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चार दिन बाद जगतानंद महाराज ने किया जल ग्रहण
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क्रमिक अनशन पर पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : Jind
जींद। नंदीशाला के बाहर धरना दे रहे गोभक्त जगतानंद महाराज ने सोमवार को चार दिन बाद जल ग्रहण किया है। जगतानंद महाराज ने कहा कि संत गोपाला दास व राघवानंद महाराज के आग्रह पर जगतानंद महाराज ने जल ग्रहण किया है। यह जल ग्रहण किसी अधिकारी के हाथों नहीं बल्कि तहसीलदार के चालक नरेश के हाथों किया है।
गोभक्त सुमित लाठर ने कहा कि जगतानंद महाराज ने केवल जल ग्रहण किया है, अनशन समाप्त नहीं किया। यह अनशन जब तक जारी रहेगा, जब तक गोवंश के पर्याप्त सुविधा नंदीशाला में नहीं हो जाती। लाठर ने कहा कि जगतानंद महाराज ने चालक के हाथ से इसलिए जल ग्रहण किया क्योंकि उनकी छवि एक अच्छे इंसान की है और वह कोई प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं हैं।
जगतानंद महाराज व अन्य गोभक्तों को प्रशासनिक अधिकारियों पर भरोसा नहीं है, क्योंकि नंदीशाला से निकाले जाने वाले बारिश के पानी की निकासी जो छह घंटे में होनी चाहिए थी, उसकी निकासी होने में 90 घंटे लग गए हैं। छह घंटे के काम के लिए जब 90 घंटे का अनशन करना पड़ जाए तो ऐेसे में किस तरह प्रशासनिक अधिकारियों पर भरोसा किया जा सकता है।
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गोभक्त सुमित लाठर ने कहा कि जगतानंद महाराज ने केवल जल ग्रहण किया है, अनशन समाप्त नहीं किया। यह अनशन जब तक जारी रहेगा, जब तक गोवंश के पर्याप्त सुविधा नंदीशाला में नहीं हो जाती। लाठर ने कहा कि जगतानंद महाराज ने चालक के हाथ से इसलिए जल ग्रहण किया क्योंकि उनकी छवि एक अच्छे इंसान की है और वह कोई प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं हैं।
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जगतानंद महाराज व अन्य गोभक्तों को प्रशासनिक अधिकारियों पर भरोसा नहीं है, क्योंकि नंदीशाला से निकाले जाने वाले बारिश के पानी की निकासी जो छह घंटे में होनी चाहिए थी, उसकी निकासी होने में 90 घंटे लग गए हैं। छह घंटे के काम के लिए जब 90 घंटे का अनशन करना पड़ जाए तो ऐेसे में किस तरह प्रशासनिक अधिकारियों पर भरोसा किया जा सकता है।
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