जींद। आंगनबाड़ी केंद्रों को निजी हाथों में सौंपने का विरोध कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। यूनियन कार्यकर्ताओं ने थाली बजाकर बस स्टैंड तक प्रदर्शन किया। इसके चलते बस स्टैंड के पास कुछ देर तक जाम की स्थिति बन गई।
लघु सचिवालय के बाहर धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान राजबाला ने कहा कि सन 1975 सरकार ने आंगनबाड़ी की योजना शुरू की। इसके चलते गांव-गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना हुई। इसके तहत कुपोषण को रोकने के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ। मामूली से बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायक पूरी लगन व मेहनत से काम कर रही हैं। आज सरकार इसे निजी एनजीओ को सौंप रही है। उन्होंने कहा कि एनजीओ को कोई रिपोर्ट नहीं दी जाएगी। इसके विरोध में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को ताले लगा दिए गए हैं और यह ताले तभी खुलेंगे, जब सरकार अपना फैसला वापस लेगी। साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि आंदोलन के चलते बर्खास्त की गई कार्यकर्ता कमला गोदारा को भी सरकार को बहाल करना होगा। इस मौके पर दयावंती, उर्मिला, सविता, निर्मला, विद्या सुदेश बिमला कमला नीलम, मीनू, श्वेता, माधुरी, सुनीता, रमा, कुसुम, गुलशन व मनीला मौजूद रहीं।