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Jind: आंगनबाड़ी कर्मियों को एक साल से नहीं मिला केंद्रों का किराया, लघु सचिवालय में धरना-प्रदर्शन
Thu, 08 Dec 2022 02:39 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 08 Dec 2022 02:39 PM IST
सार
महिलाओं ने कहा कि वह आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों से हैं। प्रति माह गैस सिलिंडर के पैसे अपने खर्च से देने पड़ रहे है। वह घर का खर्च चलाएं या आंगनबाड़ी का।
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जींद में आंगनबाड़ी वर्कर्स का प्रदर्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
जींद में आगंनबाड़ी कर्मियों ने गुरुवार को लघु सचिवालय में पिछले एक वर्ष से केंद्रों के किराये व गैस सिलिंडर भरवाने के लिए रुपये नहीं मिलने के विरोध में धरना दिया। धरना जिला प्रधान राजबाला देवी की अध्यक्षता में दिया गया। इसके बाद मांगों का ज्ञापन जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कुमारी सीमा प्रसाद को सौंपा गया।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कर्मियों ने बताया कि उनके केंद्र किराये पर चल रहे हैं। पिछले एक वर्ष से किराया नहीं मिलने के कारण केंद्रों के मालिक उनके सामान को बाहर फेंक रहे हैं। वह केंद्र मालिकों को कितने दिन तक झूठ बोलकर आंगनबाड़ी चलाएं। इसके अलावा उन्होंने गैस सिलिंडर भरवाने के लिए रुपये नहीं मिलने की बात कही। महिलाओं ने कहा कि वह आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों से हैं। प्रति माह गैस सिलिंडर के पैसे अपने खर्च से देने पड़ रहे है। वह घर का खर्च चलाएं या आंगनबाड़ी का। उन्होंने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी केंद्र पर वर्दी में आने का दबाव बनाती है, लेकिन वर्दी का भत्ता पिछले तीन वर्ष से उनको नहीं दिया गया।
केंद्रों में नमक की थैली विभाग द्वारा राशन में नहीं दी जा रही। जिसके चलते कर्मियों को खुद के पैसे से नमक खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा रजिस्टर विभाग को देने होते हैं, लेकिन विभाग द्वारा नहीं दिए जाने के कारण उनको खुद के पैसे से खरीदने पड़ रहे हैं, अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों में हेल्पर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह अनिश्चितकाल के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर धरना देने के लिए मजबूर होंगी। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी कुमारी सीमा प्रसाद ने मुख्यालय में आंगनबाड़ी कर्मियों के सामने बात कर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
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ज्ञापन में आंगनबाड़ी कर्मियों ने बताया कि उनके केंद्र किराये पर चल रहे हैं। पिछले एक वर्ष से किराया नहीं मिलने के कारण केंद्रों के मालिक उनके सामान को बाहर फेंक रहे हैं। वह केंद्र मालिकों को कितने दिन तक झूठ बोलकर आंगनबाड़ी चलाएं। इसके अलावा उन्होंने गैस सिलिंडर भरवाने के लिए रुपये नहीं मिलने की बात कही। महिलाओं ने कहा कि वह आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों से हैं। प्रति माह गैस सिलिंडर के पैसे अपने खर्च से देने पड़ रहे है। वह घर का खर्च चलाएं या आंगनबाड़ी का। उन्होंने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी केंद्र पर वर्दी में आने का दबाव बनाती है, लेकिन वर्दी का भत्ता पिछले तीन वर्ष से उनको नहीं दिया गया।
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केंद्रों में नमक की थैली विभाग द्वारा राशन में नहीं दी जा रही। जिसके चलते कर्मियों को खुद के पैसे से नमक खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा रजिस्टर विभाग को देने होते हैं, लेकिन विभाग द्वारा नहीं दिए जाने के कारण उनको खुद के पैसे से खरीदने पड़ रहे हैं, अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों में हेल्पर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह अनिश्चितकाल के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर धरना देने के लिए मजबूर होंगी। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी कुमारी सीमा प्रसाद ने मुख्यालय में आंगनबाड़ी कर्मियों के सामने बात कर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
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