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Jind News: स्पेशल चांस परीक्षा के आवेदन शुल्क में 50 फीसदी बढ़ोतरी का एबीवीपी ने किया विरोध
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15जेएनडी08: छात्र संगठन के सदस्य फीस बढ़ौतरी के विरोध में कुलपति प्रोफेसर रामपाल सैनी को ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की ओर से स्पेशल चांस परीक्षा के आवेदन शुल्क में 50 प्रतिशत वृद्धि किए जाने का कड़ा विरोध जताया है। परिषद ने निर्णय को छात्र हितों के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस संबंध में जींद, नरवाना समेत महाविद्यालयों में कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सतविंदर ढिल्लो ने कहा कि स्पेशल चांस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष बचाना और उन्हें उच्च शिक्षा, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अवसर प्रदान करना है। ऐसे में परीक्षा शुल्क को 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करना विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष राजकुमार ने प्राचार्य के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी पीजी प्रवेश फॉर्म, प्रवेश शुल्क, काउंसलिंग शुल्क, नेट-जेआरएफ और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के शुल्क जैसी कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में स्पेशल चांस परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी अनुचित है।
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वहीं राजकीय महाविद्यालय नरवाना में एबीवीपी कार्यकर्ता सुनील ने भी प्राचार्य के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और शुल्क वृद्धि के कारण कई छात्र परीक्षा देने से भी वंचित हो सकते हैं।
एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हितों को प्राथमिकता देते हुए शुल्क वृद्धि का फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए।
परिषद ने मांग की कि स्पेशल चांस परीक्षा शुल्क को पुनः 1000 रुपये किया जाए और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत दी जाए। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र ही अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो छात्र हितों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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जींद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की ओर से स्पेशल चांस परीक्षा के आवेदन शुल्क में 50 प्रतिशत वृद्धि किए जाने का कड़ा विरोध जताया है। परिषद ने निर्णय को छात्र हितों के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस संबंध में जींद, नरवाना समेत महाविद्यालयों में कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सतविंदर ढिल्लो ने कहा कि स्पेशल चांस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष बचाना और उन्हें उच्च शिक्षा, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अवसर प्रदान करना है। ऐसे में परीक्षा शुल्क को 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करना विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
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महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष राजकुमार ने प्राचार्य के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी पीजी प्रवेश फॉर्म, प्रवेश शुल्क, काउंसलिंग शुल्क, नेट-जेआरएफ और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के शुल्क जैसी कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में स्पेशल चांस परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी अनुचित है।
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वहीं राजकीय महाविद्यालय नरवाना में एबीवीपी कार्यकर्ता सुनील ने भी प्राचार्य के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और शुल्क वृद्धि के कारण कई छात्र परीक्षा देने से भी वंचित हो सकते हैं।
एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हितों को प्राथमिकता देते हुए शुल्क वृद्धि का फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए।
परिषद ने मांग की कि स्पेशल चांस परीक्षा शुल्क को पुनः 1000 रुपये किया जाए और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत दी जाए। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र ही अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो छात्र हितों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।