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950 निश्रारित और विधवाओं को मिलेगी अटकी पेंशन, कागजात दोबारा करवाने होंगे जमा क
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-जिला समाज विभाग कार्यालय में दस्तावेज जमा करवाने वालों की लगी भीड़। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। जिला में जिन निश्रारित और विधवाओं की कई महीने से पेंशन अटकी हुई है। उनको एक महीने तक अटकी हुई पेंशन मिल जाएगी। समाज कल्याण विभाग ने अपने पोर्टल पर एक विकल्प दिया है, वहां पर कागजात अपलोड किए जा सकते हैं। कई महीनों से अटकी हुई पेंशन को दोबारा शुरू करवाने के लिए जिला कार्यालय में निश्रारित के लिए दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र और विधवा मामले में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र की प्रति जमा करवानी होगी। इसके अलावा अटल सेवा केंद्र पर विभाग के पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड भी किए जा सकते हैं। उन्होंने विभाग कार्यालय या फिर अटल सेवा केंद्र पर बार-बार धक्के खाने की जरूरत नहीं है। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद पेंशन पात्रों को अटकी हुई पेंशनों का लाभ सितंबर महीने के अंत तक मिल जाएगा।
समाज कल्याण विभाग निदेशालय ने जिला कार्यालय के पास 950 निश्रारित और विधवा महिलाओं की सूची भेजी थी। निदेशालय ने कार्यालय कर्मचारियों को आदेश दिए थे कि पेंशनभोगियों के दस्तावेजों की जांच करवाई जाए। कहीं यह फर्जी तरीके से पेंशन तो नहीं ले रहे। इस पर जिला कार्यालय के कर्मचारियों ने इन 950 पेंशन पात्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। अब तक कर्मचारियों ने 85 पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है, जिनके दस्तावेज सही पाए गए और उन पेंशनपात्रों की अटकी हुई पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है। अब बचे हुए 865 पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसको लेकर पेंशन पात्र जिला कार्यालय में अपने-अपने दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं और उनकी जांच करवा रहे हैं।
3 महीने पहले 4576 की सूची आई थी
जिन महिलाओं ने अपने पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी कर ली। इसके अलावा जिन पति और पत्नी की सालाना आय दो लाख से ऊपर मिली। वहीं कुछ लोग फर्जी कागजातों के सहारे बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रहे थे। उन पर कार्रवाई करने के लिए निदेशालय ने पूरे प्रदेश से 20 हजार से ज्यादा लोगों की पेंशन रोक दी थी। इसके कारण जिले में भी हजारों लोगों की पेंशन अटक गई थी। पेंशन अटकने के कारण निश्रारित, विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग बार-बार विभाग कार्यालय के चक्कर काटने लगे थे। फिर निदेशालय ने 4576 लोगों की सूची भेजी, जिन पर फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ लेने का शक था। इसके बाद कर्मचारियों ने इन पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच की गई थी। उसके बाद ही पेंशन दोबारा शुरू हो पाई थी।
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पोर्टल पर दिया है विकल्प
विभाग के पोर्टल पर एक विकल्प दिया है। जिन निश्रारित और विधवाओं की पेंशन अटकी हुई है। वहां पर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करवाएं या फिर इन दस्तावेजों को विभाग कार्यालय में जमा करवाएं, ताकि उनके कागजातों की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू हो सके।
सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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समाज कल्याण विभाग निदेशालय ने जिला कार्यालय के पास 950 निश्रारित और विधवा महिलाओं की सूची भेजी थी। निदेशालय ने कार्यालय कर्मचारियों को आदेश दिए थे कि पेंशनभोगियों के दस्तावेजों की जांच करवाई जाए। कहीं यह फर्जी तरीके से पेंशन तो नहीं ले रहे। इस पर जिला कार्यालय के कर्मचारियों ने इन 950 पेंशन पात्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। अब तक कर्मचारियों ने 85 पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है, जिनके दस्तावेज सही पाए गए और उन पेंशनपात्रों की अटकी हुई पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है। अब बचे हुए 865 पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसको लेकर पेंशन पात्र जिला कार्यालय में अपने-अपने दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं और उनकी जांच करवा रहे हैं।
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3 महीने पहले 4576 की सूची आई थी
जिन महिलाओं ने अपने पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी कर ली। इसके अलावा जिन पति और पत्नी की सालाना आय दो लाख से ऊपर मिली। वहीं कुछ लोग फर्जी कागजातों के सहारे बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रहे थे। उन पर कार्रवाई करने के लिए निदेशालय ने पूरे प्रदेश से 20 हजार से ज्यादा लोगों की पेंशन रोक दी थी। इसके कारण जिले में भी हजारों लोगों की पेंशन अटक गई थी। पेंशन अटकने के कारण निश्रारित, विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग बार-बार विभाग कार्यालय के चक्कर काटने लगे थे। फिर निदेशालय ने 4576 लोगों की सूची भेजी, जिन पर फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ लेने का शक था। इसके बाद कर्मचारियों ने इन पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच की गई थी। उसके बाद ही पेंशन दोबारा शुरू हो पाई थी।
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पोर्टल पर दिया है विकल्प
विभाग के पोर्टल पर एक विकल्प दिया है। जिन निश्रारित और विधवाओं की पेंशन अटकी हुई है। वहां पर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करवाएं या फिर इन दस्तावेजों को विभाग कार्यालय में जमा करवाएं, ताकि उनके कागजातों की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू हो सके।
सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी