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डीसी ऑफिस के रिकार्ड रूम में नकल देने की एवज में रिश्वत का खेल
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भले ही प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर जो दे रही है लेकिन कर्मचारी हैं कि मानते ही नहीं। ऐसा ही मामला अब डीसी ऑफिस के रिकार्ड रूम में सामने आया है। इसमें चल रही रिश्वत के खेल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो वायरल करने वाले सुनील कपूर के अनुसार उन्होंने दो प्लाटों की नकल के लिए शुक्रवार को आवेदन किया था। हालांकि नकल हाथोंहाथ ही देनी होती है और इसके लिए दस रुपये फीस निर्धारित है। वहीं शाखा के कर्मचारी तुरंत नकल देने के नाम पर 200 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक लेते हैं। कपूर के अनुसार वे नकल लेने के लिए गए तो उन्हें बताया गया कि तुरंत नकल लेनी है तो फीस लगेगी। इस पर पास के ही एक अन्य कमरे में एक व्यक्ति के पास भेजा गया। बताया गया कि यह व्यक्ति सरकारी कर्मचारी नहीं है और काम उसे करना है लेकिन रिपोर्ट अन्य कर्मी को देनी है। इसकी एवज में पैसे लिए जाते हैं। कपूर के अनुसार पैसे नहीं देने पर लोगों के दो-दो सप्ताह तक चक्कर कटवाए जाते हैं।
दो घंटे में नकल देने की बात
वीडियो में एक अन्य व्यक्ति सुनील कपूर से पूछता है कि अभी चाहिए तो फीस लगेगी। इस पर बताया जाता है 200 रुपये, इसके बाद कहा जा रहा है अभी दस बजे हैं, करीब 12 बजे नकल ले लेना।
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करवाई जाएगी जांच
मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है। लोगों से अपील है कि इस प्रकार के मामलों में लिखित शिकायत दें ताकि सही कार्रवाई की जा सके। इस मामले में भी लिखित शिकायत की अपील है। इसके बाद मामले की जांच करवाई जाएगी, यदि कोई भी कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
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वीडियो वायरल करने वाले सुनील कपूर के अनुसार उन्होंने दो प्लाटों की नकल के लिए शुक्रवार को आवेदन किया था। हालांकि नकल हाथोंहाथ ही देनी होती है और इसके लिए दस रुपये फीस निर्धारित है। वहीं शाखा के कर्मचारी तुरंत नकल देने के नाम पर 200 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक लेते हैं। कपूर के अनुसार वे नकल लेने के लिए गए तो उन्हें बताया गया कि तुरंत नकल लेनी है तो फीस लगेगी। इस पर पास के ही एक अन्य कमरे में एक व्यक्ति के पास भेजा गया। बताया गया कि यह व्यक्ति सरकारी कर्मचारी नहीं है और काम उसे करना है लेकिन रिपोर्ट अन्य कर्मी को देनी है। इसकी एवज में पैसे लिए जाते हैं। कपूर के अनुसार पैसे नहीं देने पर लोगों के दो-दो सप्ताह तक चक्कर कटवाए जाते हैं।
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दो घंटे में नकल देने की बात
वीडियो में एक अन्य व्यक्ति सुनील कपूर से पूछता है कि अभी चाहिए तो फीस लगेगी। इस पर बताया जाता है 200 रुपये, इसके बाद कहा जा रहा है अभी दस बजे हैं, करीब 12 बजे नकल ले लेना।
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करवाई जाएगी जांच
मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है। लोगों से अपील है कि इस प्रकार के मामलों में लिखित शिकायत दें ताकि सही कार्रवाई की जा सके। इस मामले में भी लिखित शिकायत की अपील है। इसके बाद मामले की जांच करवाई जाएगी, यदि कोई भी कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।