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फरैण खुर्द में मकान की छत गिरी, बच्चे की मौत, दो घायल
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:29 AM IST
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नागरिक अस्पताल में दाखिल घायल महिला कविता।
- फोटो : jind
गांव फरैण खुर्द में बुधवार अल सुबह एक मकान की छत गिरने एक ही परिवार के तीन सदस्य नीचे दब गए। इसमें एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने मलबे के नीचे दबे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला और नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। चिकित्सकों ने मां-बेटी की गंभीर हालात देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। घटना की सूचना पाकर डीएसपी कुलवंत बिश्नोई मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस के अनुसार, गांव फरैण खुर्द निवासी रोहताश व उसका बड़ा बेटा मोहित बुधवार अल सुबह खेतों में पानी देने के लिए गए हुए थे। घर पर रोहताश की पत्नी कविता घर के कामकाज में लगे हुई थी, जबकि उसका 13 वर्षीय बेटा अक्षय, बेटी प्रियंका पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान मकान की छत गिर गई। इससे मां कविता, बेटी प्रियंका और छोटा बेटा अक्षय छत के मलबे के नीचे दब गए। छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मकान में पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मां-बेटी को बाहर निकाला गया। काफी देर तक छोटे बेटे अक्षय का कोई अता-पता नहीं लग पाया। ग्रामीणों ने अक्षय की तलाश में काफी मलबे को बाहर निकाला, तब कहीं जाकर बच्चा मिला। ग्रामीण तीनों को नागरिक अस्पताल लेकर पहुुंचे। डाक्टरों ने 13 वर्षीय अक्षय को मृत घोषित कर दिया और मां व बेटी की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया।
पांचवीं कक्षा का छात्र था अक्षय
मृतक अक्षय पांचवीं कक्षा का छात्र था और वह दनौदा गांव के संत नेकी राम पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। स्कूल की प्राचार्य सुदेश चहल ने बताया कि अक्षय और मोहित दोनों संत नेकी राम पब्लिक स्कूल के छात्र है। इसमें अक्षय पांचवीं कक्षा और मोहित छठी कक्षा का छात्र है। उन्होंने बताया कि अक्षय आज्ञाकारी व पढ़ाई में होनहार छात्र था।
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हाथ में ही रह गया पेन
अक्षय सुबह चाय पीकर अपनी बहन के साथ पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान पढ़ाई करते समय मकान की छत गिर गई और दोनों भाई-बहन नीचे दब गए। जब अक्षय को मृत हालत में मलबे से बाहर निकाला गया तो पेन उसके हाथ में ही था।
फरैण खुर्द गांव में रोहताश के मकान की छत गिरने से 13 वर्षीय अक्षय की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
कुलवंत बिश्नोई, डीएसपी नरवाना
गांव में पसरा मातम
हादसे में बच्चे की जान जाने से गांव फरैण खुर्द में मातम पसर गया है। काफी संख्या में लोग रोहताश के मकान के बाहर एकत्र हो गए थे। लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि रोहताश का 12 वर्षीय पुत्र लक्ष्य अब नहीं रहा। लक्ष्य अपने जीवन में बहुत आगे बढ़ने की ललक रखता था। स्कूल में गुरुजनों का और गांव में परिवार के सदस्यों में लक्ष्य की छवि काफी सराहनीय थी। वह शाम की बजाय सुबह पढ़ने में विश्वास रखता था। बुधवार को भी वह रोजाना की तरह अपनी बहन प्रियंका के साथ स्कूल का होम वर्क कर रहा था। छत गिरने के बाद जब मलबे से लक्ष्य के शव को निकाला गया तो पेन उसके हाथ में था। इसे देखकर परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और फफक कर रो पड़े। मां कविता भी घायल है, जिसे इलाज के लिए रेफर कर दिया है। उसे अपनी चोटों की चिंता नहीं, बल्कि बार-बार बेटे लक्ष्य की जानकारी ले रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मकान की छत इतनी पुरानी नहीं थी। पता नहीं क्या कारण बना कि छत गिर गई।
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पुलिस के अनुसार, गांव फरैण खुर्द निवासी रोहताश व उसका बड़ा बेटा मोहित बुधवार अल सुबह खेतों में पानी देने के लिए गए हुए थे। घर पर रोहताश की पत्नी कविता घर के कामकाज में लगे हुई थी, जबकि उसका 13 वर्षीय बेटा अक्षय, बेटी प्रियंका पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान मकान की छत गिर गई। इससे मां कविता, बेटी प्रियंका और छोटा बेटा अक्षय छत के मलबे के नीचे दब गए। छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मकान में पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मां-बेटी को बाहर निकाला गया। काफी देर तक छोटे बेटे अक्षय का कोई अता-पता नहीं लग पाया। ग्रामीणों ने अक्षय की तलाश में काफी मलबे को बाहर निकाला, तब कहीं जाकर बच्चा मिला। ग्रामीण तीनों को नागरिक अस्पताल लेकर पहुुंचे। डाक्टरों ने 13 वर्षीय अक्षय को मृत घोषित कर दिया और मां व बेटी की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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पांचवीं कक्षा का छात्र था अक्षय
मृतक अक्षय पांचवीं कक्षा का छात्र था और वह दनौदा गांव के संत नेकी राम पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। स्कूल की प्राचार्य सुदेश चहल ने बताया कि अक्षय और मोहित दोनों संत नेकी राम पब्लिक स्कूल के छात्र है। इसमें अक्षय पांचवीं कक्षा और मोहित छठी कक्षा का छात्र है। उन्होंने बताया कि अक्षय आज्ञाकारी व पढ़ाई में होनहार छात्र था।
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हाथ में ही रह गया पेन
अक्षय सुबह चाय पीकर अपनी बहन के साथ पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान पढ़ाई करते समय मकान की छत गिर गई और दोनों भाई-बहन नीचे दब गए। जब अक्षय को मृत हालत में मलबे से बाहर निकाला गया तो पेन उसके हाथ में ही था।
फरैण खुर्द गांव में रोहताश के मकान की छत गिरने से 13 वर्षीय अक्षय की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
कुलवंत बिश्नोई, डीएसपी नरवाना
गांव में पसरा मातम
हादसे में बच्चे की जान जाने से गांव फरैण खुर्द में मातम पसर गया है। काफी संख्या में लोग रोहताश के मकान के बाहर एकत्र हो गए थे। लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि रोहताश का 12 वर्षीय पुत्र लक्ष्य अब नहीं रहा। लक्ष्य अपने जीवन में बहुत आगे बढ़ने की ललक रखता था। स्कूल में गुरुजनों का और गांव में परिवार के सदस्यों में लक्ष्य की छवि काफी सराहनीय थी। वह शाम की बजाय सुबह पढ़ने में विश्वास रखता था। बुधवार को भी वह रोजाना की तरह अपनी बहन प्रियंका के साथ स्कूल का होम वर्क कर रहा था। छत गिरने के बाद जब मलबे से लक्ष्य के शव को निकाला गया तो पेन उसके हाथ में था। इसे देखकर परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और फफक कर रो पड़े। मां कविता भी घायल है, जिसे इलाज के लिए रेफर कर दिया है। उसे अपनी चोटों की चिंता नहीं, बल्कि बार-बार बेटे लक्ष्य की जानकारी ले रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मकान की छत इतनी पुरानी नहीं थी। पता नहीं क्या कारण बना कि छत गिर गई।