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भगवान शिव की कृपा से दूर होते हैं सभी कष्ट : अरविंद शास्त्री
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फोटो 06जेएनडी17-कथा वाचक अरविंद शास्त्री महाराज। स्रोत श्रद्धालु
उचाना। लाला प्रभुदयाल चौधरी धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचक अरविंद शास्त्री ने शिव महापुराण की महिमा का विस्तृत वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि श्री शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, करुणा, सेवा और भक्ति का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञान का भंडार है। इस पवित्र ग्रंथ का श्रद्धा एवं विश्वास के साथ श्रवण करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है तथा भगवान भोलेनाथ की कृपा से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
शास्त्री ने कहा कि आज के समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे दौड़ते हुए मानसिक तनाव, क्रोध और अहंकार का शिकार हो रहा है। ऐसे समय में भगवान शिव की भक्ति और शिव महापुराण का श्रवण व्यक्ति के मन को शांति प्रदान करता है और उसे सदाचार, संयम और परोपकार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
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भगवान शिव अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। जो श्रद्धालु सच्चे मन, पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ उनका स्मरण करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं से अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता की सेवा करने, गोसेवा, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सावन माह भगवान शिव की आराधना का सबसे श्रेष्ठ समय माना गया है। इस महीने में शिव कथा का श्रवण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और शिव नाम का स्मरण करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों के सभी दुखों और संकटों को दूर करते हैं। कथा के समापन पर भगवान शिव की भव्य आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया।
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उन्होंने कहा कि श्री शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, करुणा, सेवा और भक्ति का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञान का भंडार है। इस पवित्र ग्रंथ का श्रद्धा एवं विश्वास के साथ श्रवण करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है तथा भगवान भोलेनाथ की कृपा से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
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शास्त्री ने कहा कि आज के समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे दौड़ते हुए मानसिक तनाव, क्रोध और अहंकार का शिकार हो रहा है। ऐसे समय में भगवान शिव की भक्ति और शिव महापुराण का श्रवण व्यक्ति के मन को शांति प्रदान करता है और उसे सदाचार, संयम और परोपकार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
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भगवान शिव अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। जो श्रद्धालु सच्चे मन, पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ उनका स्मरण करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं से अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, माता-पिता की सेवा करने, गोसेवा, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सावन माह भगवान शिव की आराधना का सबसे श्रेष्ठ समय माना गया है। इस महीने में शिव कथा का श्रवण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और शिव नाम का स्मरण करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों के सभी दुखों और संकटों को दूर करते हैं। कथा के समापन पर भगवान शिव की भव्य आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया।

फोटो 06जेएनडी17-कथा वाचक अरविंद शास्त्री महाराज। स्रोत श्रद्धालु