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प्रशासन की चेतावनी : अवैध कॉलोनी में निर्माण किया तो तीन साल की कैद व 50 हजार रुपये होगा जुर्माना
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जैसे-जैस जनसंख्या बढ़ रही है ऐसे ही शहरों में अवैध कॉलोनियों का मकड़जाल भी बढ़ रहा है। आए दिन विकसित हो रही अवैध कॉलोनियां प्रशासन के लिए आफत बनी हुई हैं। इससे निपटने के लिए जिला नगर योजना विभाग ने नई तरकीब निकाली है। इसके तहत विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों में जिला नगर योजना विभाग द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। जींद शहर में चारों तरफ ऐसी दस से अधिक कॉलोनी हैं जबकि जिले भर में 20 से ज्यादा कॉलोनी विकसित हो रही हैं। यहां पर अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों व प्लॉट खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चेतावनी बोर्ड प्रशासन लगाए गए हैं।
दरअसल प्रदेश सरकार द्वारा अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है। ऐसे में जिला नगर योजनाकार विभाग अब यह सुनिश्चित करने में लगा है कि अवैध कॉलोनियां विकसित नहीं हों। ऐसी कॉलोनियों को विकसित होने से रोका जा रहा है। इसके लिए जिला नगर योजनाकर विभाग द्वारा बुधवार को सफीदों बाईपास पर आधारशीला स्कूल के पास, गोहाना रोड पर धागा मिल के पास, सफीदों रोड पर निर्जन-पिंडरा रोड पर चार जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें चेतावनी दी गई हैं कि इन कॉलोनियों में न तो जमीन की रजिस्ट्री होगी और न ही विभाग की अनुमति के बिना सड़क निर्माण जैसे काम हो सकेंगे। यहां निर्माण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत तीन साल की कैद, 50 हजार रुपये या दोनों हो सकते हैं।
चार से 13 हजार रुपये तक जमीन की कीमत
बेशक कॉलोनी अवैध हैं लेकिन यहां जमीन की कीमत कम नहीं है। क्षेत्र के अनुसार ऐसी कॉलोनियों में चार से 13 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से कीमत ली जा रही है।
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रजिस्ट्री करवाने की जिम्मेदारी
बेशक ऐसी कॉलोनियों में प्रशासन रजिस्ट्री नहीं होने का दावा करता है, लेकिन प्रॉपर्टी डीलर व कॉलोनाइजर इन कॉलोनी में रजिस्ट्री करवाने करवाने की जिम्मेदारी लेते हैं। हालांकि इसमें सरकारी फीस के अलावा प्रति वर्ग गज अतिरिक्त राशि ली जाती है।
डीसी के समक्ष उठाएंगे रजिस्ट्री होने का मामला
नियमानुसार रजिस्ट्री के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग से एनओसी लेनी होती है। यदि इस प्रकार की रजिस्ट्री हो रही हैं तो इसको लेकर डीसी के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। हां अवैध तरीके काटी जा रही कॉलोनियों में बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अवैध कॉलोनियों में प्लाट नहीं खरीदें। इसमें कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
-अरविंद्र ढुल, जिला नगर योजनाकर।
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दरअसल प्रदेश सरकार द्वारा अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है। ऐसे में जिला नगर योजनाकार विभाग अब यह सुनिश्चित करने में लगा है कि अवैध कॉलोनियां विकसित नहीं हों। ऐसी कॉलोनियों को विकसित होने से रोका जा रहा है। इसके लिए जिला नगर योजनाकर विभाग द्वारा बुधवार को सफीदों बाईपास पर आधारशीला स्कूल के पास, गोहाना रोड पर धागा मिल के पास, सफीदों रोड पर निर्जन-पिंडरा रोड पर चार जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें चेतावनी दी गई हैं कि इन कॉलोनियों में न तो जमीन की रजिस्ट्री होगी और न ही विभाग की अनुमति के बिना सड़क निर्माण जैसे काम हो सकेंगे। यहां निर्माण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत तीन साल की कैद, 50 हजार रुपये या दोनों हो सकते हैं।
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चार से 13 हजार रुपये तक जमीन की कीमत
बेशक कॉलोनी अवैध हैं लेकिन यहां जमीन की कीमत कम नहीं है। क्षेत्र के अनुसार ऐसी कॉलोनियों में चार से 13 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से कीमत ली जा रही है।
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रजिस्ट्री करवाने की जिम्मेदारी
बेशक ऐसी कॉलोनियों में प्रशासन रजिस्ट्री नहीं होने का दावा करता है, लेकिन प्रॉपर्टी डीलर व कॉलोनाइजर इन कॉलोनी में रजिस्ट्री करवाने करवाने की जिम्मेदारी लेते हैं। हालांकि इसमें सरकारी फीस के अलावा प्रति वर्ग गज अतिरिक्त राशि ली जाती है।
डीसी के समक्ष उठाएंगे रजिस्ट्री होने का मामला
नियमानुसार रजिस्ट्री के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग से एनओसी लेनी होती है। यदि इस प्रकार की रजिस्ट्री हो रही हैं तो इसको लेकर डीसी के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। हां अवैध तरीके काटी जा रही कॉलोनियों में बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अवैध कॉलोनियों में प्लाट नहीं खरीदें। इसमें कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
-अरविंद्र ढुल, जिला नगर योजनाकर।