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मार्च में हुए समझौते की शर्ते सरकार माने नहीं मानी तो करेंगे 14 को रोड जाम
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:05 AM IST
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उचाना। जाट आरक्षण संघर्ष समिति उचाना ब्लॉक के प्रधान बलवंत मोर, महासचिव लीलू बड़नपुर की अगुवाई वाली टीम ने उचाना कलां, पालवां, खरकभूरा गांवों के दौरे किए। उन्होंने कहा कि 19 मार्च 2017 को हुए समझौते ही सभी शर्तें सरकार ने नहीं मानी तो जाट समाज के लोग नेशनल हाइवे बंद करने को मजबूर होंगे। 14 फरवरी को दिल्ली-पटियाला हाइवे पर खटकड़ गांव में एकत्रित होकर जाम किया जाएगा। इसको लेकर सभी गांवों के दौरे टीम द्वारा किए जा रहे है। जींद में 15 फरवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जो समझौते में शर्तें सरकार ने मानी थी उनको पूरा नहीं कर रही है। सरकार अपने समझौते से मुकर रही है। इस बार अपनी मांगों को लेकर सरकार के बहकावे में नहीं आने वाले है। सरकार को चाहिए कि वो 14 फरवरी से पहले जो समझौता जाट नेताओं सरकार के बीच हुआ था उस समझौते ही शर्तों को माने। सरकार अगर इन शर्तों को नहीं मानती है तो इस बार अपनी मांगों को लेकर हर कुर्बानी देने के लिए तैयार है। इस मौके पर मांगेराम, पवन, भीरा, भान, विक्रम, महेंद्र मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जो समझौते में शर्तें सरकार ने मानी थी उनको पूरा नहीं कर रही है। सरकार अपने समझौते से मुकर रही है। इस बार अपनी मांगों को लेकर सरकार के बहकावे में नहीं आने वाले है। सरकार को चाहिए कि वो 14 फरवरी से पहले जो समझौता जाट नेताओं सरकार के बीच हुआ था उस समझौते ही शर्तों को माने। सरकार अगर इन शर्तों को नहीं मानती है तो इस बार अपनी मांगों को लेकर हर कुर्बानी देने के लिए तैयार है। इस मौके पर मांगेराम, पवन, भीरा, भान, विक्रम, महेंद्र मौजूद रहे।
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