सफीदों। अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद की कर्मकांडी प्रकोष्ठ की बैठक बुधवार को पुराना बस स्टैंड अध्यक्ष संजीव गौतम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में दीपावली की तिथि को लेकर आवश्यक विचार-विमर्श हुआ। शास्त्रों के गहन विशलेषण के उपरांत फैसला लिया गया कि हर किसी को शास्त्र सम्मत लक्ष्मी पूजन (दीपावली) एक नवंबर के दिन करना चाहिए।
संजीव गौतम ने कहा कि एक नवंबर के दिन इस वर्ष (संवत 2081) शक 1946 में 31 अक्तूबर 2024 के दिन चतुर्दशी समाप्ति 15:53 है। चतुर्दशी समाप्ति के बाद अमावस्या शुरू होकर दूसरे दिन एक नवंबर के दिन शाम 18:17 बजे अमावस्या की समाप्ति हो रही है। 31 अक्तूबर को प्रदोषकाल में अमावस्या की अधिक व्याप्ति है और दूसरे दिन एक नवंबर के दिन प्रदोषकाल में अमावस्या अल्पकाल है। फिर भी एक नवंबर को लक्ष्मीपूजन करना ही उचित है। तीन प्रहर के उपरांत पर अंत हो रही हो और दूसरे दिन प्रतिपदा साढितीन प्रहर के उपरांत पर अंत हो रही हो, ऐसी स्थिति में लक्ष्मी पूजन करें। इस अवसर पर उपप्रधान रामप्रताप पोलिस्त, नागक्षेत्र मंदिर के पुजारी यतिंद्र कौशिक, रामगोपाल शर्मा, अनिल शर्मा, राममेहर शर्मा, अमित भार्गव, अरुण शर्मा मौजूद रहे।