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शहर में निजी बसें बंद करवाने की मांग को लेकर ऑटो चालकों ने की हड़ताल, आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

Fri, 07 Oct 2022 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 12:45 AM IST
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Auto drivers strike, thousands of passengers remain light
जींद। शहर के अंदर से गुजरने वाली निजी बसों को बंद करवाने की मांग को लेकर वीरवार को ऑटो चालकों ने हड़ताल कर दी और लघु सचिवालय में धरना शुरू कर दिया। ऑटो रिक्शा नहीं चलाए। जो ऑटो चलते मिले उनसे सवारियों को बीच रास्ते उतार दिया गया। इसके चलते कई आटो चालकों की यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ बहस भी हुई। हड़ताल से सवारियों को फजीहत उठानी पड़ी। ऑटो चालकों ने लघु सचिवालय के सामने धरना दिया। लगभग 20 हजार से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे दी गई है।
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ऑटो यूनियन जिलाध्यक्ष मनजीत रेढू ने बताया कि शहर के अंदर से निजी बसें चलने से उनकी रोजी रोटी खत्म होने के कगार पर आ गई हैं। उन्हें ऑटो की किस्त और बैंक का लोन भी देना पड़ता है। काम नहीं रहेगा तो ये भी नहीं चुका पाएंगे। इसलिए शहर के अंदर से बसें चलनी बंद होनी चाहिए।
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शहर में ऑटो यूनियन के रिकार्ड के अनुसार तीन हजार ऑटो चलते हैं। इनमें से प्रतिदिन कई हजार यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। हड़ताल के कारण शहर में नागरिक अस्पताल, बस अड्डा लघु सचिवालय समेत कई स्थानों पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कुछेक ई रिक्शा चल रही थी। जिसमें नाममात्र ही सवारी सफर कर सकी। इसके अलावा ऑटो संचालकों की हड़ताल ने शहर में लगभग 20 हजार यात्रियों को दिनभर परेशानी हुई।
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शहर में बस न चले तो विद्यार्थी करते हैं विरोध
यदि शहर में चलने वाली निजी बसों को प्रशासन बंद करता है तो शहर के सभी स्कूल व कॉलेजों में पढने वाले लगभग दस हजार विद्यार्थी विरोध करते हैं। विद्यार्थियों ने शहर के अंदर बस चलवाने की मांग को लेकर दो बार बस अड्डे के गेट को ताला जड़ चुके हैं। इसके आलावा बाजार के दुकानदार भी बसों के बंद होने से परेशान होकर प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं।
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यात्रियों से हुई नोकझोंक, बस चालकों से भी उलझे
आटो यूनियन कार्यकर्ता हड़ताल के चलते शहर के अलग अलग हिस्सों में फैल गए। जो आटो गांव से शहर में आते हैं, उनके चालकों के साथ यूनियन के सदस्यों ने बहस की। यहां तक की सवारियों को बीच में ही उतार दिया गया गया। इस दौरान नोकझोंक भी अच्छी खासी देखने को मिली। आटो यूनियन की हड़ताल के चलते आटो चालकों ने शहर के अंदर से गुजरने वाली परिवहन समिति बस चालकों के साथ टकराव की कोशिश भी की। गोहाना रोड से पटियाला चौक तक चालकों ने आटो को परिवहन समिति बस आते देख बीच में खड़ा कर रास्ता भी रोका। बस चालकों के साथ कहासुनी भी हुई।

मजबूरी में करनी पड़ी हड़ताल : ऑटो यूनियन प्रधान
ऑटो यूनियन के प्रधान विजय दलाल ने कहा कि शहर में छह हजार आटो रिक्शा हैं। इसमें चार हजार डीजल तथा सीएनजी, जबकि दो हजार ई रिक्शा शामिल हैं। शहर में जाम को खत्म करने के लिए नया बस स्टैंड पांडू-पिंडारा में बनाया गया है। इसके बाद भी बसों को शहर के अंदर से चलाया जा रहा है। इस कारण आटो चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई बार अधिकारियों से बातचीत हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इस कारण मजबूरी में आटो चालकों को हड़ताल करनी पड़ रही है।
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