{"_id":"619fce77aa9826087b062a19","slug":"auto-overturned-school-children-returning-home-five-injured-one-referred-to-hisar-jind-news-rtk630904621","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर लौट रहे स्कूली बच्चों का ऑटो पलटा, पांच घायल, एक हिसार रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर लौट रहे स्कूली बच्चों का ऑटो पलटा, पांच घायल, एक हिसार रेफर
विज्ञापन
घायल सक्षम को एंबुलेंस में ले जाते परिजन। संवाद
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। स्कूल की छुट्टी के बाद ऑटो में सवार होकर घर लौट रहे क्राइस्ट राजा स्कूल के बच्चों का ऑटो वीरवार दोपहर करीब दो बजे हांसी ब्रांच नहर के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के समय ऑटो में 10-11 बच्चे सवार थे। इनमें पांच बच्चे घायल हो गए। इसमें से आठवीं कक्षा के सक्षम की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे इलाज के लिए हिसार के निजी अस्पताल में ले जाया गया है। वहीं अन्य बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया है।
दरअसल छुट्टी के बाद क्राइस्ट राजा स्कूल के बच्चे ऑटो में सवार होकर घर लौट रहे थे। जब ऑटो हांसी ब्रांच नहर के पास राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पास पहुंचा तो सामने एक बाइक आ गई। इसको बचाने के चक्कर में ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे सक्षम सबसे नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने ऑटो को उठाकर बच्चों को बाहर निकाला और निजी अस्पताल में पहुंचाया। वहीं अस्पताल में सक्षम की मां का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
बस से आधा पड़ता है खर्च
हालांकि स्कूलों द्वारा बस में बच्चे भेजने की बात कही जाती है, लेकिन बस की बजाये ऑटो से बच्चे भेजना काफी सस्ता पड़ता है। ऐसे में काफी अभिभावक ऑटो में बच्चे भेजते हैं। शहर में बच्चों को छोड़ने के लिए स्कूल बस करीब एक हजार रुपये मासिक लेती है। वहीं ऑटो से 400-500 रुपये प्रति बच्चा खर्च आता है।
विज्ञापन
क्राइस्ट राजा स्कूल की प्राचार्य रंचिता ने बताया कि स्कूल का प्रयास रहता है कि बच्चे स्कूल बस में ही जाएं। यह सुरक्षित है। कुछ अभिभावक बच्चों को ऑटो से भेजते हैं। यह सुरक्षित नहीं है। स्कूल की तरफ से डीटीओ कार्यालय में भी इसकी शिकायत दी गई है। इसमें स्कूल की कोई कमी नहीं है। यह व्यवस्था अभिभावकों द्वारा की गई है।
इधर, इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक हुड्डा ने बताया कि इसके लिए पहले ही अभियान तय किया गया है। सिर्फ स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ऑटो नहीं, अन्य सभी यात्री वाहनों की जांच की जाएगी। इसमें तय सीमा से अधिक यात्रियों को बैठाने वालों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
दरअसल छुट्टी के बाद क्राइस्ट राजा स्कूल के बच्चे ऑटो में सवार होकर घर लौट रहे थे। जब ऑटो हांसी ब्रांच नहर के पास राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पास पहुंचा तो सामने एक बाइक आ गई। इसको बचाने के चक्कर में ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे सक्षम सबसे नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने ऑटो को उठाकर बच्चों को बाहर निकाला और निजी अस्पताल में पहुंचाया। वहीं अस्पताल में सक्षम की मां का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
विज्ञापन
बस से आधा पड़ता है खर्च
हालांकि स्कूलों द्वारा बस में बच्चे भेजने की बात कही जाती है, लेकिन बस की बजाये ऑटो से बच्चे भेजना काफी सस्ता पड़ता है। ऐसे में काफी अभिभावक ऑटो में बच्चे भेजते हैं। शहर में बच्चों को छोड़ने के लिए स्कूल बस करीब एक हजार रुपये मासिक लेती है। वहीं ऑटो से 400-500 रुपये प्रति बच्चा खर्च आता है।
विज्ञापन
क्राइस्ट राजा स्कूल की प्राचार्य रंचिता ने बताया कि स्कूल का प्रयास रहता है कि बच्चे स्कूल बस में ही जाएं। यह सुरक्षित है। कुछ अभिभावक बच्चों को ऑटो से भेजते हैं। यह सुरक्षित नहीं है। स्कूल की तरफ से डीटीओ कार्यालय में भी इसकी शिकायत दी गई है। इसमें स्कूल की कोई कमी नहीं है। यह व्यवस्था अभिभावकों द्वारा की गई है।
इधर, इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक हुड्डा ने बताया कि इसके लिए पहले ही अभियान तय किया गया है। सिर्फ स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ऑटो नहीं, अन्य सभी यात्री वाहनों की जांच की जाएगी। इसमें तय सीमा से अधिक यात्रियों को बैठाने वालों पर कार्रवाई होगी।