फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Agriculture department inspected the damaged crop, samples were sent to Hisar University

Jind News: कृषि विभाग ने किया खराब फसल का निरीक्षण, सैंपल भेजे गए हिसार यूनिवर्सिटी

Wed, 23 Jul 2025 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Wed, 23 Jul 2025 11:56 PM IST
विज्ञापन
Agriculture department inspected the damaged crop, samples were sent to Hisar University
23जेएनडी11: खेतों से खराब हुई धान की फसल के सैंपल लेते हुए टीम। किसान
नरवाना। गांव सच्चा खेड़ा व गांव दबलैन में खराब हुई धान की फसल का क्षेत्रीय धान अनुसंधान केंद्र कोल, कैथल, कृषक विज्ञान केंद्र पांडू पिंडारा जींद व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग नरवाना की संयुक्त टीम ने बुधवार को निरीक्षण कर सैंपल लिए।
विज्ञापन

कृषक विज्ञान केंद्र पांडू पिंडारा जींद के कोऑर्डिनेटर डॉ. रामकरण की अध्यक्षता में यह निरीक्षण किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय धान अनुसंधान केंद्र से आए चिकित्सक विशाल, सहायक वैज्ञानिक पैथोलॉजिस्ट व डॉ. ललिता असिस्टेंट इटिमोलॉजिस्ट ने सच्चा खेड़ा व दबलैन गांव के खेतों में पहुंचकर खराब फसल का जायजा लिया।
विज्ञापन

खराब हुई फसल से धान के पौधे सैंपल के रूप में लिए। इसके बाद सभी सैंपल के रूप में एकत्रित किए पौधों व किसानों द्वारा उगाई गई धान की फसल से संबंधित बीजों के सैंपल हिसार यूनिवर्सिटी पैथोलॉजी में रिसर्च के लिए भेजे गए हैं ताकि इन सैंपलों पर अपनी रिसर्च कर बीमारी का पता लगाया जा सके और इसका समाधान निकाला जा सके। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग नरवाना से चिकित्सक सुरेंद्र मोर, डॉ. वीरेंद्र, रवि व धीरज मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीज कंपनी पर आरोप
किसानों का आरोप है कि उन्हें जो बीज दिया गया वह पूरी तरह से खराब था। जिस वजह से उनकी सारी फसल खराब हो गई। निरीक्षण टीम ने कहा की खेतों से सैंपल लेकर भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा।


रिपोर्ट आने तक किसानों को यह उपाय करने को कहा

1. डब्ल्यूबीपीएच की निगरानी– खेत में नियमित रूप से व्हाइट-बैक्ड प्लांट हॉपर की मौजूदगी की जांच करें। शुरुआती पहचान से नियंत्रण आसान होता है।

2. प्रतिरोधी किस्मों का उपयोग– ऐसी किस्में चुनें जो वायरस के प्रति कम संवेदनशील हों।

3. रासायनिक नियंत्रण करने पर इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।

वर्जन
गांव सच्चा खेड़ा व दबलैन में धान की खराब हुई फसल का निरीक्षण करने के लिए क्षेत्रीय धान अनुसंधान केंद्र कोल कैथल, कृषक विज्ञान केंद्र पांडू पिंडारा जींद एवं कृषि किसान कल्याण विभाग नरवाना कि संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। टीम ने खराब फसल के पौधों व संबंधित बीज के सैंपल लेकर हिसार यूनिवर्सिटी पैथोलॉजी में भेजे हैं।

--डॉ. वीरेंद्र बूरा, तकनीकी सहायक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग नरवाना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed