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सीआरएसयू में सुपरिंटेंडेंट के पदों पर हुई भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप

Sun, 21 Nov 2021 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 11:42 PM IST
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Allegation of corruption in recruitment to the posts of Superintendent in CRSU
जींद। सीआरएसयू में साल 2016 में सुपरिंटेंडेंट के पद पर नियुक्ति के मामले में गांव घिमाना निवासी रचित ने सीएम विंडो पर शिकायत दी है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने उक्त शिकायत को जांच के लिए विश्वविद्यालय को भेजा है।
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शिकायतकर्ता रचित ने बताया कि विश्वविद्यालय में सुपरिंटेंडेंट के पद पर भर्ती निकाली गई थी। दो अक्टूबर 2016 को तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू योग्य पाया गया था। जिन्हें तीन अक्टूबर को सुबह 10 बजे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था, लेकिन जब प्रार्थी इंटरव्यू के लिए पहुंचे तो साक्षात्कार का समय बदल कर तीन बजे कर दिया गया। अयोग्य ठहराए गए तीन प्रार्थियों को भी बिना किसी आधार के योग्य ठहरा दिया गया। उनमें से एक व्यक्ति अनूप सिंह को नियुक्ति दे दी गई। रचित ने आरोप लगाया कि अनूप ने अपने आवेदन में गलत जानकारी दी। सीएम विंडो के माध्यम से ली गई जानकारी के अनुसार इसका खुलासा हुआ। अनूप इस पद के लिए योग्य नहीं था। इस मामले में कई माह पहले सीएम विंडो पर उसने शिकायत दी थी। जिसके बाद उसे विश्वविद्यालय बुलाया गया और शपथ पत्र मांगा गया। 19 अप्रैल को शपथ पत्र जमा करवा दिया। इसके बाद 15 जुलाई को सीएम विंडो पर शिकायत दी। जिसके बाद विश्वविद्यालय की तरफ से जांच के लिए कमेटी बनाई गई, लेकिन जांच कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की। रचित ने कहा कि सीएम विंडो की शिकायत पर एक माह में कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कई माह बीत जाने पर भी इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए दोबारा दो नवंबर को मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की।
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भर्तियों के चलते विवादों में रहा है विश्वविद्यालय
सीआरएसयू में भर्तियों का काफी समय से विवाद चल रहा है। सुपरिंटेंडेंड की नियुक्ति के मामले में दो साल से जांच चल रही है। वहीं पिछले साल टीचिंग स्टाफ की भर्तियों में विश्वविद्यालय के ही प्रो. संदीप बेरवाल ने गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। वह चयन कमेटी में शामिल थे। विश्वविद्यालय की तरफ से प्रो. संदीप बेरवाल को चयन कमेटी के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में सस्पेंड कर दिया गया था। इन भर्तियों की भी जांच सरकार के आदेश पर विजिलेंस द्वारा की जा रही है।
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रजिस्ट्रार डॉ. राजेश बंसल ने बताया कि रचित की शिकायत उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से जांच के लिए विश्वविद्यालय में आई है। शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। उससे पहले कुछ नहीं कह सकते।
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