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Jind News: बहन को डोली में भी नहीं विदा कर सका अमन, दो भाइयों को आज बंधना था सेहरा
Fri, 24 May 2024 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 24 May 2024 01:58 AM IST
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23जेएनडी26-मृतक अमन। संवाद
जींद। लोहचब गांव का अमन अपनी बहन को डोली में भी नहीं बिदा कर सका और हादसे का शिकार हो गया। बहन की शादी से एक दिन पहले ही उसकी हादसे में मौत हो गई। अमन की बहन ममता उर्फ खुशी की वीरवार को उकलाना हलका के गांव साहू से बरात आनी थी, जबकि शुक्रवार को उसके दो भाई सोनू और मोनू की शादी थी, लेकिन इससे पहले ही हादसा हो गया। इस हादसे से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
बुधवार देर शाम को शादी के गीत गाए जा रहे थे, लेकिन तभी परिवार वालों को हादसे की सूचना मिली। सूचना पाकर परिवार के कुछ लोग नरवाना नागरिक अस्पताल की तरफ भागे तो पता चला कि दोनों की मौत हो चुकी है। बुधवार देर शाम अमन और उसकी मौसी का लड़का मनप्रीत बाइक पर सवार होकर नरवाना शहर में अपनी मौसी के बच्चों को लाने के लिए गांव लोहचब से चले थे, लेकिन उनके साथ नरवाना शहर पहुंचने से पहले ही हादसा हो गया। मनप्रीत भी बड़े चाव से अपनी मौसेरी बहन और भाइयों की की शादी में अपनी मां के साथ आया था। अमन का परिवार लोहचब में अपनी मां के गांव में ही रहता था। अमन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। तीनों मजदूरी करते थे। मनप्रीत दो भाई और एक बहन है।
जब घर नहीं लौटे तो ढूंढते हुए स्टेशन पर पहुंचे
अमन और मनप्रीत देर शाम नरवाना शहर के लिए चले थे। उनको नरवाना शहर से मौसी के बच्चों को लाने के लिए भेजा गया था। उनको बच्चों को लेकर रात को ही लौटना था, लेकिन उससे पहले यह हादसा हो गया। दोनों युवकों के आने का नरवाना शहर में मौसी का परिवार और गांव में परिजन इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह न तो नरवाना शहर पहुंचे और न ही गांव लौटे। ऐसे में जब दोनों के बारे में कुछ पता नहीं चला तो परिजन उन्हें ढूंढते हुए कर्मगढ़ गांव वाले फाटक के पास स्थित धरौदी स्टेशन मास्टर के पास पहुंचे। वहां पर उन्हें पता चला कि बाइक सवार दो युवक फाटक क्रॉस करते समय ट्रेन की चपेट में आ गए हैं। उनको नागरिक अस्पताल नरवाना ले जाया गया है।
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मनप्रीत के नाना सुखविंद्र का कहना है कि उनकी बेटी की लड़की और दो लड़कों की शादी थी। दयोती ममता उर्फ खुशी की बरात वीरवार को उकलाना के गांव साहू से आनी थी। शुक्रवार को दोनों दयोते सोनू और मोनू की बरात भी साहू गांव ही जानी थी। उन्हें क्या पता था कि शादी होने से पहले ही उनकी खुशियां छिन जाएंगी।
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बुधवार देर शाम को शादी के गीत गाए जा रहे थे, लेकिन तभी परिवार वालों को हादसे की सूचना मिली। सूचना पाकर परिवार के कुछ लोग नरवाना नागरिक अस्पताल की तरफ भागे तो पता चला कि दोनों की मौत हो चुकी है। बुधवार देर शाम अमन और उसकी मौसी का लड़का मनप्रीत बाइक पर सवार होकर नरवाना शहर में अपनी मौसी के बच्चों को लाने के लिए गांव लोहचब से चले थे, लेकिन उनके साथ नरवाना शहर पहुंचने से पहले ही हादसा हो गया। मनप्रीत भी बड़े चाव से अपनी मौसेरी बहन और भाइयों की की शादी में अपनी मां के साथ आया था। अमन का परिवार लोहचब में अपनी मां के गांव में ही रहता था। अमन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। तीनों मजदूरी करते थे। मनप्रीत दो भाई और एक बहन है।
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जब घर नहीं लौटे तो ढूंढते हुए स्टेशन पर पहुंचे
अमन और मनप्रीत देर शाम नरवाना शहर के लिए चले थे। उनको नरवाना शहर से मौसी के बच्चों को लाने के लिए भेजा गया था। उनको बच्चों को लेकर रात को ही लौटना था, लेकिन उससे पहले यह हादसा हो गया। दोनों युवकों के आने का नरवाना शहर में मौसी का परिवार और गांव में परिजन इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह न तो नरवाना शहर पहुंचे और न ही गांव लौटे। ऐसे में जब दोनों के बारे में कुछ पता नहीं चला तो परिजन उन्हें ढूंढते हुए कर्मगढ़ गांव वाले फाटक के पास स्थित धरौदी स्टेशन मास्टर के पास पहुंचे। वहां पर उन्हें पता चला कि बाइक सवार दो युवक फाटक क्रॉस करते समय ट्रेन की चपेट में आ गए हैं। उनको नागरिक अस्पताल नरवाना ले जाया गया है।
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मनप्रीत के नाना सुखविंद्र का कहना है कि उनकी बेटी की लड़की और दो लड़कों की शादी थी। दयोती ममता उर्फ खुशी की बरात वीरवार को उकलाना के गांव साहू से आनी थी। शुक्रवार को दोनों दयोते सोनू और मोनू की बरात भी साहू गांव ही जानी थी। उन्हें क्या पता था कि शादी होने से पहले ही उनकी खुशियां छिन जाएंगी।

23जेएनडी26-मृतक अमन। संवाद