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जेल भरो आंदोलन पर प्रशासन ने दिया महामारी अलर्ट का नोटिस, फिर भी नहीं मानीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

Thu, 13 Jan 2022 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jan 2022 12:30 AM IST
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Administration gave notice of epidemic alert on Jail Bharo movement, yet Anganwadi workers did not agree
जींद। मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों द्वारा बुधवार को प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पहले ही एसडीएम डॉ. वेदप्रकाश द्वारा धरनास्थल पर पहुंच कर महामारी अलर्ट का नोटिस दिया गया, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नोटिस लेने से मना कर दिया।
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महिलाएं प्रदर्शन करती हुई लघु सचिवालय की तरफ बढ़ी, लेकिन लघु सचिवालय के बाहर ही महिलाओं को रोक लिया गया। इस पर महिलाओं ने गिरफ्तारी देने का फैसला लिया। यहां प्रशासन द्वारा चार बसों का इंतजाम किया गया था, जो कम पड़ गई। ऐसे में करीब एक घंटे तक लघुसचिवालय के पास रास्ता बाधित रहा। वहीं पुलिस ने 12 लोगों को नामजद करते हुए करीब 300 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गिरफ्तारी से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लघु सचिवालय के बाहर ग्रीन बेल्ट में एकत्रित हुई। यहां एसडीएम डॉ. वेदप्रकाश पहुंचे और कर्मचारियों को कोरोना महामारी हवाला देते हुए धरना नहीं देने का आह्वान किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हर जगह राजनीतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। ऐसे में जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती धरना जारी रहेगा। इसके बाद एसडीएम वहां से लौट गए।
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वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों ने ग्रीन बेल्ट से चलकर लघु सचिवालय परिसर तक नारेबाजी करते हुए लगभग 300 कर्मचारियों ने गिरफ्तारियां दी। सुरक्षा की दृष्टि से इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा डीएसपी धर्मवीर व एसडीएम डॉ. वेदप्रकाश भी मौके पर मौजूद रहे। सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र ने कहा कि सरकार जानबूझकर आंदोलन को लंबा खींच रही है। सरकार जितना लंबा आंदोलन खींचेगी आंदोलन उतना ही मजबूत होगा। छंटनी के धमकी भरे पत्र आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को दिए जा रहे हैं।
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कार्यकर्ताओं व सहायकों की मुख्य मांग
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन की जिला प्रधान भुला देवी ने कहा कि वे सरकारी कर्मचारी का दर्जा मांग रही हैं। जब तक सरकारी कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये लागू किया जाए। 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए। प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2018 में की गई कार्यकर्ताओं व सहायकों की 1500 एवं 750 रुपये की बढा़ेतरी को लागू किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पांच लाख रुपये व सहायकों को तीन लाख रुपये सेवानिवृत्ति लाभ दिया जाए। विभागीय मीटिंग में बुलाने पर टीए व डीए दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों को दुर्घटना होने पर इलाज का पूरा खर्च व मृत्यु होने पर आश्रितों को अन्य विभागों की तर्ज पर तीन लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
इन लोगों पर हुए कोरोना नियमों की उल्लंघन करने पर मामले दर्ज
कामरेड रमेश, कामरेड, कश्मीर सिंह, कामरेड कपूर, चांद बहादुर, सतबीर, सुरेश, रमेश, नूतन प्रकाश, भुलादेवी, सुमन, पुष्पा देवी, सुदेश देवी तथा 300 आंगनबाड़ी महिलाओं पर मामला दर्ज किया गया।

नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई
कोरोना महामारी के चलते किसी को भी दूसरो का जीवन खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे में प्रदर्शन करने वाले 12 लोगों को नामजद कर करीब 300 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा इन लोगों ने रास्ता भी बाधित किया है। पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
-धर्मबीर खर्ब, डीएसपी
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