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Jind News: मालवी गांव का आयुर्वेदिक औषधालय जर्जर होकर गिर रहा
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०7जेएनडी33: छत से दिख रहा सरिया। संवाद
जुलाना। मालवी गांव में बने आयुर्वेदिक औषधालय में चिकित्सक जर्जर भवन में बैठकर इलाज करने को मजबूर हैं। कई बार इसकी गुहार भी लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया। भवन को कंडम तो घोषित किया गया, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी नया भवन नहीं बनाया गया। छत से सीमेंट और कंक्रीट के बड़े टुकड़े गिर रहे हैं। चिकित्सकों को भय के साये में इलाज करवाना पड़ रहा है।
इस भवन में बैठने से खुद चिकित्सक भी डरते हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से चिकित्सक खुद की जान को जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। पांच साल पहले कंडम घोषित हुए भवन में लोगों को इलाज के नाम पर मौत की दावत दी जा रही है। अगर समय रहते इस भवन को गिराकर दूसरे की व्यवस्था नहीं हुई तो यहां पर मरीजों के साथ चिकित्सकों की भी जान के साथ खिलवाड़ हो सकता है।
बाक्स
नए भवन के लिए मंजूर हुए 45 लाख, नहीं हो पाए टेंडर
विभाग को कई साल पहले नए भवन के लिए पत्र लिखा गया था। इसके लिए 45 लाख रुपये भी मंजूर हो गए थे, लेकिन भवन बनाने के लिए टेंडर नहीं हो पाए। अब दोबारा से पत्र लिखा जाएगा, ताकि जर्जर भवन में किसी चिकित्सक व मरीज को खतरा न हो।
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-डॉ. सोनिया आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी
बाक्स
गांव में आयुर्वेदिक औषधालय का भवन जर्जर हालात में है। यहां पर चिकित्सक काम करने से डरते हैं, तो वहीं भवन में मरीज भी आने से डर रहे हैं। जर्जर भवन के कारण कोई भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। छत से सीमेंट के टुकड़े गिरते रहते हैं। ग्राम पंचायत जल्द ही सीएम से मिलेगी और नए भवन की मांग करेगी।
-राजेंद्र जांगड़ा, सरपंच मालवी।
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इस भवन में बैठने से खुद चिकित्सक भी डरते हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से चिकित्सक खुद की जान को जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। पांच साल पहले कंडम घोषित हुए भवन में लोगों को इलाज के नाम पर मौत की दावत दी जा रही है। अगर समय रहते इस भवन को गिराकर दूसरे की व्यवस्था नहीं हुई तो यहां पर मरीजों के साथ चिकित्सकों की भी जान के साथ खिलवाड़ हो सकता है।
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नए भवन के लिए मंजूर हुए 45 लाख, नहीं हो पाए टेंडर
विभाग को कई साल पहले नए भवन के लिए पत्र लिखा गया था। इसके लिए 45 लाख रुपये भी मंजूर हो गए थे, लेकिन भवन बनाने के लिए टेंडर नहीं हो पाए। अब दोबारा से पत्र लिखा जाएगा, ताकि जर्जर भवन में किसी चिकित्सक व मरीज को खतरा न हो।
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-डॉ. सोनिया आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी
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गांव में आयुर्वेदिक औषधालय का भवन जर्जर हालात में है। यहां पर चिकित्सक काम करने से डरते हैं, तो वहीं भवन में मरीज भी आने से डर रहे हैं। जर्जर भवन के कारण कोई भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। छत से सीमेंट के टुकड़े गिरते रहते हैं। ग्राम पंचायत जल्द ही सीएम से मिलेगी और नए भवन की मांग करेगी।
-राजेंद्र जांगड़ा, सरपंच मालवी।