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Jind News: महंत को लॉकअप में रखने की जांच करने पहुंचे एडीजीपी
Tue, 30 Jul 2024 03:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 30 Jul 2024 03:47 AM IST
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29जेएनडी17 : एडीजीपी हिसार से मिलने रेस्ट हाउस पहुंचे संडील के ग्रामीण। संवाद
जींद। संडील गांव स्थित डेरे के महंत और उनके साथ लड़की को सुरक्षा के नाम पर अलेवा थाना के लॉकअप में रखने के मामले की जांच पर हाईकोर्ट सख्त हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर हिसार रेंज के एडीजीपी माता रवि किरण जांच के लिए सोमवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने संडील गांव के लोगों के साथ पुलिस अधिकारियों के भी बयान दर्ज किए। अब यह रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजी जाएगी। गांव के लोग पुलिस से पहले भी महंत को डेरे से बाहर करने की मांग कर चुके हैं।
गांव संडील के डेरे में काफी समय से महंत दुर्गाईनाथ रहते हैं। उन्होंने गांव की ही एक लड़की को अपने साथ डेरे में रखना शुरू कर दिया। इसके बाद वह ग्रामीणों के निशाने पर आ गए। दुर्गाईनाथ को जब ग्रामीणों से खतरे का आभास हुआ तो उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अपने और अपने साथ रह रही लड़की के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने जींद के एसपी को दोनों की सुरक्षा के आदेश दिए थे। एसपी ने मामला डीएसपी को सौंप दिया। डीएसपी ने दोनों को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी अलेवा थाना प्रभारी को सौंप दी। बाद में पुलिस पर यह आरोप लगे कि अलेवा थाना प्रभारी ने दोनों को अलेवा थाना के लॉकअप में यह कहकर बंद कर दिया कि यह सबसे सुरक्षित जगह है। इसका वीडियो वायरल हो गया और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा गया।
हाईकोर्ट में अपनी शिकायत में डेरे के महंत दुर्गाईनाथ ने कहा कि उन्हें गांव के कुछ लोगों ने जबरदस्ती बंधक बनाकर रखा। उन्हें जबरदस्ती डेरे से निकाल दिया और पुलिस ने उन्हें बिना वजह अलेवा थाने के लॉकअप में बंद रखा। हाईकोर्ट इस पर गंभीर से संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक को पूरे मामले की जांच एसपी स्तर से ऊपर के अधिकारी से करवाकर रिपोर्ट भेजने और सुरक्षा देने के नाम पर शिकायतकर्ता को अलेवा थाने के हवालात में बंद करने के दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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एडीजीपी ने किए दोनों पक्षों के बयान दर्ज
हिसार रेंज के एडीजीपी माता रवि किरण जांच के सिलसिले में सोमवार को जींद पहुंचे। उन्होंने लोक निर्माण विश्राम गृह में बैठकर जांच शुरू की। बड़ी संख्या में संडील गांव के लोग एडीजीपी से मिलने के लिए पहुंचे। यहां दर्जनभर लोगों के बयान दर्ज किए।
ग्रामीणों बोले- गांव का माहौल खराब हो रहा
एडीजीपी से मिलने पहुंचे संडील गांव के लोगों ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कहा कि गांव की लड़की को अपने साथ रखने वाले महंत को गांव के डेरे में नहीं रहना चाहिए। इससे पहले भी वह एसपी को इसकी शिकायत दे चुके हैं। महंत के गांव में रहने से माहौल खराब हो रहा है। गांव दो गुट में बंट गया है।इससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस मामले में उन्हें जींद पुलिस प्रशासन से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने एडीजीपी से भी गुहार लगाई की महंत को गांव से बाहर किया जाए।
कोथ कलां के दादा काला पीर डेरे की संडील गांव में शाखा है। ग्रामीण उनसे मिले थे और दुर्गाईनाथ की शिकायत की थी। दुर्गाईनाथ अपराध में संलिप्त है। उसने गांव में माहौल खराब किया है, इसलिए उसके स्थान पर अब चमकाईनाथ को महंत बनाया गया है। -योगी शुक्राईनाथ, महंत, दादा काला पीर डेरा, कोथ कलां।
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गांव संडील के डेरे में काफी समय से महंत दुर्गाईनाथ रहते हैं। उन्होंने गांव की ही एक लड़की को अपने साथ डेरे में रखना शुरू कर दिया। इसके बाद वह ग्रामीणों के निशाने पर आ गए। दुर्गाईनाथ को जब ग्रामीणों से खतरे का आभास हुआ तो उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अपने और अपने साथ रह रही लड़की के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने जींद के एसपी को दोनों की सुरक्षा के आदेश दिए थे। एसपी ने मामला डीएसपी को सौंप दिया। डीएसपी ने दोनों को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी अलेवा थाना प्रभारी को सौंप दी। बाद में पुलिस पर यह आरोप लगे कि अलेवा थाना प्रभारी ने दोनों को अलेवा थाना के लॉकअप में यह कहकर बंद कर दिया कि यह सबसे सुरक्षित जगह है। इसका वीडियो वायरल हो गया और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा गया।
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हाईकोर्ट में अपनी शिकायत में डेरे के महंत दुर्गाईनाथ ने कहा कि उन्हें गांव के कुछ लोगों ने जबरदस्ती बंधक बनाकर रखा। उन्हें जबरदस्ती डेरे से निकाल दिया और पुलिस ने उन्हें बिना वजह अलेवा थाने के लॉकअप में बंद रखा। हाईकोर्ट इस पर गंभीर से संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक को पूरे मामले की जांच एसपी स्तर से ऊपर के अधिकारी से करवाकर रिपोर्ट भेजने और सुरक्षा देने के नाम पर शिकायतकर्ता को अलेवा थाने के हवालात में बंद करने के दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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एडीजीपी ने किए दोनों पक्षों के बयान दर्ज
हिसार रेंज के एडीजीपी माता रवि किरण जांच के सिलसिले में सोमवार को जींद पहुंचे। उन्होंने लोक निर्माण विश्राम गृह में बैठकर जांच शुरू की। बड़ी संख्या में संडील गांव के लोग एडीजीपी से मिलने के लिए पहुंचे। यहां दर्जनभर लोगों के बयान दर्ज किए।
ग्रामीणों बोले- गांव का माहौल खराब हो रहा
एडीजीपी से मिलने पहुंचे संडील गांव के लोगों ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कहा कि गांव की लड़की को अपने साथ रखने वाले महंत को गांव के डेरे में नहीं रहना चाहिए। इससे पहले भी वह एसपी को इसकी शिकायत दे चुके हैं। महंत के गांव में रहने से माहौल खराब हो रहा है। गांव दो गुट में बंट गया है।इससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस मामले में उन्हें जींद पुलिस प्रशासन से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने एडीजीपी से भी गुहार लगाई की महंत को गांव से बाहर किया जाए।
कोथ कलां के दादा काला पीर डेरे की संडील गांव में शाखा है। ग्रामीण उनसे मिले थे और दुर्गाईनाथ की शिकायत की थी। दुर्गाईनाथ अपराध में संलिप्त है। उसने गांव में माहौल खराब किया है, इसलिए उसके स्थान पर अब चमकाईनाथ को महंत बनाया गया है। -योगी शुक्राईनाथ, महंत, दादा काला पीर डेरा, कोथ कलां।

29जेएनडी17 : एडीजीपी हिसार से मिलने रेस्ट हाउस पहुंचे संडील के ग्रामीण। संवाद

29जेएनडी17 : एडीजीपी हिसार से मिलने रेस्ट हाउस पहुंचे संडील के ग्रामीण। संवाद