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Jind News: आशा वर्करों ने लघु सचिवालय के बाहर जलाया सरकार का पुतला
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जींद। विधानसभा पर प्रदर्शन करने जा रही आशा वर्करों की गिरफ्तारी के विरोध में जिले भर की आशा वर्करों ने मंगलवार को दमन विरोधी दिवस मनाया। आशा वर्करों ने लघु सचिवालय तक सरकार की शवयात्रा निकालकर पुतला दहन किया। आशा वर्करों के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, खेत मजदूर यूनियन व किसान सभा भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।
जिला प्रधान नीलम ने बताया कि पिछले 22 दिन से प्रदेशभर में आशा वर्करों की हड़ताल चली हुई है। इसके बावजूद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने 12 अगस्त को आशा वर्कर्स को विश्वास दिलवाया था कि उनकी मांगों को वार्ता कर जल्द समाधान किया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई वार्ता सरकार ने नहीं बुलाई।
अपनी मांगों के निस्तारण के लिए 28 अगस्त को विधानसभा पर प्रदर्शन करने जा रही हरियाणा भर की आशा वर्कर्स को रास्तों में जबरदस्ती रोककर गिरफ्तार किया गया। बसों में बैठा कर भूखे प्यासे सारा दिन घुमाते रहे। पानी की मांग करने पर भी बस को नहीं रोका गया। सीटू के नेताओं को भी गैर कानूनी हिरासत में रखा गया। विधानसभा घेराव से हरियाणा सरकार इतनी ज्यादा घबराई हुईं थी कि इसने प्रदेशभर की आशा वर्करों के घरों पर पुलिस बिठा कर नजर बंद कर दिया गया। विधानसभा की तरफ प्रदर्शन करते हुए आशा वर्कर्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पंचकुला की आशा वर्कर्स को जिला कुरुक्षेत्र के लाडवा ब्लॉक के बस अड्डे पर ही छोड़कर पुलिस व चालक चले गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन हरियाणा सरकार लोगों की आवाज को दबाने के लिए दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि वह सरकार की इस दमनकारी नीति के विरोध में अपनी हड़ताल को 11 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय ले चुकी हैं। अब सरकार के विरोध में गांवों में सरपंच, पंच से समर्थन मांगकर आमजन को सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में जागरूक किया जाएगा। इस अवसर पर सुनीता, मुकेश, मंजू, भी मौजूद रही।
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जिला प्रधान नीलम ने बताया कि पिछले 22 दिन से प्रदेशभर में आशा वर्करों की हड़ताल चली हुई है। इसके बावजूद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने 12 अगस्त को आशा वर्कर्स को विश्वास दिलवाया था कि उनकी मांगों को वार्ता कर जल्द समाधान किया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई वार्ता सरकार ने नहीं बुलाई।
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अपनी मांगों के निस्तारण के लिए 28 अगस्त को विधानसभा पर प्रदर्शन करने जा रही हरियाणा भर की आशा वर्कर्स को रास्तों में जबरदस्ती रोककर गिरफ्तार किया गया। बसों में बैठा कर भूखे प्यासे सारा दिन घुमाते रहे। पानी की मांग करने पर भी बस को नहीं रोका गया। सीटू के नेताओं को भी गैर कानूनी हिरासत में रखा गया। विधानसभा घेराव से हरियाणा सरकार इतनी ज्यादा घबराई हुईं थी कि इसने प्रदेशभर की आशा वर्करों के घरों पर पुलिस बिठा कर नजर बंद कर दिया गया। विधानसभा की तरफ प्रदर्शन करते हुए आशा वर्कर्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पंचकुला की आशा वर्कर्स को जिला कुरुक्षेत्र के लाडवा ब्लॉक के बस अड्डे पर ही छोड़कर पुलिस व चालक चले गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन हरियाणा सरकार लोगों की आवाज को दबाने के लिए दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि वह सरकार की इस दमनकारी नीति के विरोध में अपनी हड़ताल को 11 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय ले चुकी हैं। अब सरकार के विरोध में गांवों में सरपंच, पंच से समर्थन मांगकर आमजन को सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में जागरूक किया जाएगा। इस अवसर पर सुनीता, मुकेश, मंजू, भी मौजूद रही।
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