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Jind News: 17–18 जनवरी को डिप्टी स्पीकर आवास पर होगा दिन-रात का पड़ाव
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21जेएनडी10 : संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के कर्मचारी डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के प्रतिनिधि
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने रविवार को हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के नाम राजन चिलाना को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने निर्माण मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को विधानसभा में उठाने और उनका समाधान करवाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर पूरा नहींं किया गया तो 17 और 18 जनवरी को जींद, कैथल, करनाल और पानीपत जिलों के हजारों निर्माण मजदूर डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के आवास पर दिन-रात का पड़ाव डालेंगे।
2005 में हरियाणा में निर्माण मजदूरों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन किया गया था जिसे 2018 में ऑनलाइन कर दिया गया। इस बोर्ड से मजदूरों को विभिन्न लाभ मिलते थे, लेकिन पिछले छह महीनों से बोर्ड का पोर्टल बंद कर दिया गया है, जिससे मजदूरों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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उन्होंने मांग उठाई कि बोर्ड की साइट खोली जाए और रुके हुए लाभों का भुगतान हो सके। मनरेगा का काम सभी गांवों में तुरंत शुरू किया जाए, 200 दिन काम और वेतन 800 रुपये दैनिक किया जाए। न्यूनतम वेतन 26 हजार मासिक किया जाए। हरियाणा में न्यूनतम वेतन 2015 में संशोधित किया गया था, लेकिन उसके बाद 10 वर्ष बीत चुके हैं और अभी तक कोई संशोधन नहीं हुआ है।
इस दौरान संदीप जाजवान, जोगिंद्र इगराह, सतीश कुमार बड़ोदा, कश्मीर सिंह, रवि बड़ोदा, पवन कुमार, सरोज जुलाना, प्रदीप जुलाना और कश्मीर ईगराह मौजूद रहे।
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जींद। संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने रविवार को हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के नाम राजन चिलाना को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने निर्माण मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को विधानसभा में उठाने और उनका समाधान करवाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर पूरा नहींं किया गया तो 17 और 18 जनवरी को जींद, कैथल, करनाल और पानीपत जिलों के हजारों निर्माण मजदूर डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के आवास पर दिन-रात का पड़ाव डालेंगे।
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2005 में हरियाणा में निर्माण मजदूरों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन किया गया था जिसे 2018 में ऑनलाइन कर दिया गया। इस बोर्ड से मजदूरों को विभिन्न लाभ मिलते थे, लेकिन पिछले छह महीनों से बोर्ड का पोर्टल बंद कर दिया गया है, जिससे मजदूरों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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उन्होंने मांग उठाई कि बोर्ड की साइट खोली जाए और रुके हुए लाभों का भुगतान हो सके। मनरेगा का काम सभी गांवों में तुरंत शुरू किया जाए, 200 दिन काम और वेतन 800 रुपये दैनिक किया जाए। न्यूनतम वेतन 26 हजार मासिक किया जाए। हरियाणा में न्यूनतम वेतन 2015 में संशोधित किया गया था, लेकिन उसके बाद 10 वर्ष बीत चुके हैं और अभी तक कोई संशोधन नहीं हुआ है।
इस दौरान संदीप जाजवान, जोगिंद्र इगराह, सतीश कुमार बड़ोदा, कश्मीर सिंह, रवि बड़ोदा, पवन कुमार, सरोज जुलाना, प्रदीप जुलाना और कश्मीर ईगराह मौजूद रहे।