जींद। गोहाना रोड स्थित ग्रीन बेल्ट में मंगलवार को सातवें दिन भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का धरना जिला प्रधान भुला देवी की अध्यक्षता में जारी रहा। वो स्थायी कर्मचारी घोषित करने व 24 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग कर रही हैं।
इस दौरान धरने को संबोधित करते हुए जिला सचिव सुमन ने कहा कि उन्होंने सरकार से उनको पक्के कर्मचारी घोषित करने व जब तक पक्का कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, 24 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग की थी। लेकिन सरकार ने उनकी मांग को कई वर्ष बीतने के बाद भी आज तक पूरा नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2018 में कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये व हेल्पर के 750 रुपये बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद कई राज्यों में वर्कर व हेल्पर का मानदेय बढ़ाया गया है, लेकिन हरियाणा में आज तक एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। इसके अलावा अब तक वर्कर को स्मार्ट फोन नहीं दिए गए और पोषण ट्रैकर एप डाउनलोड करने का अनावश्यक दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार आईसीडीएस और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लाई हैं। इसके तहत प्ले वे स्कूलों के द्वारा आईसीडीएस को निजी हाथों व एनजीओ को सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की इन नीतियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगी। इस अवसर पर कविता, उषा सैनी, अमरजीत कौर, राजबाला, अनीता, मीनाक्षी, नीलम, जरासो देवी, रेखा, शीला व पूनम मौजूद रहीं।