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फर्जी तरीके से मकान पर 1272215 रुपये का लोन लेने का आरोपी गिरफ्तार
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फर्जी आदमी दिखाकर बैंक से 1272215 रुपये का लोन लेने के आरोपी ढाठरथ गांव निवासी कृष्ण कुमार को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
संत नगर निवासी शमशेर सिंह ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह आर्मी से रिटायर्ड है। उन्होंने वर्ष 2007 में जोगिंद्र नगर में 184 गज का मकान हरी सिंह की पत्नी रीटा देवी से लिया था। हरी सिंह रेलवे में कर्मचारी था, जिसका उस समय तबादला हो गया था। उस समय उसने कहा था कि वह मकान की रजिस्ट्री करवा देगा। उसने वर्ष 2013 में मकान की रजिस्ट्री करवा दी। फिर बैंक कर्मचारियों ने बताया कि इस मकान पर ओवरसीज बैंक से 12 लाख 72 हजार 215 रुपये का लोन है। उसकी किस्त अटकी हुई है। मकान खरीदते समय उसे बताया गया था कि मकान पर लोन नहीं लिया गया है। जांच करने पर पता चला कि उचाना मंडी की राजेंद्र कॉलोनी निवासी आशीष कुमार और छातर गांव के शमशेर ने बैंक में फर्जी आदमी को खड़ाकर ओवरसीज बैंक से 12 लाख 72 हजार 215 रुपये का लोन लिया था। यह फर्जी व्यक्ति कृष्ण सूबे सिंह बनकर खड़ा हुआ था। जबकि सूबे सिंह ने इस प्लॉट को किसी और से पहले ही बेच रखा था। कृष्ण, जो रजिस्ट्री लेकर सूबे सिंह बना था वह इस प्लॉट की पुरानी रजिस्ट्री थी। इस धोखाधड़ी में तहसील कार्यालय स्टाफ जींद की भी मिलीभगत थी। उन्होंने बैंक से वर्ष 2013 में ही लोन ले लिया था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को नामजद कर तहसील स्टाफ जींद के खिलाफ धोखाधड़ी कर बैंक से फर्जी लोन देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में ढाठरथ गांव के कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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संत नगर निवासी शमशेर सिंह ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह आर्मी से रिटायर्ड है। उन्होंने वर्ष 2007 में जोगिंद्र नगर में 184 गज का मकान हरी सिंह की पत्नी रीटा देवी से लिया था। हरी सिंह रेलवे में कर्मचारी था, जिसका उस समय तबादला हो गया था। उस समय उसने कहा था कि वह मकान की रजिस्ट्री करवा देगा। उसने वर्ष 2013 में मकान की रजिस्ट्री करवा दी। फिर बैंक कर्मचारियों ने बताया कि इस मकान पर ओवरसीज बैंक से 12 लाख 72 हजार 215 रुपये का लोन है। उसकी किस्त अटकी हुई है। मकान खरीदते समय उसे बताया गया था कि मकान पर लोन नहीं लिया गया है। जांच करने पर पता चला कि उचाना मंडी की राजेंद्र कॉलोनी निवासी आशीष कुमार और छातर गांव के शमशेर ने बैंक में फर्जी आदमी को खड़ाकर ओवरसीज बैंक से 12 लाख 72 हजार 215 रुपये का लोन लिया था। यह फर्जी व्यक्ति कृष्ण सूबे सिंह बनकर खड़ा हुआ था। जबकि सूबे सिंह ने इस प्लॉट को किसी और से पहले ही बेच रखा था। कृष्ण, जो रजिस्ट्री लेकर सूबे सिंह बना था वह इस प्लॉट की पुरानी रजिस्ट्री थी। इस धोखाधड़ी में तहसील कार्यालय स्टाफ जींद की भी मिलीभगत थी। उन्होंने बैंक से वर्ष 2013 में ही लोन ले लिया था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को नामजद कर तहसील स्टाफ जींद के खिलाफ धोखाधड़ी कर बैंक से फर्जी लोन देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में ढाठरथ गांव के कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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