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Jind News: खुशहाल कक्षा से बढ़ती है रचनात्मकता और आत्मविश्वास
Sat, 30 May 2026 05:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 30 May 2026 05:59 PM IST
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30जेएनडी12: हैप्पी क्लासरूम विषय पर आयोजित सेमिनार में मौजूद रहे अध्यापक। स्रोत : स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। डीएवी शताब्दी पब्लिक स्कूल में हैप्पी क्लासरूम विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। शुभारंभ प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार, रिसोर्स पर्सन विपुल शर्मा और सुवीरा हलवासिया ने किया। कई विद्यालयों के 60 शिक्षकों ने भाग लिया।
रिसोर्स पर्सन विपुल शर्मा ने शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रभावी संवाद और विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संबंध स्थापित करने के महत्व से अवगत कराया। वहीं सुवीरा हलवासिया ने तनावमुक्त, प्रेरणादायक और आनंददायक शिक्षण वातावरण तैयार करने के व्यावहारिक उपाय बताए।
सेमिनार के दौरान कविताओं, कहानियों, समूह चर्चाओं और रोचक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई। प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाना और जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।
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उन्होंने कहा कि खुशहाल कक्षा का वातावरण विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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जींद। डीएवी शताब्दी पब्लिक स्कूल में हैप्पी क्लासरूम विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। शुभारंभ प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार, रिसोर्स पर्सन विपुल शर्मा और सुवीरा हलवासिया ने किया। कई विद्यालयों के 60 शिक्षकों ने भाग लिया।
रिसोर्स पर्सन विपुल शर्मा ने शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रभावी संवाद और विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संबंध स्थापित करने के महत्व से अवगत कराया। वहीं सुवीरा हलवासिया ने तनावमुक्त, प्रेरणादायक और आनंददायक शिक्षण वातावरण तैयार करने के व्यावहारिक उपाय बताए।
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सेमिनार के दौरान कविताओं, कहानियों, समूह चर्चाओं और रोचक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई। प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाना और जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।
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उन्होंने कहा कि खुशहाल कक्षा का वातावरण विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।