया। वहीं एटीएम भी खाली रहे। इसके कारण बाजार भी बेजान नजर आया। दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे। मंगलवार को सिर्फ एसबीआई की शाखाओं में ही कैश दिया गया। इसके अलावा कुछ छोटे बैंकों ने भी कैश जारी किया, लेकिन इन बैंकों में उपभोक्ताओं की संख्या बहुत कम है। आगे राहत की बात यह है कि अब एटीएम में दो हजार रुपये के नोट डाले जा रहे हैं। इससे लाइन कम होने की उम्मीद है। वहीं पीएनबी के एटीएम में 500-500 रुपये के नए नोट भी डाले गए हैं। सोमवार तक जिले में करीब 900 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। करीब 60 करोड़ रुपये बदले गए हैं। जिला में विभिन्न बैंकों की 137 शाखाएं और 131 एटीएम बूथ हैं। इनमें करीब 50 बैंक ऐसे हैं, जिनकी एटीएम नहीं हैं। मंगलवार को भी कैश के लिए लोग बैंक खुलने से पहले ही लाइन में लग गए, लेकिन बैंक खुलने के साथ ही कैश नहीं होने सूचना मिली। वहीं एटीएम से कैश निकालने के लिए लोग एटीएम के चक्कर काटते रहे। रानी तालाब स्थित एसबीआई, रोहतक रोड के एसबीआई, सफीदों गेट स्थित एसबीओपी जैसे कुछ बैंकों की ही एटीएम से कैश निकला। वहीं कारपोरेशन बैंक, यूनाइटेड बैंक, एसबीआई में ही कैश जारी किया गया। अन्य सभी बैंक शाखाओं में लोगों के पास सिर्फ कैश जमा करवाने का ही विकल्प था। इसके चलते मंगलवार को बैंकों में भीड़ भी काफी कम रही। मंगलवार अब तक की सबसे विकट स्थिति देखी गई। बैंकों और एटीएम में कैश नहीं होने के कारण लोगों के जरूरी काम भी अटक गए। यहां तक कि लोगों को घर का सामान भी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


बाजार पर मंदी की मार
नोट बंदी के बाद से ही यूं तो बाजार बेजान हैं, लेकिन मंगलवार को स्थिति और भी दयनीय रही। मेन बाजार के व्यापारियों की मानें तो कुछ दुकानों पर दोपहर एक बजे तक बोहनी भी नहीं हुई थी। वहीं कुछ उपभोक्ताओं द्वारा दो-दो हजार रुपये के नोट दिए जा रहे हैं। इससे खुले पैसे देने में व्यापारियों को दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन


रोडवेज की बस में नहीं मिले खुले
ढिगाना से आने वाली रोडवेज की बस में एक यात्री ने टिकट लिया तो कंडक्टर को दो हजार रुपये का नोट थम दिया। कंडक्टर यात्री को साथ लेकर रोडवेज की कैश शाखा में गया। यहां यात्री को पुराने 500-500 के नोट थमाए जाने लगे। इस पर कैश काउंटर के कर्मचारी और यात्री के बीच कहासुनी हो गई। बाद में यात्री ने ही किसी परिचित से पैसे खुले करवाकर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर का जरूरी समान खत्म, बढ़ी परेशानी
घर का जरूरी समान खत्म हो चुका हैं। अब यहां एसबीओपी एटीएम के बाहर लाइन में खड़े हैं पता नहीं कब नंबर आएगा। घर का रसोई का समान, दूध और चाय पत्ति जैसी चीजें समाप्त हो रही हैं। दुकानदारों ने भी उधार करना बंद कर दिया हैं। इससे काफी परेशानी हो रही हैं।
- मेहर सिंह।

दूध, घी हो रहा खत्म
देशी-घी, दूध और सब्जी घर पर खत्म हो रही हैं। पैसे निकलवाने के लिए बैंकों और एटीएम के बाहर काफी भीड़ लगी है, शहर के अधिकतर एटीएम में कैश नहीं हैं, जिस एटीएम में कैश है, उस एटीएम का भी पक्का पता नहीं कि कब कैश खत्म हो जाए। कई बार तो लाइन में लगे रहने के बाद भी कैश नहीं मिल पाता।
- अशोक।

लोग पुलिसकर्मी को धकेल बैंक में घुसे
अलेवा। नोट बंदी के दो सप्ताह बाद भी बैंकों के बाहर लाइनें छोटी होने का नाम नहीं ले रही हैं। पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बदलवाने कराने के लिए ग्रामीणों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। मंगलवार को अलेवा एसबीआई की शाखा में ग्रामीणों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि सुरक्षा के लिए लगाए दो पुलिस के जवानों को पीछे धकेलकर लोग जबरदस्ती मेन गेट से अंदर घुस गए। भीड़ काबू नहीं होती देख शाखा प्रबंधक कंचन कुमार जायसवाल ने अलेवा थाना प्रभारी को सूचना दी। इस पर अलेवा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह मोर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को बाहर खदेड़ा। लोगों ने बताया कि अलेवा एचडीएफसी और खांडा स्थित एक्सिस बैंक मेें कैश खत्म होने का पता चलते ही सभी ग्रामीण एसबीआई शाखा के आगे पहुंच गए।

एटीएम से पैसे निकलवाने के लिए भी लगी लाइन
अलेवा एसबीआई शाखा के एटीएम में मंगलवार को रुपये की राशि डालने के बाद पैसे निकलवाने वाले लोगों की भारी भीड़ देखी गई। बैंक उपभोक्ता पैसे निकलवाने के लिए धक्का-मुक्की करते रहे। ग्रामीणों की एटीएम पर बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस द्वारा सुरक्षा के लिए लगाए पुलिस के जवानों द्वारा लाइन लगवाई गई।

कोऑपरेटिव बैंक के 5500 खाताधारक परेशान
नोट बंदी के मामले में सरकार के आदेश के बाद को-ऑपरेटिव बैंकों ने लेनदेन बंद कर दिया है। इससे नगूरां को-ऑपरेटिव बैंक के करीब 5500 खाता धारकों की जिंदगी ठहर गई है। बैंकों के इस फैसले से विवाह शादियों के अलावा घर का काम चलाना भी मुश्किल हो रहा है। उपभोक्ता मदन ने बताया कि उसका बैंक खाता को-ऑपरेटिव बैंक में है और कैश सिर्फ उसी बैंक में बदला जा सकता है, जहां खाता है। इससे वे अपने पैसे नहीं बदलवा पा रहे हैं। साथ ही को-ऑपरेटिव बैंक पुराने नोट भी नहीं ले रहा है। को-ऑपरेटिव बैंक जींद के महाप्रबंधक निहाल सिंह के अनुसार रिजर्व निर्देशों का पालन किया जा रहा है। को-ऑपरेटिव बैंकों में पुराने 500 और एक हजार के रुपये के नोट बदलने पर पाबंदी लगाई है।

मार्केट कमेटी चेयरमैन ने बैंकों में सुनी लोगों की समस्या
पिल्लूखेड़ा। मार्केट कमेटी के चेयरमैन डॉ. हवा सिंह देशवाल तथा वाइस चेयरमैन चंद्रभान गर्ग ने मंगलवार को लोगों से बातचीत कर बैंकों में उनके सामने आ रही परेशानियों के बारे में बात की और उनकी समस्याएं सुनी। लोगों की समस्याएं सुनने के बाद कस्बे के बैंक मैनेजरों से बातचीत की और लोगों की समस्याओं को दूर करने का आह्वान किया।

बैंक प्रबंधक ने फाड़ा नोट, उपभोक्ता की शिकायत पर बोले नकली था
सफीदों। इंडियन बैंक के प्रबंधक द्वारा एक उपभोक्ता का एक हजार का नोट फाड़कर कचरे में डालने का मामला सामने आया है। जिसकी शिकायत पीड़ित उपभोक्ता ने स्थानीय एसडीएम और पुलिस के साथ बैंक के उच्च अधिकारियों को की है। वहीं बैंक के प्रबंधक का कहना है कि नोट नकली था और आरबीआई के आदेशों के अनुसार ही उसे फाड़ा गया है। रामनगर गांव निवासी प्रवीण ने बताया कि वह मंगलवार को अपने खाते में 17 हजार 500 रुपये जमा करवाने गया था। इसमें छह नोट एक हजार के थे। आरोप है कि प्रबंधक लक्ष्मण गिरी ने एक नोट को नकली बताते हुए फाड़ दिया। इससे उसे एक हजार रुपये का नुकसान हो गया। बैंक प्रबंधक के अनुसार नकली नोट को फाड़ना होता है, जबकि इस मामले में उच्च अधिकारियों के अनुसार नोट को इस प्रकार नहीं फाड़ा जा सकता।


नहीं पहुंचा कैश
मंगलवार को कैश नहीं पहुंचा। इससे जिन बैंकों के पास पहले से कैश था, वहीं उपभोक्ताओं को दिया गया है। शाम तक एटीएम में पैसे डाले जाएंगे। इससे बुधवार सुबह से लोग पैसे निकाल सकेंगे। पीएनबी में दो हजार रुपये के साथ पांच सौ रुपये के नोट भी दिए जा रहे हैं।
मिथिलेश कुमार झा, एलडीएम

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed