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Haryana: वापस ले लो टैब... बच्चे देख रहे असभ्य चीजें, पंचायत ने सीएम व विभाग को लिखा पत्र

Sat, 29 Jul 2023 04:18 AM IST
भूपेंद्र सिंह सतीश जागलान, संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
सतीश जागलान, संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 29 Jul 2023 04:18 AM IST
सार

जींद जिले की एक पंचायत ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री और एसीएस को पत्र लिख टैब वापस लेने की मांग की है। पंचायत का कहना है कि सरकार से मिले टैबलेट बच्चों को पढ़ाई से दूर ले जा रहे हैं। कहा किविद्यार्थी आपत्तिजनक सामग्री देख रहे हैं और पढ़ने की जगह गेम खेल रहे हैं। सरपंच से अभिभावक शिकायत कर रहे हैं, इसलिए सरकार को पत्र लिखा है।

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A panchayat of Jind wrote a letter to the CM and the department to take back the tabs given to the students
टैबलेट-मोबाइल। सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

‘सरकार...हमारे बच्चों से टैब वापस ले लो। बच्चे नए-नए एप डाउनलोड करके सारा दिन गेम खेलते हैं। दूसरी असभ्य चीजें देखते हैं। वे सारा दिन टैब पर लगे रहते हैं। पढ़ने के बजाय और बिगड़ रहे हैं। टैब का सद्पयोग होने के बजाय दुरुपयोग हो रहा है।’ 

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अभिभावकों की कुछ ऐसी ही शिकायतों को देख जींद के गांव ढिगाना की पंचायत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गृहमंत्री अनिल विज और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिख टैब वापस लेने की मांग कर डाली। गांव के सरपंच विनोद कुमार ने कहा कि गांव में रहने वाले अभिभावकों की शिकायतें उनके पास लगातार आ रही हैं।
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अभिभावकों को चिंता है कि टैब के कारण उनके बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है। पूरा दिन गेम खेलने से पढ़ाई की तरफ उनका कोई ध्यान नहीं है। टैबलेट बच्चों को पढ़ाई व उनसे दूर लेकर जा रही है। इसी कारण वे चाहते हैं कि सरकार टैब वापस ले ले।
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खुद सरपंच ने देखी गड़बड़ी, तब चिंता बढ़ी
सरपंच विनोद कुमार ने कहा कि उन्होंने कई बच्चों को खुद टैबलेट पर आपत्तिजनक साइट देखते हुए पाया। इसके अलावा कई बच्चे सारा दिन गेम खेलते देखे गए। इससे उनको चिंता हुई। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे अपनी मर्जी से ऐसे ऐप डाउनलोड कर लेते हैं, जो असभ्य होते हैं। उन्होंने खुद कई बच्चों के टैबलेट में ऐसे ऐप देखे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भी उनको इस प्रकार की शिकायतें की।

प्रदेश के 8 लाख छात्रों  को मिला था टैबलेट
हरियाणा सरकार ने 9वीं से 12वीं तक की कक्षा के लगभग आठ लाख बच्चों को टैबलेट दिए थे ताकि वे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हुए तकनीक की दौड़ में पीछे न रहें। जींद जिले के 25805 विद्यार्थी हैं। इनमें से 22494 को टैबलेट मिला था।

कब होगा एमडीएम लागू
सरकार ने टैबलेट देते समय एमडीएम यानी मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट प्रणाली लागू करने की बात कही थी। एमडीएम ऐसी सुविधा है, जो टैबलेट में अनेक प्रकार की साइट्स को प्रतिबंधित कर देती है। इससे बच्चे आपत्तिजनक सामग्री नहीं देख सकते, लेकिन ऐसा अभी तक लागू नहीं हुआ है। यदि यह लागू होता तो अभिभावकों को इतनी परेशानी नहीं होती। सरपंच ने कहा कि आजकल बच्चे इतने तेज हो गए हैं कि वह एमडीएम का भी कोई न कोई तोड़ ढूंढ लेते हैं।


टैबलेट के दुरुपयोग की शिकायत अभी मुझे नहीं मिली है। यदि ऐसा हो रहा है तो इसके समाधान के प्रयास किए जाएंगे। शिकायत आने पर उच्चाधिकारियों के संज्ञान में इस मामले को लाया जाएगा। -विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी।

  • जींद जिले में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी - 25805
  • जिले में बच्चों को अब तक दिए गए टैबलेट - 22494
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