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जुलाना में 90 व जींद में 80 एमएम बारिश से बाढ़ जैसे हालात
jind
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:05 AM IST
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बारिश से नदी में बदली सफीदों की सड़क।
- फोटो : bureau
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शुक्रवार रात और शनिवार हुई में झमाझम से जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सड़कों पर नदियों जैसे पानी की धार बहने लगी और कॉलोनियां पानी भरने के कारण तालाब बन गई हैं। सीवर चोंक हो गए और नाले ओवरफ्लो होकर सड़काें पर बहने लगे। जिले में हुई 90 एमएम बारिश में नगरीय प्रशासन के दावे भी बह गए। जींद में 80 और जुलाना में 90 एमएमए बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं, लेकिन जलभराव के कारण काफी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दो और दिनों में बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को दिन भर लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी का सामना किया, लेकिन शाम होते-होते गर्मी से कुछ राहत मिली। रात करीब 11 बजे शुरू हुई बूंदाबांदी रात भर जारी रही। सुबह कुछ रुकने के बाद बारिश फिर से करीब साढ़े आठ बजे शुरू हो गई, जो दोपहर तीन बजे तक जारी रही। इसके बाद कुछ देर रुकने के बाद फिर से बूंदाबांदी शुरू हो गई।
राहत की बूंदों से दस डिग्री तक गिरा पारा
हालांकि तापमान में गिरावट शुक्रवार शाम से ही शुरू हो गई थी, लेकिन रात को शुरू हुई बारिश के बाद शनिवार दिन के मुकाबले तापमान में दस डिग्री तक की गिरावट आई। अब तक 39-40 डिग्री तक चल रहा तापमान शनिवार को 29 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 20 डिग्री तक आ गया। इससे लोगों को भयंकर गर्मी से राहत मिली।
किसानों के लिए बरसा सोना
फिलहाल किसानों को बारिश की सबसे अधिक जरूरत थी। एक ओर किसान धान की रोपाई की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पहले से बिजी गई फसलों को भी पानी की सख्त जरूरत थी। ऐसे में किसानों के लिए यह आसमानी सोना बरसा है।
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निचले इलाकों में भरा पानी
शनिवार को हुई मुसलाधार बारिश के कारण शहर के अधिकतर निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। झांझ गेट स्थित जैन नगर में बारिश का पानी लोगों के घरों तक दस्तक देने लगा। वहीं आसपास के खाली प्लाटों में भरा पानी भी अब लोगों के लिए आफत बनने लगा है। जैन नगर निवासी भरत सिंह, राजकुमार, दीपिका, प्रीति व विक्की, अशोक, पूनम, अमित और दीपक ने बताया कि यहां भरा पानी बदबू मारता है और इसकी शिकायत प्रशासन से करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं शहर के रोहतक रोड, पटियाला चौक, बस स्टैंड, दुर्गा कॉलोनी, राम नगर, भारत नगर, भटनागर कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, गुरुद्वारा कॉलोनी सहित कई अन्य जगह भी भारी जलभराव की स्थिति बनी रही। हालांकि प्रशासन ने यहां पंपसेट लगाकर बारिश का पानी निकासी की व्यवस्था की, लेकिन पानी की आगे प्रशासन की व्यवस्था बोनी रह गई।
सफीदों 24 घंटे बारिश में जलभराव
क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से हो रही बरसात से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। किसानों के लिए भी बारिश वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इससे किसानों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
उचाना में बाढ़ जैसे हालात
मानसून की दूसरी बारिश ने शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। राजेंद्रा कॉलोनी, डाकघर रोड, लितानी रोड, पुरानी मंडी में कई-कई फीट पानी भर गया। पुरानी मंडी में वाहनों में आवागमन के चलते बारिश का पानी दुकानों में न भरे इसके लिए सभी गेट बंद कर कर दिए गए। मंडी में पानी निकासी को लेकर मार्केटिंग बोर्ड विभाग द्वारा 25 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च करने के बाद भी यहां पर बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। कई सालों से ड्रेन बनने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। वाहन चालकों को पुराने बस स्टैंड पर जाने के लिए कॉलोनियों के रास्ते, नरवाना बाईपास से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
नरवाना में दिन भर झमाझम
शनिवार सुबह चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से निजात दिलाई वहीं बारिश ने प्रशासन की कार्यप्रणाली की भी पोल खोल कर रखी दी है। बरसात होने के कारण शहर के दिल्ली-पटियाला हाईवे ,पुराना बस अड्डा, रेलवे रोड़, विश्वकर्मा चौक पर काफ ी मात्रा में पानी जमा हो गया। जिसके कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ लोग घरों से पानी निकालते हुए नजर आए। जगह-जगह जलभराव से राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बरसात से आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। जिसके चलते बाजारों में रौनक गायब दिखाई दी।
दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे बना तालाब
भारी बारिश के कारण दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे पानी भरने के कारण तालाब जैसा बन गया। सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए। जिसके कारण वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई मोटरसाइकिल चालक गहरे गड्ढों के शिकार हो गए। जिससे उनको चोटें भी लगीं।
धान रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
बरसात होने बाद जिन किसानों की धान रोपाई बाकी थी उन्होंने काम में तेजी ला दी है। किसान रामकुमार, जयसिंह, सतबीर ने बताया कि यह बरसात धान की फ सल के लिए लाभदायक है। इस समय खेतों में धान रोपाई का कार्य चल रहा है। पूर्व में जो धान खेतों में लगाई गई थी वह बरसात न होने के कारण सूखने लगी थी, अब बरसात होने से धान की फ सल को काफ ी फ ायदा हुआ है।
जिले में बारिश की स्थिति
ब्लॉक बारिश एमएम)
जींद 80
नरवाना 25
उचाना 40
सफीदों 30
पिल्लूखेड़ा 50
अलेवा 45
जुलाना 90
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राहत की बूंदों से दस डिग्री तक गिरा पारा
हालांकि तापमान में गिरावट शुक्रवार शाम से ही शुरू हो गई थी, लेकिन रात को शुरू हुई बारिश के बाद शनिवार दिन के मुकाबले तापमान में दस डिग्री तक की गिरावट आई। अब तक 39-40 डिग्री तक चल रहा तापमान शनिवार को 29 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 20 डिग्री तक आ गया। इससे लोगों को भयंकर गर्मी से राहत मिली।
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किसानों के लिए बरसा सोना
फिलहाल किसानों को बारिश की सबसे अधिक जरूरत थी। एक ओर किसान धान की रोपाई की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पहले से बिजी गई फसलों को भी पानी की सख्त जरूरत थी। ऐसे में किसानों के लिए यह आसमानी सोना बरसा है।
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निचले इलाकों में भरा पानी
शनिवार को हुई मुसलाधार बारिश के कारण शहर के अधिकतर निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। झांझ गेट स्थित जैन नगर में बारिश का पानी लोगों के घरों तक दस्तक देने लगा। वहीं आसपास के खाली प्लाटों में भरा पानी भी अब लोगों के लिए आफत बनने लगा है। जैन नगर निवासी भरत सिंह, राजकुमार, दीपिका, प्रीति व विक्की, अशोक, पूनम, अमित और दीपक ने बताया कि यहां भरा पानी बदबू मारता है और इसकी शिकायत प्रशासन से करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं शहर के रोहतक रोड, पटियाला चौक, बस स्टैंड, दुर्गा कॉलोनी, राम नगर, भारत नगर, भटनागर कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, गुरुद्वारा कॉलोनी सहित कई अन्य जगह भी भारी जलभराव की स्थिति बनी रही। हालांकि प्रशासन ने यहां पंपसेट लगाकर बारिश का पानी निकासी की व्यवस्था की, लेकिन पानी की आगे प्रशासन की व्यवस्था बोनी रह गई।
सफीदों 24 घंटे बारिश में जलभराव
क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से हो रही बरसात से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। किसानों के लिए भी बारिश वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इससे किसानों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
उचाना में बाढ़ जैसे हालात
मानसून की दूसरी बारिश ने शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। राजेंद्रा कॉलोनी, डाकघर रोड, लितानी रोड, पुरानी मंडी में कई-कई फीट पानी भर गया। पुरानी मंडी में वाहनों में आवागमन के चलते बारिश का पानी दुकानों में न भरे इसके लिए सभी गेट बंद कर कर दिए गए। मंडी में पानी निकासी को लेकर मार्केटिंग बोर्ड विभाग द्वारा 25 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च करने के बाद भी यहां पर बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। कई सालों से ड्रेन बनने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। वाहन चालकों को पुराने बस स्टैंड पर जाने के लिए कॉलोनियों के रास्ते, नरवाना बाईपास से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
नरवाना में दिन भर झमाझम
शनिवार सुबह चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से निजात दिलाई वहीं बारिश ने प्रशासन की कार्यप्रणाली की भी पोल खोल कर रखी दी है। बरसात होने के कारण शहर के दिल्ली-पटियाला हाईवे ,पुराना बस अड्डा, रेलवे रोड़, विश्वकर्मा चौक पर काफ ी मात्रा में पानी जमा हो गया। जिसके कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ लोग घरों से पानी निकालते हुए नजर आए। जगह-जगह जलभराव से राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बरसात से आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। जिसके चलते बाजारों में रौनक गायब दिखाई दी।
दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे बना तालाब
भारी बारिश के कारण दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे पानी भरने के कारण तालाब जैसा बन गया। सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए। जिसके कारण वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई मोटरसाइकिल चालक गहरे गड्ढों के शिकार हो गए। जिससे उनको चोटें भी लगीं।
धान रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
बरसात होने बाद जिन किसानों की धान रोपाई बाकी थी उन्होंने काम में तेजी ला दी है। किसान रामकुमार, जयसिंह, सतबीर ने बताया कि यह बरसात धान की फ सल के लिए लाभदायक है। इस समय खेतों में धान रोपाई का कार्य चल रहा है। पूर्व में जो धान खेतों में लगाई गई थी वह बरसात न होने के कारण सूखने लगी थी, अब बरसात होने से धान की फ सल को काफ ी फ ायदा हुआ है।
जिले में बारिश की स्थिति
ब्लॉक बारिश एमएम)
जींद 80
नरवाना 25
उचाना 40
सफीदों 30
पिल्लूखेड़ा 50
अलेवा 45
जुलाना 90