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Jind News: दस्तावेजों में स्कूल में छह दिन कैंपर रखे गए, बच्चों को एक बूंद न मिली
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09जेएनडी31: ब्लॉक समिति की वार्ड 11 की पार्षद उषा लाल रंग के सूट में व उनके साथ पार्षद गीता फर
जींद। ब्लॉक समिति में विकास के नाम पर चेयरमैन, बीडीपीओ, एसडीओ व जेई समेत सभी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगे हैं। यह आरोप लगाए हैं पंचायत समिति के वार्ड 11 के पार्षद उषा रानी ने। विकास कार्यों के नाम पर हुए भ्रष्टाचार को लेकर शुक्रवार को पंचायत समिति की बैठक में भी विवाद हुआ। इसमें बीडीपीओ भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने इस सदस्य की सुनवाई नहीं की।
ब्लॉक समिति की वार्ड 11 की सदस्य उषा रानी ने चेयरमैन, बीडीपीओ, जेई व एसडीओ पर राजपुरा भैण गांव में विकास के नाम पर हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इन आरोपों का जवाब न तो चेयरमैन ने दिया और न ही बीडीपीओ ने। हालांकि, बैठक में काफी देर तक विवाद चलता रहा। इसके बाद बैठक को छोड़कर चेयरमैन व सभी पार्षद चले गए।
इसमें पार्षद उषा ने आरोप लगाए कि उसके वार्ड के गांव राजपुरा में वाल्मीकि चौपाल में वाल पेंटिंग का काम दिया था, लेकिन गांव की चौपाल में ब्लॉक लगे दिखाकर एक लाख 85 हजार रुपये का फर्जी बिल पास करवाया। इसके अलावा धानक चौपाल में लोहे का गेट 294 किलोग्राम का फर्जी दिखाया जो पहले से ही लगा हुआ है।
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इसके नाम पर बिल बनवाकर 43,365 रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। सामान्य चौपाल में पहले से लगे गेट का बिल बनवाया यह बिल भी 294 किलोग्राम के गेट का बनवाकर 43,365 रुपये का भ्रष्टाचार किया। गांव के सरकारी स्कूल में एक गली बनवाई और इसके तीन बिल पास करवाए। इसमें बिल नंबर 1637, 38, 39 बनवाए। तीनों बिलों की राशि अलग-अलग 49 हजार रुपये से ज्यादा हैं।
इसके अलावा स्कूल में पानी का टैंकर छह दिन मंगवाना दिखाया गया। इसका बिल 9500 रुपये दिखाया गया। गांव के वृद्वाश्रम में पेंटिंग का काम उन्होंने दिया था, लेकिन यहां पर भी लोहे का 470 किलोग्राम का गेट व हार्डवेयर समेत अन्य काम दिखाकर 2,35,244 रुपये का फर्जीवाड़ा किया। इन सभी मामलों को लेकर पंचायत समिति की सदस्य ने पंचायत एवं विकास विभाग हरियाणा के निदेशक को भी पत्र लिखा है।
बाक्स
उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह बेबुनियाद हैं। उन्होंने गांवों के विकास के लिए समान काम किया है।
-राकेश तलौडा, चेयरमैन ब्लॉक समिति जींद।
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ब्लॉक समिति की वार्ड 11 की सदस्य उषा रानी ने चेयरमैन, बीडीपीओ, जेई व एसडीओ पर राजपुरा भैण गांव में विकास के नाम पर हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इन आरोपों का जवाब न तो चेयरमैन ने दिया और न ही बीडीपीओ ने। हालांकि, बैठक में काफी देर तक विवाद चलता रहा। इसके बाद बैठक को छोड़कर चेयरमैन व सभी पार्षद चले गए।
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इसमें पार्षद उषा ने आरोप लगाए कि उसके वार्ड के गांव राजपुरा में वाल्मीकि चौपाल में वाल पेंटिंग का काम दिया था, लेकिन गांव की चौपाल में ब्लॉक लगे दिखाकर एक लाख 85 हजार रुपये का फर्जी बिल पास करवाया। इसके अलावा धानक चौपाल में लोहे का गेट 294 किलोग्राम का फर्जी दिखाया जो पहले से ही लगा हुआ है।
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इसके नाम पर बिल बनवाकर 43,365 रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। सामान्य चौपाल में पहले से लगे गेट का बिल बनवाया यह बिल भी 294 किलोग्राम के गेट का बनवाकर 43,365 रुपये का भ्रष्टाचार किया। गांव के सरकारी स्कूल में एक गली बनवाई और इसके तीन बिल पास करवाए। इसमें बिल नंबर 1637, 38, 39 बनवाए। तीनों बिलों की राशि अलग-अलग 49 हजार रुपये से ज्यादा हैं।
इसके अलावा स्कूल में पानी का टैंकर छह दिन मंगवाना दिखाया गया। इसका बिल 9500 रुपये दिखाया गया। गांव के वृद्वाश्रम में पेंटिंग का काम उन्होंने दिया था, लेकिन यहां पर भी लोहे का 470 किलोग्राम का गेट व हार्डवेयर समेत अन्य काम दिखाकर 2,35,244 रुपये का फर्जीवाड़ा किया। इन सभी मामलों को लेकर पंचायत समिति की सदस्य ने पंचायत एवं विकास विभाग हरियाणा के निदेशक को भी पत्र लिखा है।
बाक्स
उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह बेबुनियाद हैं। उन्होंने गांवों के विकास के लिए समान काम किया है।
-राकेश तलौडा, चेयरमैन ब्लॉक समिति जींद।