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Jind: एडीजीपी सुसाइड से आहत आप प्रदेश उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, कमेटी का करेंगे गठन, कही ये बात
Tue, 14 Oct 2025 11:37 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:37 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अनिल रंगा ने पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया और एडीजीपी सुसाइड मामले को लेकर आवाज उठाने का निर्णय लिया है।
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अनिल रंगा
- फोटो : संवाद
विस्तार
एडीजीपी वाई पूरण कुमार और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई के ऊपर जूता फैंकने जैसी घटनाओं से आहत होकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अनिल रंगा ने पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया और उत्पीड़न के विरोध में आवाज उठाने का निर्णय लिया है, इसके लिए वे एक कमेटी गठित कर आवाज बुलंद करेंगे।
अनिल रंगा ने कहा प्रदेश में दिन-प्रतिदिन दलित, पिछड़े, किसान और कर्मचारी वर्ग का शोषण व उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में कर्मियों के साथ हो रहा उत्पीड़न आज समाज में बड़ी समस्या बन गया है। इसकी तरफ किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण ही आज समाज में अधिकारियों व कर्मचारियों के गैंग बने हुए हैं। इन कर्मियों को शिकायत के लिए कोई विकल्प नहीं मिल रहा है।
सरकार को चाहिए कि वह एक ऐसी एप बनाए जिस पर शिकायत दर्ज करवाई जा सके। इस पर निर्धारित समय में कार्रवाई हो। हर तरह की शिकायत के समाधान के लिए दिन तय करवाए जाएं। अगले सप्ताह में इसको लेकर समाज के लोगों व अधिकारियों के साथ बैठक करके सरकार से मांग करेंगे। इसको सिरे चढ़ाने के लिए वकील, इंजीनियर, रिटायर्ड जज व अन्य बड़े अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
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अनिल रंगा ने कहा प्रदेश में दिन-प्रतिदिन दलित, पिछड़े, किसान और कर्मचारी वर्ग का शोषण व उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में कर्मियों के साथ हो रहा उत्पीड़न आज समाज में बड़ी समस्या बन गया है। इसकी तरफ किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण ही आज समाज में अधिकारियों व कर्मचारियों के गैंग बने हुए हैं। इन कर्मियों को शिकायत के लिए कोई विकल्प नहीं मिल रहा है।
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सरकार को चाहिए कि वह एक ऐसी एप बनाए जिस पर शिकायत दर्ज करवाई जा सके। इस पर निर्धारित समय में कार्रवाई हो। हर तरह की शिकायत के समाधान के लिए दिन तय करवाए जाएं। अगले सप्ताह में इसको लेकर समाज के लोगों व अधिकारियों के साथ बैठक करके सरकार से मांग करेंगे। इसको सिरे चढ़ाने के लिए वकील, इंजीनियर, रिटायर्ड जज व अन्य बड़े अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
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